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सीनियर के साथ कोर्ट पहुंचे डॉक्टर, लाई डिटेक्टर टेस्ट के लिए दिया सहमति पत्र
Updated Thu, 05 Oct 2017 02:55 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
पीजीआई के लेबर रूम से नवजात के चोरी होने के मामले में लाई डिटेक्टर टेस्ट से इनकार करने वाले डॉक्टरों ने सहमति जता दी है। बुधवार को सीनियर डॉक्टरों के साथ कोर्ट पहुंचकर पुलिस सूची में शामिल डॉक्टरों ने लाई डिटेक्टर टेस्ट के लिए सहमति पत्र सौंपा। इस दौरान डॉक्टर के अलावा स्टाफ हित कुल 13 लोगों ने लिखित में पत्र दिया। इसके बाद कोर्ट ने सभी का लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने का आदेश दिया।
एसआईटी ने पीजीआई के डॉक्टर सहित स्टाफ के 13 लोगों की लाई डिटेक्टर टेस्ट के लिए निर्देश दिये थे। यह सभी लोग बच्चा चोरी होने के दिन विभाग में ही ड्यूटी कर रहे थे। मामले से जुड़े नौ सदस्यों ने टेस्ट के लिए सहमति जता दी थी, लेकिन डॉक्टरों ने इनकार कर दिया था। बुधवार को डॉ. निशा, डॉ. गीतांजली, डॉ. हिना फातिमा, डॉ. जहां सहित नर्स बलजीत कौर, रश्मि, सुदेश, सुनीता, बेयरर रानी, निर्मला, स्वीपर मंजू, संतोष और मरीज के सहायक सुशीला और सोना कोर्ट में पहुंची। यहां पर सभी ने लिखित में सहमति पत्र पेश किया। वहीं पुलिस ने पांच डॉक्टरों में से एक डॉक्टर का नाम सूची से हटा दिया था। जांच में पता चला था कि वह बच्चा चोरी होने के दिन लेबर रूम में ड्यूटी पर नहीं थी। डीएसपी डॉ रविंद्र ने बताया कि डॉक्टरों भी लाई डिटेक्टर टेस्ट को तैयार हो गये हैं। कोट से सत्यापित कॉपी मिलने के बाद टेस्ट कराने संबंधी एप्लीकेशन एफएसएल में भेज दी जाएगी। वहां से तारीख तय होने के बाद टेस्ट करवा दिया जाएगा।
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रोहतक।
पीजीआई के लेबर रूम से नवजात के चोरी होने के मामले में लाई डिटेक्टर टेस्ट से इनकार करने वाले डॉक्टरों ने सहमति जता दी है। बुधवार को सीनियर डॉक्टरों के साथ कोर्ट पहुंचकर पुलिस सूची में शामिल डॉक्टरों ने लाई डिटेक्टर टेस्ट के लिए सहमति पत्र सौंपा। इस दौरान डॉक्टर के अलावा स्टाफ हित कुल 13 लोगों ने लिखित में पत्र दिया। इसके बाद कोर्ट ने सभी का लाई डिटेक्टर टेस्ट कराने का आदेश दिया।
एसआईटी ने पीजीआई के डॉक्टर सहित स्टाफ के 13 लोगों की लाई डिटेक्टर टेस्ट के लिए निर्देश दिये थे। यह सभी लोग बच्चा चोरी होने के दिन विभाग में ही ड्यूटी कर रहे थे। मामले से जुड़े नौ सदस्यों ने टेस्ट के लिए सहमति जता दी थी, लेकिन डॉक्टरों ने इनकार कर दिया था। बुधवार को डॉ. निशा, डॉ. गीतांजली, डॉ. हिना फातिमा, डॉ. जहां सहित नर्स बलजीत कौर, रश्मि, सुदेश, सुनीता, बेयरर रानी, निर्मला, स्वीपर मंजू, संतोष और मरीज के सहायक सुशीला और सोना कोर्ट में पहुंची। यहां पर सभी ने लिखित में सहमति पत्र पेश किया। वहीं पुलिस ने पांच डॉक्टरों में से एक डॉक्टर का नाम सूची से हटा दिया था। जांच में पता चला था कि वह बच्चा चोरी होने के दिन लेबर रूम में ड्यूटी पर नहीं थी। डीएसपी डॉ रविंद्र ने बताया कि डॉक्टरों भी लाई डिटेक्टर टेस्ट को तैयार हो गये हैं। कोट से सत्यापित कॉपी मिलने के बाद टेस्ट कराने संबंधी एप्लीकेशन एफएसएल में भेज दी जाएगी। वहां से तारीख तय होने के बाद टेस्ट करवा दिया जाएगा।
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