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किसानों के खातों में सीधी पेमेंट करने का जताया विरोध
Updated Mon, 30 Apr 2018 01:00 AM IST
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किसानों के खातों में सीधी पेमेंट करने का जताया विरोध
चरखी दादरी।
अनाज मंडी में आढ़तियों की मीटिंग रविवार को आयोजित की गई। बैठक में फैसला लिया गया कि अगर सरकार ने खरीद की पेमेंट सीधे किसान के बैंक खाते के जरिए की तो वे खरीद का बहिष्कार करेंगे और अनिश्चितकाल के लिए मंडी बंद कर देंगे। इस समय मंडी में गेहूं का उठान कार्य चल रहा है। रविवार को भी अनाज मंडी से करीब सात हजार बैग का ही उठान किया गया।
अनाज मंडी में एक अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू हुई लेकिन मंडी में गेहूं की आवक 10 अप्रैल के आसपास शुरू हो गई थी। इसके बाद गेहूं की खरीद का कार्य जारी है। गेहूं की खरीद सरकारी एजेंसियों की ओर से आढ़तियों के जरिए करवाई जा रही है। आढ़तियों को इसके बदले कमीशन दिया जा रहा है। सरकार इस खरीदे गए गेहूं की पेमेंट संबंधित आढ़ती को करती है और आढ़ती इस पेमेंट का भुगतान किसान को करता है। अब सरकार की ओर ये नई बात सामने आई है। इसके तहत कहा गया है कि 27 अप्रैल के बाद गेहूं की जो खरीद हो रही है उसकी पेमेंट सरकार किसान के बैंक खातों में जमा करवाएगी। यह पेमेंट आढ़ती के जरिए किसान को नहीं दी जाएगी। सरकार के इस फैसले के विरोध में रविवार को अनाज मंडी में व्यापारियों एवं आढ़तियों की बैठक आयोजित की गई। अनाज मंडी प्रधान रामकुमार रिटोलिया ने बताया कि आढ़तियों ने सर्व सम्मति से निर्णय लिया है कि अगर सरकार ने गेहूं खरीद की पेमेंट सीधे किसानों के बैंक खातों में भिजवाई तो वे मंडी में खरीद कार्य का बहिष्कार कर देंगे। इतना ही नहीं अनिश्चितकाल के लिए मंडी में खरीद कार्य बंद कर दिया जाएगा। जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन व सरकार की होगी। मंडी प्रधान रामकुमार रिटोलिया ने कहा कि सरकार अब तक चले आ रहे पुराने पैटर्न के अनुसार ही खरीद की पेमेंट करे। आढ़ती ही किसान को यह पेमेंट करेगा। सरकार को इस पर जल्द ही फैसला लेना चाहिए। वही अनाज मंडी में रविवार को करीब सात गेहूं के बैग का उठान किया गया। इस दौरान गेहूं की गेहूं खरीद का कार्य नहीं हुआ। हालांकि अब आने दिनों में गेहूं की आवक धीरे-धीरे कम भी होने लगी है।
वर्जन::
::अगर सरकार ने आढ़तियों के जरिए किसानों को पेमेंट नहीं करवाई तो मंडी में खरीद कार्य बंद कर दिया जाएगा। अनिश्चित कालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।
रामकुमार रिटोलिया, अनाज मंडी प्रधान
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चरखी दादरी।
अनाज मंडी में आढ़तियों की मीटिंग रविवार को आयोजित की गई। बैठक में फैसला लिया गया कि अगर सरकार ने खरीद की पेमेंट सीधे किसान के बैंक खाते के जरिए की तो वे खरीद का बहिष्कार करेंगे और अनिश्चितकाल के लिए मंडी बंद कर देंगे। इस समय मंडी में गेहूं का उठान कार्य चल रहा है। रविवार को भी अनाज मंडी से करीब सात हजार बैग का ही उठान किया गया।
अनाज मंडी में एक अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू हुई लेकिन मंडी में गेहूं की आवक 10 अप्रैल के आसपास शुरू हो गई थी। इसके बाद गेहूं की खरीद का कार्य जारी है। गेहूं की खरीद सरकारी एजेंसियों की ओर से आढ़तियों के जरिए करवाई जा रही है। आढ़तियों को इसके बदले कमीशन दिया जा रहा है। सरकार इस खरीदे गए गेहूं की पेमेंट संबंधित आढ़ती को करती है और आढ़ती इस पेमेंट का भुगतान किसान को करता है। अब सरकार की ओर ये नई बात सामने आई है। इसके तहत कहा गया है कि 27 अप्रैल के बाद गेहूं की जो खरीद हो रही है उसकी पेमेंट सरकार किसान के बैंक खातों में जमा करवाएगी। यह पेमेंट आढ़ती के जरिए किसान को नहीं दी जाएगी। सरकार के इस फैसले के विरोध में रविवार को अनाज मंडी में व्यापारियों एवं आढ़तियों की बैठक आयोजित की गई। अनाज मंडी प्रधान रामकुमार रिटोलिया ने बताया कि आढ़तियों ने सर्व सम्मति से निर्णय लिया है कि अगर सरकार ने गेहूं खरीद की पेमेंट सीधे किसानों के बैंक खातों में भिजवाई तो वे मंडी में खरीद कार्य का बहिष्कार कर देंगे। इतना ही नहीं अनिश्चितकाल के लिए मंडी में खरीद कार्य बंद कर दिया जाएगा। जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन व सरकार की होगी। मंडी प्रधान रामकुमार रिटोलिया ने कहा कि सरकार अब तक चले आ रहे पुराने पैटर्न के अनुसार ही खरीद की पेमेंट करे। आढ़ती ही किसान को यह पेमेंट करेगा। सरकार को इस पर जल्द ही फैसला लेना चाहिए। वही अनाज मंडी में रविवार को करीब सात गेहूं के बैग का उठान किया गया। इस दौरान गेहूं की गेहूं खरीद का कार्य नहीं हुआ। हालांकि अब आने दिनों में गेहूं की आवक धीरे-धीरे कम भी होने लगी है।
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वर्जन::
::अगर सरकार ने आढ़तियों के जरिए किसानों को पेमेंट नहीं करवाई तो मंडी में खरीद कार्य बंद कर दिया जाएगा। अनिश्चित कालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।
रामकुमार रिटोलिया, अनाज मंडी प्रधान