{"_id":"5b4a5e6b4f1c1b4a748b4ca9","slug":"151531600491-rohtak-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वैडिंग जोन में मिलेगा ढकेल वालों को स्थायी ठिकाना","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
वैडिंग जोन में मिलेगा ढकेल वालों को स्थायी ठिकाना
Updated Sun, 15 Jul 2018 02:09 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जनपद के 5213 ठेले वालों को अक्टूबर तक मिलेगा स्थायी ठिकाना
सर्वेयर कंपनी के अनुसार रोहतक नगर निगम क्षेत्र में 4243, सांपला 425, कलानौर 195 व महम में 250 हैं ठेले वाले
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। पूरे जिले में 5213 लोग ठेलों पर सब्जी, फल, जूस, घरेलू आदि सामान की बिक्री करते हैं। वैसे तो यह घूम-घूम कर सामान बेचते हैं। यदि कहीं खड़े हो जाते हैं, तो पुलिस कर्मी लठिया कर भगा देते हैं। मगर अब ऐसा नहीं होगा, इन्हें शासन के आदेश पर स्थायी स्थान दिया जाएगा, जिसे वेंडिंग जोन नाम दिया है। यदि ये ठेले वाले अपना धंधा बढ़ाना चाहते हैं, तो इन्हें लोन के रूप में सरकारी मदद भी दी जाएगी। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है अक्टूबर तक योजना को अमलीजामा पहना दिया जाएगा।
रेहड़ी वालों के सड़कों और बाजारों में खड़े होने से आए दिन जाम के हालात पैदा होते हैं। जब भी पुलिस जाम खुलवाने के लिए आती है, तभी इनको लाठी के बल पर खदेड़ दिया जाता है। यही नहीं बाजारों में दुकानदार इन्हें अपनी दुकानों के सामने खड़े भी नहीं होने देते। ठेले वालों की परेशानी के मद्देनजर शासन ने पूरे प्रदेश में वैंडिंग जोन बनाने का फैसला लिया। तय किया गया कि नगर निगम, नगर पालिका व नगर परिषद द्वारा तय स्थानों पर रेहड़ी वालों को खड़ा किया जाएगा और इनका पंजीकरण भी होगा।
ठेले वालों का कराया गया सर्वे
शासन की ओर से पूरे प्रदेश में एक कंपनी के माध्यम से ठेले वालों की गिनती करते हुए सर्वे कराया जा रहा है। सर्वेयर कंपनी ने बताया कि रोहतक नगर नगर निगम, नगर पालिका सांपला, नगर पालिका कलानौर व नगर पालिका महम में ठेले वालों की गिनती करके सर्वे पूरा कर लिया गया है और शासन को रिपोर्ट भेज दी है। सर्वे से पता चला है कि रोहतक नगर निगम में 4243, नगर पालिका सांपला में 425, नगर पालिका कलानौर में 195 और नगर पालिका महम में 350 ठेले वाले हैं। सर्वेयर कंपनी के अधिकारी सुधाकर ने बताया कि अक्टूबर तक रोहतक जिले में ठेले वाले वैंडिंग जोन में ही खड़े मिलेंगे। वहीं, नगर निगम के मुख्य कराधान अधिकारी ने बताया कि शासन का आदेश आने के बाद चिह्नित स्थानों की सूची बनाकर सौंपी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
सर्वेयर कंपनी के अनुसार रोहतक नगर निगम क्षेत्र में 4243, सांपला 425, कलानौर 195 व महम में 250 हैं ठेले वाले
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। पूरे जिले में 5213 लोग ठेलों पर सब्जी, फल, जूस, घरेलू आदि सामान की बिक्री करते हैं। वैसे तो यह घूम-घूम कर सामान बेचते हैं। यदि कहीं खड़े हो जाते हैं, तो पुलिस कर्मी लठिया कर भगा देते हैं। मगर अब ऐसा नहीं होगा, इन्हें शासन के आदेश पर स्थायी स्थान दिया जाएगा, जिसे वेंडिंग जोन नाम दिया है। यदि ये ठेले वाले अपना धंधा बढ़ाना चाहते हैं, तो इन्हें लोन के रूप में सरकारी मदद भी दी जाएगी। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है अक्टूबर तक योजना को अमलीजामा पहना दिया जाएगा।
रेहड़ी वालों के सड़कों और बाजारों में खड़े होने से आए दिन जाम के हालात पैदा होते हैं। जब भी पुलिस जाम खुलवाने के लिए आती है, तभी इनको लाठी के बल पर खदेड़ दिया जाता है। यही नहीं बाजारों में दुकानदार इन्हें अपनी दुकानों के सामने खड़े भी नहीं होने देते। ठेले वालों की परेशानी के मद्देनजर शासन ने पूरे प्रदेश में वैंडिंग जोन बनाने का फैसला लिया। तय किया गया कि नगर निगम, नगर पालिका व नगर परिषद द्वारा तय स्थानों पर रेहड़ी वालों को खड़ा किया जाएगा और इनका पंजीकरण भी होगा।
विज्ञापन
ठेले वालों का कराया गया सर्वे
शासन की ओर से पूरे प्रदेश में एक कंपनी के माध्यम से ठेले वालों की गिनती करते हुए सर्वे कराया जा रहा है। सर्वेयर कंपनी ने बताया कि रोहतक नगर नगर निगम, नगर पालिका सांपला, नगर पालिका कलानौर व नगर पालिका महम में ठेले वालों की गिनती करके सर्वे पूरा कर लिया गया है और शासन को रिपोर्ट भेज दी है। सर्वे से पता चला है कि रोहतक नगर निगम में 4243, नगर पालिका सांपला में 425, नगर पालिका कलानौर में 195 और नगर पालिका महम में 350 ठेले वाले हैं। सर्वेयर कंपनी के अधिकारी सुधाकर ने बताया कि अक्टूबर तक रोहतक जिले में ठेले वाले वैंडिंग जोन में ही खड़े मिलेंगे। वहीं, नगर निगम के मुख्य कराधान अधिकारी ने बताया कि शासन का आदेश आने के बाद चिह्नित स्थानों की सूची बनाकर सौंपी जाएगी।
विज्ञापन