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चार साल में 568 टीनएजर्स पहुंचे नशे की लत छोड़ने राज्य मानसिक स्वास्थ्य संस्थान

Wed, 12 Jun 2019 02:08 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 12 Jun 2019 02:08 AM IST
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चार साल में 568 टीनएजर्स पहुंचे नशे की लत छोड़ने राज्य मानसिक स्वास्थ्य संस्थान
रोहतक। लत बुरी चीज है, यह हम सब जानते हैं। नशे की लत से हम अपने करीबियों से दूर हो जाते हैं। इन दिनों नशीले पदार्थों की बिक्री का असर यह हो रहा है कि अब टीन एजर्स ने भी स्मैक से लेकर हेरोइन और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन करना शुरू कर दिया है। इसकी लत के चलते उन्होंने अपनी पढ़ाई भी बीच में ही छोड़ दी। मानसिक स्वास्थ्य संस्थान के आंकड़े भी इसकी गवाही दे रहे हैं। वर्तमान में पचास से अधिक टीन एजर्स का इलाज चल रोहतक के मानसिक स्वास्थ्य संस्थान में भी चल रहा है। वर्ष 2016 से लेकर 19 तक 568 टीन एजर्स उपचार कराने के लिए पहुंचे हैं। इसमें से 300 से अधिक पढ़ाई छोड़ चुके हैं। वैसे तो हरियाणा के विभिन्न स्थानों पर धड़ल्ले से नशीले पदार्थों की बिक्री की जा रही है। हालांकि पुलिस ने नशीले पदार्थों की बिक्री में लिप्त लोगों को सलाखों के पीछे भी पहुंचाया है।
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इस तरह के मामलों की बानगी
केस नंबर-एक
रोहतक के एक स्कूल में कक्षा 10 में पढ़ने वाले छात्र का उपचार मानसिक स्वास्थ्य संस्थान में चल रहा है। छात्र ने बताया कि पढ़ाई के दौरान करीब एक साल पूर्व उसे नशे की लत पड़ गई थी। जिसके बाद परिजनों ने उसकी पढ़ाई छुड़वा दी। नशे का सेवन नहीं करता है तो उसे बेचैनी होने लगती है।
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केस नंबर-दो
रोहतक के एक स्कूल में कक्षा 11 में पढ़ने वाले छात्र का इलाज मानसिक स्वास्थ्य संस्थान में चल रहा है। छात्र ने स्कूल के ही साथियों के साथ मिलकर स्मैक का नशा करना शुरू कर दिया था। तीन माह पूर्व ही नशे की लत के चलते छात्र की बीच में ही पढ़ाई छुड़वानी पड़ी।
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केस नंबर-तीन
भिवानी के स्कूल में कक्षा दस में पढ़ने वाले छात्र के नशे की लत के चलते पढ़ाई बीच में ही छूट गई। अब मानसिक स्वास्थ्य संस्थान में उसका उपचार चल रहा है। वहीं, छात्र ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि स्कूलों में भी बच्चे तेजी से नशीले पदार्थों का सेवन कर रहे हैं। पानी की बोतल में कोरेक्स मिलाकर कई बार उसने साथियों संग सेवन किया।

अभिभावक बच्चों पर दें ध्यान
युवाओं के साथ-साथ टीन एजर्स में भी नशीले पदार्थों के सेवन की प्रवृत्ति बढ़ी है। अभिभावकों को समय निकालकर अपने बच्चों पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है। कई बच्चों का उपचार मानसिक स्वास्थ्य संस्थान में भी चल रहा है।

- राजीव गुप्ता सीईओ कम निदेशक, आईएमएच मानसिक स्वास्थ्य संस्थान रोहतक

यह रहता है टीन एजर्स के नशे का सेवन करने का प्रमुख कारण
टीन एजर्स कुछ नया करने की सोचते हैं। नया करने के चक्कर में ही कई बार नशे का सेवन करते हैं। दूसरा संगत के कारण भी टीन एजर्स नशीले पदार्थों का सेवन कर रहे हैं। बार-बार सेवन के बाद नशे की लत हो जाती है।

फैक्ट फाइल
- टीन एजर्स स्मैक और हेरोइन का कर रहे सबसे अधिक सेवन
- एल्कोहल का सेवन करने वाले नाममात्र ही पहुंच रहे

वर्ष वार नशे का सेवन करने वाले लोगों का ब्योरा
वर्ष संख्या
2016 3709
2017 4315
2018 4018
2019 3615
आंकड़ा राज्य मानसिक स्वास्थ्य संस्थान से लिया गया है।


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