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रॉकी हत्याकांड: एंटी व्हीकल थैफ्ट टीम ने हत्याकांड में डिप्टी मेयर के भतीजे राहुल को दी क्लीनचिट
Updated Fri, 16 Feb 2018 02:21 AM IST
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रॉकी हत्याकांड : एंटी व्हीकल थेफ्ट टीम ने डिप्टी मेयर के भतीजे को दी क्लीनचिट
जिन बिंदुओं पर सीआईए वन ने राहुल की भूमिका को माना था संदिग्ध
उन्हीं के आधार पर एवीटी टीम ने जांच के 5 दिन बाद दी क्लीनचिट
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
शेर विहार कॉलोनी के रॉकी की हत्या के मामले में डिप्टी मेयर के भतीजे राहुल भाटी की भूमिका को लेकर वीरवार को नया मोड़ आ गया। जिला पुलिस की दो जांच टीम सीआईए वन और एंटी व्हीकल थेफ्ट सवालों के घेरे में आ गई।
रॉकी हत्याकांड में जहां सीआईए वन ने खुलासा किया था कि राहुल ने हत्यारोपियों को रॉकी की लोकेशन दी थी और हत्या के बाद मुख्य आरोपी शशि और सुनील को फरार होने के लिए चार हजार रुपये दिये थे। अब मामले की जांच कर रही एवीटी टीम ने हत्या के 13 दिन बाद राहुल भाटी को क्लीनचिट दे दी है। जिन बिंदुओं पर सीआईए वन ने राहुल भाटी की भूमिका को संदिग्ध माना था उन्हीं के आधार पर एवीटी टीम ने राहुल को क्लीनचिट दी है।
एवीटी प्रभारी इंस्पेक्टर मनोज वर्मा ने बताया कि हत्याकांड में राहुल भाटी और एक अन्य संदिग्ध की भूमिका को लेकर जांच की गई थी। जांच में दोनों के खिलाफ कोई भी पुख्ता सबूत सामने नहीं आये है।
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किसकी जांच सही, सीआइए वन या एवीटी
सीआईए 1 की जांच के बिंदु
- राहुल भाटी ने हत्या से पहले रॉकी की लोकेशन के बारे में मुख्य आरोपी शशि को बताया था।
- रॉक ी की हत्या के बाद राहुल ने हत्यारों को भागने के लिए 4 हजार रुपये दिये थे।
- एफआईआर में राहुल और रॉकी के बीच हुई मारपीट का भी जिक्र किया गया था। हालांकि दोनों के बीच बाद में समझौता हो गया था।
- परिजनों ने हत्या के बाद ही राहुल पर शक जाहिर कर दिया था।
एवीटी की जांच के बिंदु
- राहुल को मुख्य आरोपी शशि के मंसूबों का पता नहीं था। जब शशि ने उससे रॉकी के बारे में पूछा तो राहुल ने सामान्य तौर पर उसके बारे में बताया। राहुल को यह पता नहीं था कि शशि रॉकी की हत्या करेगा।
- राहुल पर आरोपी शशि के कुछ रुपये उधार थे। हत्या करने के बाद शशि ने राहुल से अपनी उधारी वापस मांगी थी।
- पूछताछ मेें जांच के दौरान राहुल व दूसरे संदिग्ध के खिलाफ एक भी सबूत नहीं मिला।
- घटना के दिन राहुल वारदात स्थल के आसपास भी नहीं था।
पीड़ित पक्ष ने मंत्री ने मिलकर एवीटी पर जताया था भरोसा
सीआईए वन द्वारा जांच में ढील बरतने का आरोप लगा मृतक रॉकी के परिजन सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर से मिले थे। परिजनों ने मंत्री ने निवेदन किया था कि हत्याकांड की जांच सीआईए 1 से लेकर एवीटी टीम के इंचार्ज मनोज वर्मा को सौंपी जाए। इसके बाद एसपी ने एवीटी को जांच सौंपी थी। मगर एवीटी टीम की जांच में सामने आया कि हत्याकांड में राहुल की कोई भूमिका नहीं थी। मृतक के पिता मुकेश ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि करीब 15 दिन पहले भी उनके बेटे रॉकी का गाली गलौच को लेकर शशि और राहुल से झगड़ा हो गया था।
मुख्य आरोपी शशि के साथ मनाली घूमने गया था राहुल
मूलरूप से दादरी के गांव लोहारवाड़ा निवासी शशि ने कबूल किया कि उसकी राहुल के साथ काफी पुरानी दोस्ती है। शशि जनवरी माह में राहुल व अपने अन्य दोस्तों के साथ मनाली भी घूमने गया था। इसकी फोटो फेसबुक पर शेयर की थी। वारदात में प्रयोग चाकू खरीदकर लाने वाला मोनू बीबान डिप्टी मेयर के भतीजे राहुल भाटी को अपना गुरु मानता है। इसके बारे में वह कई बार फेसबुक पर भी टिप्पणी कर चुका है। दोनों की एक साथ कई फोटो फेसबुक पर हैं।
एबीवीपी बैठक के बाद लेगी फैसला
हिंदु कॉलेज में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रधान हिमांशु राठी ने बताया कि शुक्रवार को विद्यार्थियों के साथ बैठक की जाएगी। बैठक में राहुल व दूसरे संदिग्ध को पुलिस की क्लीन चिट देने के मामले पर विचार विमर्श किया जाएगा। बैठक के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी।
ये था मामला
हिंदू कॉलेज में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सचिव रॉकी की दो फरवरी की रात को शेर विहार कॉलोनी में चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई थी। हत्या करने के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गये थे। इस मामले में मुख्य आरोपी शशि अन्य के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था। मामले को लेकर अगले दिन हिंदू कॉलेज के विद्यार्थियों और परिजनों ने आरोपियों को पकड़ने सहित अन्य मांगों को लेकर कॉलेज के बाहर भिवानी रोड पर जाम लगाया था। इसके बाद सीआईए 1 के एएसआई अमित कुमार और राजेश ने मुख्य आरोपी शशि और चरखीदादरी के गांव बिरही छपार निवासी उसके दोस्त सुनील को गिरफ्तार किया था। बाद में तीसरे आरोपी मोनू को भी गिरफ्तार किया गया था। इस हत्याकांड में डिप्टी मेयर के भतीजे राहुल भाटी की भूमिका संदिग्ध पाई गई थी।
वर्जन
डिप्टी मेयर के भतीजे राहुल भाटी और दूसरे संदिग्ध के खिलाफ कोई पुख्ता सबूत नहीं मिले है। राहुल ने बिना किसी मकसद के सामान्य तौर पर मुख्य आरोपी शशि को रॉकी की लोकेशन बताई थी। इसके अलावा हत्या के बाद शशि को उसके उधार दिये रुपये लौटाए थे। हालांकि अभी जांच की जा रही है।
- इंस्पेक्टर मनोज वर्मा, इंचार्ज एंटी व्हीकल थेफ्ट टीम
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जिन बिंदुओं पर सीआईए वन ने राहुल की भूमिका को माना था संदिग्ध
उन्हीं के आधार पर एवीटी टीम ने जांच के 5 दिन बाद दी क्लीनचिट
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
शेर विहार कॉलोनी के रॉकी की हत्या के मामले में डिप्टी मेयर के भतीजे राहुल भाटी की भूमिका को लेकर वीरवार को नया मोड़ आ गया। जिला पुलिस की दो जांच टीम सीआईए वन और एंटी व्हीकल थेफ्ट सवालों के घेरे में आ गई।
रॉकी हत्याकांड में जहां सीआईए वन ने खुलासा किया था कि राहुल ने हत्यारोपियों को रॉकी की लोकेशन दी थी और हत्या के बाद मुख्य आरोपी शशि और सुनील को फरार होने के लिए चार हजार रुपये दिये थे। अब मामले की जांच कर रही एवीटी टीम ने हत्या के 13 दिन बाद राहुल भाटी को क्लीनचिट दे दी है। जिन बिंदुओं पर सीआईए वन ने राहुल भाटी की भूमिका को संदिग्ध माना था उन्हीं के आधार पर एवीटी टीम ने राहुल को क्लीनचिट दी है।
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एवीटी प्रभारी इंस्पेक्टर मनोज वर्मा ने बताया कि हत्याकांड में राहुल भाटी और एक अन्य संदिग्ध की भूमिका को लेकर जांच की गई थी। जांच में दोनों के खिलाफ कोई भी पुख्ता सबूत सामने नहीं आये है।
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किसकी जांच सही, सीआइए वन या एवीटी
सीआईए 1 की जांच के बिंदु
- राहुल भाटी ने हत्या से पहले रॉकी की लोकेशन के बारे में मुख्य आरोपी शशि को बताया था।
- रॉक ी की हत्या के बाद राहुल ने हत्यारों को भागने के लिए 4 हजार रुपये दिये थे।
- एफआईआर में राहुल और रॉकी के बीच हुई मारपीट का भी जिक्र किया गया था। हालांकि दोनों के बीच बाद में समझौता हो गया था।
- परिजनों ने हत्या के बाद ही राहुल पर शक जाहिर कर दिया था।
एवीटी की जांच के बिंदु
- राहुल को मुख्य आरोपी शशि के मंसूबों का पता नहीं था। जब शशि ने उससे रॉकी के बारे में पूछा तो राहुल ने सामान्य तौर पर उसके बारे में बताया। राहुल को यह पता नहीं था कि शशि रॉकी की हत्या करेगा।
- राहुल पर आरोपी शशि के कुछ रुपये उधार थे। हत्या करने के बाद शशि ने राहुल से अपनी उधारी वापस मांगी थी।
- पूछताछ मेें जांच के दौरान राहुल व दूसरे संदिग्ध के खिलाफ एक भी सबूत नहीं मिला।
- घटना के दिन राहुल वारदात स्थल के आसपास भी नहीं था।
पीड़ित पक्ष ने मंत्री ने मिलकर एवीटी पर जताया था भरोसा
सीआईए वन द्वारा जांच में ढील बरतने का आरोप लगा मृतक रॉकी के परिजन सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर से मिले थे। परिजनों ने मंत्री ने निवेदन किया था कि हत्याकांड की जांच सीआईए 1 से लेकर एवीटी टीम के इंचार्ज मनोज वर्मा को सौंपी जाए। इसके बाद एसपी ने एवीटी को जांच सौंपी थी। मगर एवीटी टीम की जांच में सामने आया कि हत्याकांड में राहुल की कोई भूमिका नहीं थी। मृतक के पिता मुकेश ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि करीब 15 दिन पहले भी उनके बेटे रॉकी का गाली गलौच को लेकर शशि और राहुल से झगड़ा हो गया था।
मुख्य आरोपी शशि के साथ मनाली घूमने गया था राहुल
मूलरूप से दादरी के गांव लोहारवाड़ा निवासी शशि ने कबूल किया कि उसकी राहुल के साथ काफी पुरानी दोस्ती है। शशि जनवरी माह में राहुल व अपने अन्य दोस्तों के साथ मनाली भी घूमने गया था। इसकी फोटो फेसबुक पर शेयर की थी। वारदात में प्रयोग चाकू खरीदकर लाने वाला मोनू बीबान डिप्टी मेयर के भतीजे राहुल भाटी को अपना गुरु मानता है। इसके बारे में वह कई बार फेसबुक पर भी टिप्पणी कर चुका है। दोनों की एक साथ कई फोटो फेसबुक पर हैं।
एबीवीपी बैठक के बाद लेगी फैसला
हिंदु कॉलेज में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रधान हिमांशु राठी ने बताया कि शुक्रवार को विद्यार्थियों के साथ बैठक की जाएगी। बैठक में राहुल व दूसरे संदिग्ध को पुलिस की क्लीन चिट देने के मामले पर विचार विमर्श किया जाएगा। बैठक के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी।
ये था मामला
हिंदू कॉलेज में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सचिव रॉकी की दो फरवरी की रात को शेर विहार कॉलोनी में चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई थी। हत्या करने के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गये थे। इस मामले में मुख्य आरोपी शशि अन्य के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था। मामले को लेकर अगले दिन हिंदू कॉलेज के विद्यार्थियों और परिजनों ने आरोपियों को पकड़ने सहित अन्य मांगों को लेकर कॉलेज के बाहर भिवानी रोड पर जाम लगाया था। इसके बाद सीआईए 1 के एएसआई अमित कुमार और राजेश ने मुख्य आरोपी शशि और चरखीदादरी के गांव बिरही छपार निवासी उसके दोस्त सुनील को गिरफ्तार किया था। बाद में तीसरे आरोपी मोनू को भी गिरफ्तार किया गया था। इस हत्याकांड में डिप्टी मेयर के भतीजे राहुल भाटी की भूमिका संदिग्ध पाई गई थी।
वर्जन
डिप्टी मेयर के भतीजे राहुल भाटी और दूसरे संदिग्ध के खिलाफ कोई पुख्ता सबूत नहीं मिले है। राहुल ने बिना किसी मकसद के सामान्य तौर पर मुख्य आरोपी शशि को रॉकी की लोकेशन बताई थी। इसके अलावा हत्या के बाद शशि को उसके उधार दिये रुपये लौटाए थे। हालांकि अभी जांच की जा रही है।
- इंस्पेक्टर मनोज वर्मा, इंचार्ज एंटी व्हीकल थेफ्ट टीम