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फर्जी दस्तावेज जमा कर बना शुगर मिल का चौकीदार, 22 साल बाद हुआ खुलासा
Updated Sun, 08 Oct 2017 02:43 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
महम शुगर मिल में एक व्यक्ति नौंवी कक्षा के फर्जी दस्तावेज जमा करके चौकीदार बन गया। 22 साल बाद जब शुगर मिल प्रबंधन ने उसके दस्तावेजों की संबंधित स्कू ल से जांच करवाई तो पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। इस संबंध में महम थाने में जींद के जुलाना स्थित गांव मालवी निवासी चौकीदार जयवीर के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
शुगर मिल प्रबंधन ने शिकायत में बताया कि जयवीर सिंह ने शुगर मिल में चौकीदार पद के आवेदन करते समय राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सैमाण से जारी शैक्षणिक प्रमाण पत्र दिया था। इसके आधार पर उसकी नियुक्ति 12 जनवरी 1996 को चौकीदार के स्थायी पद पर हुई थी। मील प्रशासन को जयवीर द्वारा जमा किये गये शैक्षणिक प्रमाण पत्र पर शक हुआ। इसके बाद मिल प्रबंधन ने जयवीर के नौंवी कक्षा के कागजों की जांच पड़ताल के लिए 10 मार्च 2017 को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सैमाण के प्रधानाचार्य को पत्र लिखा। स्कूल प्रशासन ने जांच पड़ताल करने के बाद 22 मार्च को जवाब दिया। स्कूल प्रशासन ने बताया कि जो प्रमाण पत्र जयवीर ने जमा किये हैं वह विद्यालय से जारी नहीं किये गये हैं। फिर जयवीर के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर उसके खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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रोहतक।
महम शुगर मिल में एक व्यक्ति नौंवी कक्षा के फर्जी दस्तावेज जमा करके चौकीदार बन गया। 22 साल बाद जब शुगर मिल प्रबंधन ने उसके दस्तावेजों की संबंधित स्कू ल से जांच करवाई तो पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। इस संबंध में महम थाने में जींद के जुलाना स्थित गांव मालवी निवासी चौकीदार जयवीर के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
शुगर मिल प्रबंधन ने शिकायत में बताया कि जयवीर सिंह ने शुगर मिल में चौकीदार पद के आवेदन करते समय राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सैमाण से जारी शैक्षणिक प्रमाण पत्र दिया था। इसके आधार पर उसकी नियुक्ति 12 जनवरी 1996 को चौकीदार के स्थायी पद पर हुई थी। मील प्रशासन को जयवीर द्वारा जमा किये गये शैक्षणिक प्रमाण पत्र पर शक हुआ। इसके बाद मिल प्रबंधन ने जयवीर के नौंवी कक्षा के कागजों की जांच पड़ताल के लिए 10 मार्च 2017 को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सैमाण के प्रधानाचार्य को पत्र लिखा। स्कूल प्रशासन ने जांच पड़ताल करने के बाद 22 मार्च को जवाब दिया। स्कूल प्रशासन ने बताया कि जो प्रमाण पत्र जयवीर ने जमा किये हैं वह विद्यालय से जारी नहीं किये गये हैं। फिर जयवीर के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर उसके खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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