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रामपाल केस

Tue, 17 Jul 2018 02:52 AM IST
Updated Tue, 17 Jul 2018 02:52 AM IST
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रामपाल केस
फोटो सहित
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नोट... संपादक जी के ध्यानार्थ... सर इस खबर में हिसार से पुलिस का पक्ष लिया जाए


बरवाला कांड : हिसार कोर्ट में बयानों से पलटे गवाह रोहतक पहुंचे, बोले
हेडिंग : छह मौतों के लिए रामपाल नहीं जिम्मेदार, पुलिस ने करवाए थे कोरे कागजात पर हस्ताक्षर
: भाजपा को दी रामपाल समर्थकों ने चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। चार साल पहले बरवाला में हुई हिंसा के मामले में रामपाल व उसके समर्थक जिम्मेदार नहीं हैं, बल्कि पुलिस ने कोरे कागजात पर हस्ताक्षर करवा लिए थे। सोमवार को रामपाल समर्थकों के साथ रोहतक पहुंचे दिल्ली के मिथापुर निवासी शिवपाल व यूपी के ललितपुर निवासी सुरेश कुमार ने मीडिया के सामने हिसार पुलिस पर यह आरोप लगाया है।
दोनों का कहना है कि छह मौतों के लिए सरकार व पुलिस जिम्मेदार है। क्योंकि 14 नवंबर 2014 को पुलिस ने उनके बरवाला आश्रम को चारों तरफ से घेर लिया। बिजली व पानी की सप्लाई काट दी। 18 नवंबर तक आश्रम को बंधक बनाकर रखा। इसके बाद आंसू गैस के गोले छोड़ने शुरू कर दिए। इसके बाद हिंसा में उसकी पत्नी की मौत हो गई। 19 नवंबर को जब वे अपनी पत्नी का शव अस्पताल से लेकर गए तो पुलिस ने चार-पांच कोरे कागजात पर हस्ताक्षर करवा लिए। इसके बाद रामपाल व उनके समर्थकों के खिलाफ हत्या का केस बना दिया। हिसार कोर्ट में भी वे यही बयान दे चुके हैं।
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समय रहते चेत जाए भाजपा, नहीं तो चुनाव में धूल चटा देंगें 12 लाख अनुयायी
सीएम व सरकार जानबूझ कर रामपाल समर्थकों की अनदेखी कर रही है। प्रदेश के अंदर रामपाल के 12 लाख भक्त हैं। समय रहते भाजपा सरकार ने फर्जी केस वापस नहीं लिए तो अगले चुनाव में हलकों के अंदर प्रचार करके भाजपा को हराने का काम करेंगे।
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-चांद राठी, मीडिया प्रभारी सतलोक आश्रम
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