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गर्भ में पल रहे लिंग की हो रही हत्या, पाबंदी लगाने में स्वास्थ्य विभाग हुआ नाकाम
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गर्भ में पल रहे भ्रूण की हो रही हत्या, पाबंदी लगाने में स्वास्थ्य विभाग हुआ नाकाम
यमुनानगर। जिला भले ही प्रदेश में लिंगानुपात में अव्वल आ गया हो, लेकिन प्रशासन की लाख कोशिशों के बावजूद जिले में भ्रूण लिंग परीक्षण का काम धड़ल्ले से किया जा रहा है। सभी नियम कानून ताक पर रख गर्भ में पल रहे भ्रूण की हत्या की जा रही है। दो से तीन माह के बाद भ्रूण लिंग परीक्षण के केस सामने आ रहे है। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापेमारी कर भ्रूण लिंग परीक्षण का भंडाफोड़ तो किया, लेकिन आरोपी मौके से फरार हो गया। वहीं, स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि पड़ोसी राज्यों में लिंग जांच का खेल धड़ल्ले से किया जा रहा है। जिस कारण लोग लिंग परीक्षण कर भ्रूण हत्या कर रह है।
सरकार के बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के नारे के बाद भी लोग जागरूक नहीं हो रहे और गर्भ में पल रही बेटी की हत्या करने से बाज नहीं आ रहे है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की सभी कोशिश नाकाम साबित हो रही है। यमुनानगर पूरे प्रदेश में लिंगानुपात के मामले में भले ही अव्वल आ गया हो। लेकिन भ्रूण लिंग परीक्षण के मामले अभी भी कम नहीं हुए हैं। प्रत्येक एक व दो माह के बाद लिंग परीक्षण केंद्र का भंडाफोड़ होता है। बावजूद इसके जब तक केंद्र का पता चलता है ना जाने कितने मासूम बच्चियों को गला कोख में ही दबा दिया जाता है। स्वास्थ्य विभाग लिंग जांच को पूरी तरह बंद करने की कोशिश तो कर रही है लेकिन स्थिति वहीं ढाक के तीन पात है। बुधवार को भी विभाग ने लिंग परीक्षण केंद्र का भंडाफोड़ किया, लेकिन आरोपी स्थिति को भांप मौके से फरार होने से कामयाब रहा।
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पड़ोसी राज्यों में भी हो रहा भ्रूण लिंग जांच का खेल
भ्रूण जांच का खेल न केवल जिले में हो रहा बल्कि पड़ोसी राज्यों में भी धड़ल्ले से जारी है। जिले के लोग अन्यत्र स्थान पर जाकर भी भ्रूण लिंग परीक्षण कराने से बाज नहीं आते। हरियाणा के यमुनानगर व पानीपत उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे हुए हैं। सहारनपुर व शामली में भ्रूण जांच का खेल धड़ल्ले से चलता है और हरियाणा के निवासी इन स्थानों पर जाकर जांच कराते है।
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बीते दो साल में ये पकड़े लिंग परीक्षण के आरोपी
वर्ष 2018 जनवरी से अब तक
- 25 जून 2018 में मुस्तफाबाद जसविंदर को भ्रूण लिंग परीक्षण के जांच में पकड़ा था। यह यूपी के देवबंद में बीस हजार रुपये में लिंग जांच कराता था।
- 14 अक्तूबर 2018 सढौरा में गोगी रानी को गर्भपात की गोलियां रखने में पकड़ा और यह आरोपी ही 2015 में भी पकड़ी गई थी।
-26 दिसंबर 2018 को गांव बैंडी में इंद्री निवासी राजेश कुमार को कार में भ्रूण लिंग परीक्षण करते पकड़ा। जबकि आरोपी मौके से फरार हो गया।
वर्ष 2017 में पकड़े गए आरोपी।
-रादौर शक्ति अल्ट्रासाउंड पर छापेमारी कर अल्ट्रासाउंड की मशीन सीज की।
चिट्ठा मंदिर में कमला दाई को गर्भपात कराते हुए पकड़ा।
इसी के साथ 2015 से अब तक स्वास्थ्य विभाग ने 44 रेड कर लिंग परीक्षण करने का भंडाफोड़ किया है।
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तीन साल तक हो सकती है सजा
सिविल सर्जन डॉ. कुलदीप सिंह ने बताया अल्ट्रासाउंड मशीन से गर्भ में भ्रूण लिंग की जांच करना व करवाना एक दंडनीय अपराध है और पीएनडीटी एक्ट के तहत दोषी को तीन साल तक की सजा हो सकती है।
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गांव बैंडी में भ्रूण परीक्षण करने का आरोपी नहीं लगा हाथ, पुलिस खंगाल रही सीसीटीवी
स्वास्थ्य विभाग की बड़ी चूक के कारण भ्रूण जांच करने का आरोपी हाथ से निकल गया। टीम ने उसे पकड़ने के लिए 12 गांवों तक पीछा किया, लेकिन इस कार्य में टीम को छह घंटे लग गए। गुरुवार को आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर रहा। पुलिस गांव में लगे सीसीटीवी को खंगालने में लगी हुई है। आरोपी के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। गुरुवार को पुलिस ने गांव के लोगों से पूछताछ की और कई गांवों में छानबीन भी की। सीएमओ डॉ. कुलदीप सिंह ने बताया कि इंद्री निवासी राजेश कुमार रादौर के बैंडी गांव में पिछले कई सालों से अपनी सफेद रंग की कार में लिंग जांच करने की मशीन लेकर आता था। वह हर कस्टमर से 20 हजार रुपये लेता था। यह सिलसिला काफी सालों से लगातार चल रहा था। जिसकी सूचना उन्हें मिली। सीएमओ ने बताया कि आरोपी को पुलिस जल्द से जल्द से पकडे़गी।
वर्जन
विभाग भ्रूण लिंग जांच पर सख्ती बरत रहा है। जहां-जहां भी लिंग परीक्षण के बारे में पता चलता है। विभाग तुरंत टीम गठित कर वहां रेड कर देता है। इस वर्ष तीन केस पकड़े है। बैंडी गांव में लिंग जांच करने के आरोपी को भी तुरंत पकड़ा जाएगा।
डॉ. कुलदीप सिंह, सीएमओ यमुनानगर।
फोटो नंबर- कृपा इस खबर से संबंधित लोगो लगा ले।
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यमुनानगर। जिला भले ही प्रदेश में लिंगानुपात में अव्वल आ गया हो, लेकिन प्रशासन की लाख कोशिशों के बावजूद जिले में भ्रूण लिंग परीक्षण का काम धड़ल्ले से किया जा रहा है। सभी नियम कानून ताक पर रख गर्भ में पल रहे भ्रूण की हत्या की जा रही है। दो से तीन माह के बाद भ्रूण लिंग परीक्षण के केस सामने आ रहे है। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापेमारी कर भ्रूण लिंग परीक्षण का भंडाफोड़ तो किया, लेकिन आरोपी मौके से फरार हो गया। वहीं, स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि पड़ोसी राज्यों में लिंग जांच का खेल धड़ल्ले से किया जा रहा है। जिस कारण लोग लिंग परीक्षण कर भ्रूण हत्या कर रह है।
सरकार के बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के नारे के बाद भी लोग जागरूक नहीं हो रहे और गर्भ में पल रही बेटी की हत्या करने से बाज नहीं आ रहे है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की सभी कोशिश नाकाम साबित हो रही है। यमुनानगर पूरे प्रदेश में लिंगानुपात के मामले में भले ही अव्वल आ गया हो। लेकिन भ्रूण लिंग परीक्षण के मामले अभी भी कम नहीं हुए हैं। प्रत्येक एक व दो माह के बाद लिंग परीक्षण केंद्र का भंडाफोड़ होता है। बावजूद इसके जब तक केंद्र का पता चलता है ना जाने कितने मासूम बच्चियों को गला कोख में ही दबा दिया जाता है। स्वास्थ्य विभाग लिंग जांच को पूरी तरह बंद करने की कोशिश तो कर रही है लेकिन स्थिति वहीं ढाक के तीन पात है। बुधवार को भी विभाग ने लिंग परीक्षण केंद्र का भंडाफोड़ किया, लेकिन आरोपी स्थिति को भांप मौके से फरार होने से कामयाब रहा।
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पड़ोसी राज्यों में भी हो रहा भ्रूण लिंग जांच का खेल
भ्रूण जांच का खेल न केवल जिले में हो रहा बल्कि पड़ोसी राज्यों में भी धड़ल्ले से जारी है। जिले के लोग अन्यत्र स्थान पर जाकर भी भ्रूण लिंग परीक्षण कराने से बाज नहीं आते। हरियाणा के यमुनानगर व पानीपत उत्तर प्रदेश की सीमा से सटे हुए हैं। सहारनपुर व शामली में भ्रूण जांच का खेल धड़ल्ले से चलता है और हरियाणा के निवासी इन स्थानों पर जाकर जांच कराते है।
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बीते दो साल में ये पकड़े लिंग परीक्षण के आरोपी
वर्ष 2018 जनवरी से अब तक
- 25 जून 2018 में मुस्तफाबाद जसविंदर को भ्रूण लिंग परीक्षण के जांच में पकड़ा था। यह यूपी के देवबंद में बीस हजार रुपये में लिंग जांच कराता था।
- 14 अक्तूबर 2018 सढौरा में गोगी रानी को गर्भपात की गोलियां रखने में पकड़ा और यह आरोपी ही 2015 में भी पकड़ी गई थी।
-26 दिसंबर 2018 को गांव बैंडी में इंद्री निवासी राजेश कुमार को कार में भ्रूण लिंग परीक्षण करते पकड़ा। जबकि आरोपी मौके से फरार हो गया।
वर्ष 2017 में पकड़े गए आरोपी।
-रादौर शक्ति अल्ट्रासाउंड पर छापेमारी कर अल्ट्रासाउंड की मशीन सीज की।
चिट्ठा मंदिर में कमला दाई को गर्भपात कराते हुए पकड़ा।
इसी के साथ 2015 से अब तक स्वास्थ्य विभाग ने 44 रेड कर लिंग परीक्षण करने का भंडाफोड़ किया है।
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तीन साल तक हो सकती है सजा
सिविल सर्जन डॉ. कुलदीप सिंह ने बताया अल्ट्रासाउंड मशीन से गर्भ में भ्रूण लिंग की जांच करना व करवाना एक दंडनीय अपराध है और पीएनडीटी एक्ट के तहत दोषी को तीन साल तक की सजा हो सकती है।
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गांव बैंडी में भ्रूण परीक्षण करने का आरोपी नहीं लगा हाथ, पुलिस खंगाल रही सीसीटीवी
स्वास्थ्य विभाग की बड़ी चूक के कारण भ्रूण जांच करने का आरोपी हाथ से निकल गया। टीम ने उसे पकड़ने के लिए 12 गांवों तक पीछा किया, लेकिन इस कार्य में टीम को छह घंटे लग गए। गुरुवार को आरोपी पुलिस की पकड़ से बाहर रहा। पुलिस गांव में लगे सीसीटीवी को खंगालने में लगी हुई है। आरोपी के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। गुरुवार को पुलिस ने गांव के लोगों से पूछताछ की और कई गांवों में छानबीन भी की। सीएमओ डॉ. कुलदीप सिंह ने बताया कि इंद्री निवासी राजेश कुमार रादौर के बैंडी गांव में पिछले कई सालों से अपनी सफेद रंग की कार में लिंग जांच करने की मशीन लेकर आता था। वह हर कस्टमर से 20 हजार रुपये लेता था। यह सिलसिला काफी सालों से लगातार चल रहा था। जिसकी सूचना उन्हें मिली। सीएमओ ने बताया कि आरोपी को पुलिस जल्द से जल्द से पकडे़गी।
वर्जन
विभाग भ्रूण लिंग जांच पर सख्ती बरत रहा है। जहां-जहां भी लिंग परीक्षण के बारे में पता चलता है। विभाग तुरंत टीम गठित कर वहां रेड कर देता है। इस वर्ष तीन केस पकड़े है। बैंडी गांव में लिंग जांच करने के आरोपी को भी तुरंत पकड़ा जाएगा।
डॉ. कुलदीप सिंह, सीएमओ यमुनानगर।
फोटो नंबर- कृपा इस खबर से संबंधित लोगो लगा ले।