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अमर उजाला स्टिंग : फीड बैक के नाम पर निगम का फर्जीवाडा
Updated Sun, 14 Jan 2018 03:01 AM IST
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अमर उजाला स्टिंग
स्वच्छता अभियान के सर्वे के नाम पर निगम में चल रहा फर्जीवाडा ----
मोबाइल नंबर भरकर ओटीपी पूछ खुद ही भर देते हैं फीडबैक
निगम में पहुंचने वाले लोगों को प्रश्न बताए बगैर ही भर दिए नंबर
महबूब अली
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
स्वच्छता अभियान के तहत नगर निगम लोगों को जागरूक कर रहा है। साथ ही सिटीजन फीडबैक साइट पर लोगों से स्वच्छता से संबंधित प्रश्न पूछे जा रहे हैं। लेकिन अमर उजाला की पड़ताल में कुछ और ही सामने आया। फीड बैक के नाम पर निगम के कर्मचारियों द्वारा फर्जीवाडे का खुलासा शनिवार को अमर उजाला द्वारा किए गए स्टिंग के दौरान हुआ।
स्टिंग के दौरान सामने आया है कि लोगों से फीडबैक लेने की जगह उनका मोबाइल नंबर डालकर ओटीपी पूछकर खुद ही अपने आप को नंबर दिए जा रहे हैं।
रोहतक की काठ मंडी
समय : 12.30 बजे
आधुनिक शौचालय का उद्घाटन करने के लिए सहकारिता मंत्री मनीष कुमार ग्रोवर आने वाले थे। यहां पर मंत्री जी के आने से पूर्व एक दुकान में स्वच्छता मिशन के तहत नगर निगम के कर्मचारी लोगों से फीड बैक ले रहे थे। रिपोर्टर भी फीड बैक देने के लिए पहुंचा। रिपोर्टर व निगम के कर्मचारी के बीच कुछ इस तरह से बातचीत हुई
रिपोर्टर : स्वच्छता के संबंध में फीड बैक देना है?
कर्मचारी : भाई अपना मोबाइल नंबर बताओ?
रिपोर्टर : (मोबाइल नंबर बता दिया)।
कर्मचारी : भाई तेरे नंबर पै एक नंबर आवैगा, उसे और बता दे।
रिपोर्टर : (ओटीपी बता दिया)
कर्मचारी : जाओ आपका फीडबैक हो चुका है।
रिपोर्टर : सवाल तो मुझे बताएं ही नहीं गए।
कर्मचारी : अरै भाई रोहतक बढ़िया साफ सिटी है, यही जवाब दोगे ना
रिपोर्टर : सवाल कौन-कौन से है, ये तो बता दो,
कर्मचारी : थोड़ी देर रुक, अभी बताते हैं।
(काफी देर तक सवाल नहीं बताए गए।)
इसके बाद रिपोर्टर ने यहां पर फीड बैक देने के लिए पहुंचे कई लोगों से बातचीत की। लोगों ने कुछ यूं कहां
सवाल ना पूछै म्हारे सै
रोहतक निवासी जॉनी जैसे ही दुकान के अंदर से फीड बैक देकर लौटे तो रिपोर्टर ने उनसे बात की। पूछा तुमसे स्वच्छता संबंधी कौन-कौन से सवाल पूछे गए? जॉनी ने बताया कि मुझसे कोई सवाल नहीं पूछे। बस, मोबाइल नंबर पूछा, इसके बाद ओटीपी कोड। सवालों के बारे में कहा कि सवाल भर दिए गए हैं।
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खुद ही भर दिए जवाब
रोहतक निवासी सुनील भी स्वच्छता के संबंध में फीडबैक देकर निकले। फीड बैक में कौन कौन से सवाल पूछे गए, यह पूछने पर सुनील ने कहा कि उनसे सिर्फ मेाबाइल नंबर व एक कोड पूछा गया। इसके बाद प्रश्नों के जवाब निगम के कर्मचारियों ने खुद ही भर दिए। मुझे सवालों के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
तुम टेंशन न लो, हम खुद ही भर देंगे
रोहतक निवासी मनोज फीड बैक देने के लिए पहुंचे तो एक कर्मचारी ने उनसे मोबाइल नंबर पूछा। इसके बाद कोड पूछने के बाद खुद ही सवालों का जवाब भर दिया। सवालों के बारे में पूछने पर कहा कि तुम टेंशन न लो, हम खुद ही फीड बैक भर देंगे। हर सवाल की तुम्हारी तो हां ही होगी ना। इसके बाद मनोज यहां से चले गए।
कई लोगों के मोबाइल में डाउनलोड कर दिए स्वच्छता मैप
निगम के कर्मचारियों ने कई लोगों के मोबाइल में खुद ही स्वच्छता मैप ऐप डाउनलोड या शेयरइट से ट्रांसफर और फिर इंस्टाल कर दिए। कई लोग तो ‘ऐप पर कैसे गंदगी की फोटो डालनी है या फिर शिक ायत करनी है की जानकारी लेने कर्मचारियों के पास आते रहे। कुछ की शिकायतों का समाधान हो गया। जबकि कुछ की शिकायतों का समाधान नहीं हो सका।
सहकारिता मंत्री के जाते ही फीड बैक लेना हो गया बंद
सहकारिता मंत्री मनीष कुमार ग्रोवर ने शनिवार को कई स्थानों पर आधुनिक शौचालय का उद्घाटन किया। देखने में आया कि जब तक मंत्री जी ने शौचालय का उद्घाटन नही किया, तब तक तो नगर निगम के कर्मचारी फीड बैक लेते नजर आए। मगर जैसे ही मंत्री उद्घाटन करने के बाद निकल गए तो कर्मचारियों ने भी लोगों का फीड बैक लेना बंद कर दिया। हालांकि पहुंचने वाले चंद लोगों का फीड बैक लिया जा रहा था।
लोगों को बुलाकर लिया जा रहा था फीड बैक
मंत्री जी के आने से पूर्व कर्मचारी लोगों को बुलाकर फीड बैक ले रहे थे। यहीं नही दो मोबाइल नंबर चलाने वाले एक व्यक्ति के तो दो फीडबैक देकर खुद ही नंबर दिए जा रहे थे।
यह पूछे जाने थे सवाल
- क्या आपको पता है आपके रोहतक शहर में स्वच्छता अभियान चल रहा है?
- क्या पिछले साल की अपेक्षा इस साल रोहतक शहर में सफाई अधिक है ?
- घर-घर जाकर कूड़ा उठवाया जा रहा है, क्या आपको जानकारी है?
- रोहतक में सफाई व्यवस्था से आपस संतुष्ट है या नहीं?
प्रदेश में सबसे अधिक मिल रहा फीड बैक
नगर निगम के अधिकारियों का दावा है कि प्रदेश के अंदर स्वच्छता के संबंध में सबसे अधिक फीड बैक मिल रहा है। मगर अमर उजाला के स्टिंग आपरेशन ने फीड बैक के फर्जीवाड़े की पोल खोलकर दी।
स्वच्छता अभियान के तहत फीड बैक लेने के नाम पर फर्जीवाडे का मामला संज्ञान में नही है। इस तरह की कोई शिकायत भी प्राप्त नहीं हुई है। जांच कराई जाएगी
- यश गर्ग, डीसी, रोहतक
फोटो परिचय
रोहतक की काठ मँडी में स्वच्छता के संबंध में फीड बैक देने के लिए पहुंचे लोग।
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फोटो
सिंहपुरा में मजदूर ममेरे भाईयों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत
गांव के रेस्टोरेंट के बाहर बेहोशी की अवस्था में पडे़ मिले थे दोनों
अस्पताल ले जाते समय दोनों ने तोड़ा दम
-पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम को भेजा
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स्वच्छता अभियान के सर्वे के नाम पर निगम में चल रहा फर्जीवाडा ----
मोबाइल नंबर भरकर ओटीपी पूछ खुद ही भर देते हैं फीडबैक
निगम में पहुंचने वाले लोगों को प्रश्न बताए बगैर ही भर दिए नंबर
महबूब अली
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
स्वच्छता अभियान के तहत नगर निगम लोगों को जागरूक कर रहा है। साथ ही सिटीजन फीडबैक साइट पर लोगों से स्वच्छता से संबंधित प्रश्न पूछे जा रहे हैं। लेकिन अमर उजाला की पड़ताल में कुछ और ही सामने आया। फीड बैक के नाम पर निगम के कर्मचारियों द्वारा फर्जीवाडे का खुलासा शनिवार को अमर उजाला द्वारा किए गए स्टिंग के दौरान हुआ।
स्टिंग के दौरान सामने आया है कि लोगों से फीडबैक लेने की जगह उनका मोबाइल नंबर डालकर ओटीपी पूछकर खुद ही अपने आप को नंबर दिए जा रहे हैं।
रोहतक की काठ मंडी
समय : 12.30 बजे
आधुनिक शौचालय का उद्घाटन करने के लिए सहकारिता मंत्री मनीष कुमार ग्रोवर आने वाले थे। यहां पर मंत्री जी के आने से पूर्व एक दुकान में स्वच्छता मिशन के तहत नगर निगम के कर्मचारी लोगों से फीड बैक ले रहे थे। रिपोर्टर भी फीड बैक देने के लिए पहुंचा। रिपोर्टर व निगम के कर्मचारी के बीच कुछ इस तरह से बातचीत हुई
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रिपोर्टर : स्वच्छता के संबंध में फीड बैक देना है?
कर्मचारी : भाई अपना मोबाइल नंबर बताओ?
रिपोर्टर : (मोबाइल नंबर बता दिया)।
कर्मचारी : भाई तेरे नंबर पै एक नंबर आवैगा, उसे और बता दे।
रिपोर्टर : (ओटीपी बता दिया)
कर्मचारी : जाओ आपका फीडबैक हो चुका है।
रिपोर्टर : सवाल तो मुझे बताएं ही नहीं गए।
कर्मचारी : अरै भाई रोहतक बढ़िया साफ सिटी है, यही जवाब दोगे ना
रिपोर्टर : सवाल कौन-कौन से है, ये तो बता दो,
कर्मचारी : थोड़ी देर रुक, अभी बताते हैं।
(काफी देर तक सवाल नहीं बताए गए।)
इसके बाद रिपोर्टर ने यहां पर फीड बैक देने के लिए पहुंचे कई लोगों से बातचीत की। लोगों ने कुछ यूं कहां
सवाल ना पूछै म्हारे सै
रोहतक निवासी जॉनी जैसे ही दुकान के अंदर से फीड बैक देकर लौटे तो रिपोर्टर ने उनसे बात की। पूछा तुमसे स्वच्छता संबंधी कौन-कौन से सवाल पूछे गए? जॉनी ने बताया कि मुझसे कोई सवाल नहीं पूछे। बस, मोबाइल नंबर पूछा, इसके बाद ओटीपी कोड। सवालों के बारे में कहा कि सवाल भर दिए गए हैं।
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खुद ही भर दिए जवाब
रोहतक निवासी सुनील भी स्वच्छता के संबंध में फीडबैक देकर निकले। फीड बैक में कौन कौन से सवाल पूछे गए, यह पूछने पर सुनील ने कहा कि उनसे सिर्फ मेाबाइल नंबर व एक कोड पूछा गया। इसके बाद प्रश्नों के जवाब निगम के कर्मचारियों ने खुद ही भर दिए। मुझे सवालों के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
तुम टेंशन न लो, हम खुद ही भर देंगे
रोहतक निवासी मनोज फीड बैक देने के लिए पहुंचे तो एक कर्मचारी ने उनसे मोबाइल नंबर पूछा। इसके बाद कोड पूछने के बाद खुद ही सवालों का जवाब भर दिया। सवालों के बारे में पूछने पर कहा कि तुम टेंशन न लो, हम खुद ही फीड बैक भर देंगे। हर सवाल की तुम्हारी तो हां ही होगी ना। इसके बाद मनोज यहां से चले गए।
कई लोगों के मोबाइल में डाउनलोड कर दिए स्वच्छता मैप
निगम के कर्मचारियों ने कई लोगों के मोबाइल में खुद ही स्वच्छता मैप ऐप डाउनलोड या शेयरइट से ट्रांसफर और फिर इंस्टाल कर दिए। कई लोग तो ‘ऐप पर कैसे गंदगी की फोटो डालनी है या फिर शिक ायत करनी है की जानकारी लेने कर्मचारियों के पास आते रहे। कुछ की शिकायतों का समाधान हो गया। जबकि कुछ की शिकायतों का समाधान नहीं हो सका।
सहकारिता मंत्री के जाते ही फीड बैक लेना हो गया बंद
सहकारिता मंत्री मनीष कुमार ग्रोवर ने शनिवार को कई स्थानों पर आधुनिक शौचालय का उद्घाटन किया। देखने में आया कि जब तक मंत्री जी ने शौचालय का उद्घाटन नही किया, तब तक तो नगर निगम के कर्मचारी फीड बैक लेते नजर आए। मगर जैसे ही मंत्री उद्घाटन करने के बाद निकल गए तो कर्मचारियों ने भी लोगों का फीड बैक लेना बंद कर दिया। हालांकि पहुंचने वाले चंद लोगों का फीड बैक लिया जा रहा था।
लोगों को बुलाकर लिया जा रहा था फीड बैक
मंत्री जी के आने से पूर्व कर्मचारी लोगों को बुलाकर फीड बैक ले रहे थे। यहीं नही दो मोबाइल नंबर चलाने वाले एक व्यक्ति के तो दो फीडबैक देकर खुद ही नंबर दिए जा रहे थे।
यह पूछे जाने थे सवाल
- क्या आपको पता है आपके रोहतक शहर में स्वच्छता अभियान चल रहा है?
- क्या पिछले साल की अपेक्षा इस साल रोहतक शहर में सफाई अधिक है ?
- घर-घर जाकर कूड़ा उठवाया जा रहा है, क्या आपको जानकारी है?
- रोहतक में सफाई व्यवस्था से आपस संतुष्ट है या नहीं?
प्रदेश में सबसे अधिक मिल रहा फीड बैक
नगर निगम के अधिकारियों का दावा है कि प्रदेश के अंदर स्वच्छता के संबंध में सबसे अधिक फीड बैक मिल रहा है। मगर अमर उजाला के स्टिंग आपरेशन ने फीड बैक के फर्जीवाड़े की पोल खोलकर दी।
स्वच्छता अभियान के तहत फीड बैक लेने के नाम पर फर्जीवाडे का मामला संज्ञान में नही है। इस तरह की कोई शिकायत भी प्राप्त नहीं हुई है। जांच कराई जाएगी
- यश गर्ग, डीसी, रोहतक
फोटो परिचय
रोहतक की काठ मँडी में स्वच्छता के संबंध में फीड बैक देने के लिए पहुंचे लोग।
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फोटो
सिंहपुरा में मजदूर ममेरे भाईयों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत
गांव के रेस्टोरेंट के बाहर बेहोशी की अवस्था में पडे़ मिले थे दोनों
अस्पताल ले जाते समय दोनों ने तोड़ा दम
-पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम को भेजा