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अवैध हथियारों से 1 घंटे चला खूनी खेल, छह बाइक तोड़ी, घर खाली कर रिश्तेदारों के पास पहुंचे 8 परिवार
Updated Thu, 04 Jan 2018 02:25 AM IST
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अवैध हथियारों से एक घंटे चला खूनी खेल
घर खाली कर रिश्तेदारों के पास पहुंचे 8 परिवार
- पथराव, फायरिंग और तोड़फोड़ के बाद दहशत में लोग, रातभर बजता रहा पुलिस का सायरन
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
छेड़छाड़ को लेकर इंदिरा कॉलोनी में करीब एक घंटे तक अवैध हथियार के साथ खूनी खेल चला। दहशत के मंजर में छह बाइक तोड़ दी गई। एक दूसरे से खुद की जान बचाने के लिए आठ परिवारोें ने अपने घरों को खुला छोड़कर रिश्तेदारों के पास शरण ली। पुलिस को मौके से अवैध हथियार से चली कारतूस के खोखे भी बरामद हुए है। हालांकि देर रात तक यह स्पष्ट नहीं हो सका कि फायरिंग दोनों पक्षों में से किसने की।
जब पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला तो दोनों पक्षों के आठ घरों में न तो एक महिला थी और न ही कोई पुरुष। जब उनके पड़ोसियों से पड़ताल की गई तो पता चला कि यह परिवार एक दूसरे से जान बचाने के लिए अपने रिश्तेदारों के घर चले गये। कॉलोनी की तीन गली ईंट और पत्थर से अटी पड़ी थी। गलियों में कई जगहों पर खून फैला हुआ था। एक घंटे तक दोनों पक्षों मेें जमकर पथराव हुआ। देर रात पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ केस तो दर्ज कर लिया मगर पहचान नहीं होने के कारण किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी।
फायरिंग व पथराव करते एक दूसरे के घरों में घुसी भीड़
सारे विवाद को लेकर वैसे तो दोनों पक्ष एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाते रहे लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों ने कुछ ओर ही मंजर देखा। कॉलोनी में ही परचून की दुकान चलाने वाले दुकानदार ने बताया कि रात करीब सात बजे बारिश की तरह पत्थर और ईंट गली में गिरने लगे। दोनों गलियों में से फायरिंग की आवाज गूंजने लगी। इसी बीच उपद्रवियों की भीड़ हथियार व लाठी डंडे लेकर एक-दूसरे के घरों में घुस गई। फिर पूरी कॉलोनी में हाहाकार मच गया।
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100 मीटर की दूरी तय करने में लगी 30 मिनट
हैरत की बात यह है कि जिस कॉलोनी में जिस जगह पर खूनी खेल हुआ उससे मात्र 100 मीटर की दूरी पर इंदिरा कॉलोनी पुलिस चौकी थी। सूचना मिलने के बाद भी पुलिस को घटनास्थल पर पहुंचने में 30 मिनट लगे। दोनों तरफ से पथराव और फायरिंग के कारण पुलिस भी मौके पर जाने का साहस नहीं जुटा सकी। पुलिस कंट्रोल रूम पर सूचना देकर अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर बुलाया गया। इसके बाद दोनों पक्षोें के लोगों को शांत किया गया।
दहशत : अलाव जलाकर जागते रहे क्षेत्रवासी
खूनी रंजिश के कारण क्षेत्रवासियों में रात भर दहशत का माहौल रहा। पुलिस के पहरे में क्षेत्रवासी रात भर अलाव जलाकर जागते रहे। जबकि दोनों पक्ष की महिलाएं अपने अपने घरों में इकट्ठा होकर बैठी रही। विवाद के बाद ही क्षेत्र की सारी दुकानें बंद कर दी गई थी। स्थिति को काबू में रखने के लिए क्षेत्र में सीआईए की दोनों टीम, छह थानों के इंचार्ज के नेतृत्व में टीम को गश्त करने के लिए भेज दिया गया था।
बच्चे की मौत पर पुलिस व दोनों पक्षों का तर्क
दम घुटने से हुई बच्चे की मौत : राजो
सुनील पक्ष की महिला राजो का कहना है कि पथराव व फायरिंग के दौरान बच्चा अपनी मां की गोद में था। मां की गोद में ही दम घुटने से उसकी मौत हुई। बच्चे को पहले भी सांस संबंधी बीमारी थी।
गला दबाकर की बच्चे की हत्या : ज्योति
दूसरी तरफ आठ माह के बच्चे को खोने वाली ज्योति का कहना है कि आरोपियों ने अंधेरे का फायदा उठाकर गला दबाकर उसके बच्चे की हत्या की है। आरोपियों ने ज्योति के हाथ से छीनकर बच्चे को मौत के घाट उतारा।
पोस्टमार्टम के बाद होगा खुलासा : डीएसपी
मामले में डीएसपी रमेश का कहना है कि प्राथमिक सूचना के आधार पर बच्चे की मौत के बाद हत्या का केस दर्ज किया गया है। मगर बच्चे की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारण का पता चलेगा। वीरवार को उसका पोस्टमार्टम होगा।
रातभर कॉलोनी की सड़क पर बजते रहे सायरन
तनाव पूर्व माहौल होने के कारण इंदिरा कॉलोनी में रात भर पुलिस के सायरन की आवाज गूंजती रही। पुलिस की अलग अलग टीम दोनों पक्षों के घरों के सामने गश्त करती रही। इसके अलावा शहर थानाक्षेत्र और पुरानी सब्जी मंडी थाना क्षेत्र की सभी राइडर को भी गश्त के लिए कॉलोनी में बुलाया गया।
सुनील, भरत, राजेश और मदन के घर में हुई जमकर तोड़फोड़
उत्पात के दौरान सबसे ज्यादा तोड़फोड़ सुनील, भरत, राजेश और मदन के घर में हुई। उपद्रवियों ने मदन के घर के बर्तनों को बाहर फेंक दिया। जबकि सुनील के मकान के दरवाजाें को भी तोड़ा गया। इनके घर के अंदर सारा सामान इधर उधर बिखरा पड़ा था। घर के अंदर कोई भी संभालने वाला नहीं था।
दहशत के पल क्षेत्रवासियों की जुबानी
हमारा तो कोई भी कसूर नहीं था। इसके बावजूद घर में तोड़फोड़ और मारपीट हुई। अब हालत यह है कि घर में भी डर लग रहा है। उत्पात के भय से बच्चों को घरों से बाहर भेज दिया है।
- ललिता, क्षेत्रवासी
कॉलोनी के सभी लोग प्रेमभाव के साथ रहते थे। कु छ लोगों की हरकतों ने नफरत पैदा कर दी है। यदि ऐसी ही स्थिति रही तो रात को घरों में रहना भी मुश्किल हो जाएगा। पुलिस कब तक सुरक्षा करेगी।
- सावित्री, क्षेत्रवासी
आज अपने ही घर में डर लग रहा है। पता नहीं कौन कब घर में घुसकर मारपीट और छेड़खानी शुरू कर दे। छेड़खानी करने वाले आरोपियों में पुलिस का भी डर नहीं रहा है।
- खानदानी, क्षेत्रवासी
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घर खाली कर रिश्तेदारों के पास पहुंचे 8 परिवार
- पथराव, फायरिंग और तोड़फोड़ के बाद दहशत में लोग, रातभर बजता रहा पुलिस का सायरन
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
छेड़छाड़ को लेकर इंदिरा कॉलोनी में करीब एक घंटे तक अवैध हथियार के साथ खूनी खेल चला। दहशत के मंजर में छह बाइक तोड़ दी गई। एक दूसरे से खुद की जान बचाने के लिए आठ परिवारोें ने अपने घरों को खुला छोड़कर रिश्तेदारों के पास शरण ली। पुलिस को मौके से अवैध हथियार से चली कारतूस के खोखे भी बरामद हुए है। हालांकि देर रात तक यह स्पष्ट नहीं हो सका कि फायरिंग दोनों पक्षों में से किसने की।
जब पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला तो दोनों पक्षों के आठ घरों में न तो एक महिला थी और न ही कोई पुरुष। जब उनके पड़ोसियों से पड़ताल की गई तो पता चला कि यह परिवार एक दूसरे से जान बचाने के लिए अपने रिश्तेदारों के घर चले गये। कॉलोनी की तीन गली ईंट और पत्थर से अटी पड़ी थी। गलियों में कई जगहों पर खून फैला हुआ था। एक घंटे तक दोनों पक्षों मेें जमकर पथराव हुआ। देर रात पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ केस तो दर्ज कर लिया मगर पहचान नहीं होने के कारण किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी।
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फायरिंग व पथराव करते एक दूसरे के घरों में घुसी भीड़
सारे विवाद को लेकर वैसे तो दोनों पक्ष एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाते रहे लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों ने कुछ ओर ही मंजर देखा। कॉलोनी में ही परचून की दुकान चलाने वाले दुकानदार ने बताया कि रात करीब सात बजे बारिश की तरह पत्थर और ईंट गली में गिरने लगे। दोनों गलियों में से फायरिंग की आवाज गूंजने लगी। इसी बीच उपद्रवियों की भीड़ हथियार व लाठी डंडे लेकर एक-दूसरे के घरों में घुस गई। फिर पूरी कॉलोनी में हाहाकार मच गया।
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100 मीटर की दूरी तय करने में लगी 30 मिनट
हैरत की बात यह है कि जिस कॉलोनी में जिस जगह पर खूनी खेल हुआ उससे मात्र 100 मीटर की दूरी पर इंदिरा कॉलोनी पुलिस चौकी थी। सूचना मिलने के बाद भी पुलिस को घटनास्थल पर पहुंचने में 30 मिनट लगे। दोनों तरफ से पथराव और फायरिंग के कारण पुलिस भी मौके पर जाने का साहस नहीं जुटा सकी। पुलिस कंट्रोल रूम पर सूचना देकर अतिरिक्त पुलिस बल को मौके पर बुलाया गया। इसके बाद दोनों पक्षोें के लोगों को शांत किया गया।
दहशत : अलाव जलाकर जागते रहे क्षेत्रवासी
खूनी रंजिश के कारण क्षेत्रवासियों में रात भर दहशत का माहौल रहा। पुलिस के पहरे में क्षेत्रवासी रात भर अलाव जलाकर जागते रहे। जबकि दोनों पक्ष की महिलाएं अपने अपने घरों में इकट्ठा होकर बैठी रही। विवाद के बाद ही क्षेत्र की सारी दुकानें बंद कर दी गई थी। स्थिति को काबू में रखने के लिए क्षेत्र में सीआईए की दोनों टीम, छह थानों के इंचार्ज के नेतृत्व में टीम को गश्त करने के लिए भेज दिया गया था।
बच्चे की मौत पर पुलिस व दोनों पक्षों का तर्क
दम घुटने से हुई बच्चे की मौत : राजो
सुनील पक्ष की महिला राजो का कहना है कि पथराव व फायरिंग के दौरान बच्चा अपनी मां की गोद में था। मां की गोद में ही दम घुटने से उसकी मौत हुई। बच्चे को पहले भी सांस संबंधी बीमारी थी।
गला दबाकर की बच्चे की हत्या : ज्योति
दूसरी तरफ आठ माह के बच्चे को खोने वाली ज्योति का कहना है कि आरोपियों ने अंधेरे का फायदा उठाकर गला दबाकर उसके बच्चे की हत्या की है। आरोपियों ने ज्योति के हाथ से छीनकर बच्चे को मौत के घाट उतारा।
पोस्टमार्टम के बाद होगा खुलासा : डीएसपी
मामले में डीएसपी रमेश का कहना है कि प्राथमिक सूचना के आधार पर बच्चे की मौत के बाद हत्या का केस दर्ज किया गया है। मगर बच्चे की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारण का पता चलेगा। वीरवार को उसका पोस्टमार्टम होगा।
रातभर कॉलोनी की सड़क पर बजते रहे सायरन
तनाव पूर्व माहौल होने के कारण इंदिरा कॉलोनी में रात भर पुलिस के सायरन की आवाज गूंजती रही। पुलिस की अलग अलग टीम दोनों पक्षों के घरों के सामने गश्त करती रही। इसके अलावा शहर थानाक्षेत्र और पुरानी सब्जी मंडी थाना क्षेत्र की सभी राइडर को भी गश्त के लिए कॉलोनी में बुलाया गया।
सुनील, भरत, राजेश और मदन के घर में हुई जमकर तोड़फोड़
उत्पात के दौरान सबसे ज्यादा तोड़फोड़ सुनील, भरत, राजेश और मदन के घर में हुई। उपद्रवियों ने मदन के घर के बर्तनों को बाहर फेंक दिया। जबकि सुनील के मकान के दरवाजाें को भी तोड़ा गया। इनके घर के अंदर सारा सामान इधर उधर बिखरा पड़ा था। घर के अंदर कोई भी संभालने वाला नहीं था।
दहशत के पल क्षेत्रवासियों की जुबानी
हमारा तो कोई भी कसूर नहीं था। इसके बावजूद घर में तोड़फोड़ और मारपीट हुई। अब हालत यह है कि घर में भी डर लग रहा है। उत्पात के भय से बच्चों को घरों से बाहर भेज दिया है।
- ललिता, क्षेत्रवासी
कॉलोनी के सभी लोग प्रेमभाव के साथ रहते थे। कु छ लोगों की हरकतों ने नफरत पैदा कर दी है। यदि ऐसी ही स्थिति रही तो रात को घरों में रहना भी मुश्किल हो जाएगा। पुलिस कब तक सुरक्षा करेगी।
- सावित्री, क्षेत्रवासी
आज अपने ही घर में डर लग रहा है। पता नहीं कौन कब घर में घुसकर मारपीट और छेड़खानी शुरू कर दे। छेड़खानी करने वाले आरोपियों में पुलिस का भी डर नहीं रहा है।
- खानदानी, क्षेत्रवासी