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गौ तस्करी

Wed, 10 Jan 2018 02:29 AM IST
Updated Wed, 10 Jan 2018 02:29 AM IST
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गौ तस्करी
वसूली करके प्रदेश में पशु तस्करी का मामला:
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गो तस्करी पर शिकंजा, भेड़-बकरी, भैंस बनी तस्करों की ढाल

- गो तस्करी में ज्यादा सजा के डर से तस्करों ने शुरू की अन्य पशुओं की तस्करी
- आरोपी महेंद्र ने वसूली करके आठ महीने में बनाया आलीशान मकान और खरीदी गाड़ियां

शनि शर्मा
रोहतक।

हरियाणा में पशु तस्करी को बढ़ावा देने वाले गिरोह के सदस्य शातिर तरीके से अपने धंधे को फैलाने में जुटे है। प्रदेश में हरियाणा गौवंश संरक्षण एवं गोसंवर्धन कानून लागू होने के बाद तस्करों ने अपना धंधा चलाने के लिए गौवंश की तस्करी तो कम कर दी लेकिन अब अन्य पशुओं की तस्करी उनकी ढाल बन गई है। इसके गवाह है जिले में वर्ष 2017 में दर्ज किये गये केस। पिछले साल जहां गौवंश संरक्षण एवं गोसंवर्धन कानून के तहत नौ केस दर्ज किये गये तो पशु तस्करी के मामले में इनकी संख्या दोगुनी होकर 18 पहुंच गई।

यूं समझे गौवंश की तस्करी से बचने का गणित-

हरियाणा गौवंश संरक्षण एवं गोसंवर्धन कानून: सजा ज्यादा और गैरजमानती अपराध
यदि कोई आरोपी गौवंश की तस्करी के मामले में पकड़ा जाता है तो उसके खिलाफ हरियाणा गौवंश संरक्षण एवं गोसंवर्धन अधिनियम 2015 के तहत केस दर्ज किया जाता है। इस कानून में आरोपी को दोषी करार दिये जाने पर उसे सात से दस साल की कैद हो सकती है। साथ ही यह अपराध गैर जमानती भी है। सजा और गैर जमानती अपराध होने के कारण आरोपी गौवंश की तस्करी से बच रहे है।
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पशु क्रूरता अधिनियम: पकड़े जाने पर अधिकतम 200 रुपये जुर्माना और साथ के साथ जमानत
दूसरी तरफ पशु क्रूरता अधिनियम गौवंश की तस्करी पर लागू नहीं होता है। गौवंश के अलावा अन्य पशु भैंस, बकरी, भेड़ की तस्करी करने पर इसके तहत कार्रवाई की जाती है। इस अधिनियम के तहत आरोपी की मौके पर ही जमानत मंजूर हो जाती है। सजा के तौर पर आरोपी पर 35 रुपये से लेकर 200 रुपये तक का जुर्माना लगता है। इसी कारण अन्य पशुओं की तस्करी के मामलों में बढ़ोत्तरी हुई है।
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भारतीय पशु कल्याण बोर्ड की टीम पहुंची महेंद्र के घर
अमर उजाला में वसूली करके पशु तस्करी करवाने की खबर प्रकाशित होने के बाद भारतीय पशु कल्याण बोर्ड की एक टीम आरोपी महेंद्र की पड़ताल करने भूना पहुंची। पशु कल्याण की आड़ में तस्करी करने वाला महेंद्र घर से फरार मिला। पर्यावरण मंत्रालय की शाखा भारतीय पशु कल्याण बोर्ड के अधिकारियों ने पड़ताल करने के बाद दावा किया है कि महेंद्र उनके बोर्ड का सदस्य नहीं है। वह फर्जी तरीके से सदस्य बनकर पशु तस्करी के नाम पर वाहन चालकोें से वसूली कर रहा था। इस मामले को लेकर बोर्ड के अधिकारी एसपी से भी मुलाकात करेंगे।

तस्कर ने आठ महीने में गाड़ियां खरीदकर बनाया आलीशान मकान
बोर्ड की जांच टीम ने भूना जाकर महेंद्र के बारे में पड़ताल की तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। भारतीय पशु कल्याण बोर्ड के कल्याण अधिकारी हिमांशु चांदना ने बताया कि आठ महीने पहले महेंद्र के पास न तो गाड़ियां थी और न ही बड़ा घर। मगर अब उसके पास एक स्कार्पियों सहित दो कैंटर व आलीशान मकान है। चांदना का दावा है कि उसने पशुओं की तस्करी करवाकर वसूली करके सारी संपत्ति बर्नाई है। अब बोर्ड के सदस्य एसपी से मिलकर उसकी संपत्ति अटैच करने की मांग करेंगे।

तस्करों पर कड़ी निगरानी, विशेष टीम गठित
वहीं, तस्करी के मामलों को लेकर जिला पुलिस ने इन कड़ी निगरानी रखनी शुरू कर दी है। इसके लिए विशेष टीम को भी लगाया गया है। जांच अधिकारी एएसआई संजय कुमार के नेतृत्व पुलिस की टीम ने आरोपी महेंद्र की तलाश में भूना में छापेमारी की। लेकिन उसका सुराग नहीं लगा। अब पुलिस उसके मोबाइल की लोकेशन खंगाल रही है। इसके अलावा उससे मिलने जुलने वाले लोगों के बारे में भी डिटेल इकट्ठा की जा रही है।

ये था मामला
कलानौर थाना पुलिस ने 6 जनवरी को जिंदरान मोड़ पर भेड़ बकरियों से भरी हुई दो गाड़ियों के साथ चालक राजस्थान के चुरू स्थित गांव भालेरी निवासी लौमान और जाबिद निवासी गांव गलघटी थाना भोलेरी चुरू (राजस्थान) को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद जाबिद ने खुलासा किया था कि फतेहाबाद के कस्बे भूना का निवासी महेंद्र औड़ उससे तस्करी की गाड़ी के प्रति चक्कर के हिसाब से 6 हजार रुपये वसूलता है। जब पुलिस ने जांच की तो पता चला कि आरोपी महेंद्र खुद को पर्यावरण मंत्रालय के भारतीय पशु कल्याण बोर्ड का सदस्य बताकर वसूली करता था।


वर्जन

बोर्ड की टीम आरोपी महेंद्र की पड़ताल करने भूना गई थी। वह फर्जी तरीके से खुद को बोर्ड का सदस्य बनाकर वसूली कर रहा था। एसपी से मिलकर आरोपी महेंद्र की संपत्ति अटैच की मांग की जाएगी। आरोपी के बारे में एक रिपोर्ट बोर्ड के उच्च अधिकारियों को भी भेजी गई है।
- हिमांशु चांदना, पशु कल्याण अधिकारी, भारतीय पशु कल्याण बोर्ड

आरोपी महेंद्र की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। उसकी गिरफ्तारी के बाद गोरखधंधे में अन्य लोगों के नाम भी सामने आ सकते है।
पंकज नैन, एसपी रोहतक


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