{"_id":"5ce1b604bdec22074e0132a8","slug":"161558296068-rohtak-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हर दिन की कमाई 25 से 50 हजार रुपये, इसलिए चल रहा था अवैध वसूली का खेल","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
हर दिन की कमाई 25 से 50 हजार रुपये, इसलिए चल रहा था अवैध वसूली का खेल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रोहतक। डस्ट, रेती व रोड़ी के ओवरलोड वाहनों से अवैध वसूली का खेल मोटी कमाई दे रहा था। अवैध वसूली का 90 प्रतिशत आरटीए विभाग के स्टाफ को भेजने वाले खुद हर दिन 25 से 50 हजार रुपये कमाते थे। प्रत्येक वाहन से 800 रुपये के हिसाब से 50 वाहनों से वसूली 40 हजार रुपये बनती है। यह केवल वसूली करने वालों की कमाई है। आरटीए स्टाफ का हिस्सा अलग है। यही वजह है कि बगैर किसी लागत के चल रहा यह अवैध धंधा फलफूल रहा था। यह खुलासा पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने किया है।
कब्जे में लिए लैपटाप व मोबाइल
पुलिस ने अवैध वसूली मामले की पड़ताल करते हुए रविवार को रोहतक व दादरी में आधा दर्जन जगहों पर छापा मारा। इस दौरान दादरी में आरोपियों के घर से लैपटाप व मोबाइल बरामद हुए हैं। यहां पुलिस को कुछ और दस्तावेज भी हाथ लगे हैं। इन्हें फिलहाल जांच प्रभावित होने की संभावना के चलते सार्वजनिक नहीं किया गया है। इन दस्तावेजों के आधार पर जांच आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
लैब की रिपोर्ट में खुलासे की उम्मीद
पुलिस को आरोपियों के पास से मिले लैपटाप व मोबाइल से काफी उम्मीदें हैं। इनमें गिरोह के सरगना व अन्य सदस्यों के नाम दर्ज हैं। यही नहीं इनमें अवैध वसूली का हिसाब किताब दर्ज हो सकता है। जांच में इस अवैध धंधे से जुड़े और लोगाें के नाम सामने आने की उम्मीद है। इसके चलते जांच के लिए गुड़गांव लैब भेजा जाएगा। लैब की रिपोर्ट केस की जांच में पुलिस की बड़ी मदद करेगी।
विज्ञापन
यह है मामला
पुलिस ने सांपला इलाके से 17 मई की रात दो लोगों को अवैध वसूली के आरोप में गिरफ्तार किया। इनके पास से साढे 13 लाख रुपये व कार बरामद हुई। एक कार में आरोपी नकली आरटीओ बनकर बैठा था। पूछताछ में खरमाणा निवासी आरोपी रवींद्र उर्फ काला व डेयरी मोहल्ला का सुरेंद्र राठी ने बताया कि नारनौल की अरावली से डस्ट, रेती व रोड़ी लेकर जाने वाले ट्रक चालकों से ये अवैध वसूली करते थे। वाहन चालकों को चालान की मोटी राशि का भय दिखाकर प्रत्येक वाहन से आठ हजार रुपये वसूलते थे। इसका 90 प्रतिशत यानी 7200 रुपये आरटीए स्टाफ को भेज कर शेष दस प्रतिशत यानी 800 रुपये खुद रखते थे। इनकी निशादेही पर पुलिस ने दादरी में छापा मारा। यहां आरटीए विभाग के सहायक सचिव मनीष मदान व क्लर्क अमित के घर से पुलिस को 50 लाख रुपये कैश मिला। इनसे भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने सभी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
विज्ञापन
कब्जे में लिए लैपटाप व मोबाइल
पुलिस ने अवैध वसूली मामले की पड़ताल करते हुए रविवार को रोहतक व दादरी में आधा दर्जन जगहों पर छापा मारा। इस दौरान दादरी में आरोपियों के घर से लैपटाप व मोबाइल बरामद हुए हैं। यहां पुलिस को कुछ और दस्तावेज भी हाथ लगे हैं। इन्हें फिलहाल जांच प्रभावित होने की संभावना के चलते सार्वजनिक नहीं किया गया है। इन दस्तावेजों के आधार पर जांच आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
विज्ञापन
लैब की रिपोर्ट में खुलासे की उम्मीद
पुलिस को आरोपियों के पास से मिले लैपटाप व मोबाइल से काफी उम्मीदें हैं। इनमें गिरोह के सरगना व अन्य सदस्यों के नाम दर्ज हैं। यही नहीं इनमें अवैध वसूली का हिसाब किताब दर्ज हो सकता है। जांच में इस अवैध धंधे से जुड़े और लोगाें के नाम सामने आने की उम्मीद है। इसके चलते जांच के लिए गुड़गांव लैब भेजा जाएगा। लैब की रिपोर्ट केस की जांच में पुलिस की बड़ी मदद करेगी।
विज्ञापन
यह है मामला
पुलिस ने सांपला इलाके से 17 मई की रात दो लोगों को अवैध वसूली के आरोप में गिरफ्तार किया। इनके पास से साढे 13 लाख रुपये व कार बरामद हुई। एक कार में आरोपी नकली आरटीओ बनकर बैठा था। पूछताछ में खरमाणा निवासी आरोपी रवींद्र उर्फ काला व डेयरी मोहल्ला का सुरेंद्र राठी ने बताया कि नारनौल की अरावली से डस्ट, रेती व रोड़ी लेकर जाने वाले ट्रक चालकों से ये अवैध वसूली करते थे। वाहन चालकों को चालान की मोटी राशि का भय दिखाकर प्रत्येक वाहन से आठ हजार रुपये वसूलते थे। इसका 90 प्रतिशत यानी 7200 रुपये आरटीए स्टाफ को भेज कर शेष दस प्रतिशत यानी 800 रुपये खुद रखते थे। इनकी निशादेही पर पुलिस ने दादरी में छापा मारा। यहां आरटीए विभाग के सहायक सचिव मनीष मदान व क्लर्क अमित के घर से पुलिस को 50 लाख रुपये कैश मिला। इनसे भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने सभी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।