फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   पहले नौकरी के नाम पर ठगी फिर 18 प्रतिशत जीएसटी पर हड़पे हजारों रुपये

पहले नौकरी के नाम पर ठगी फिर 18 प्रतिशत जीएसटी पर हड़पे हजारों रुपये

Fri, 24 Nov 2017 03:22 AM IST
Updated Fri, 24 Nov 2017 03:22 AM IST
विज्ञापन
पहले नौकरी के नाम पर ठगी फिर 18 प्रतिशत जीएसटी पर हड़पे हजारों रुपये
पहले नौकरी के नाम पर ठगी फिर जीएसटी पर हड़पे रुपये
विज्ञापन

- गांधरा के युवक के साथ हुई वारदात, एसपी के आदेश पर केस दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
कुछ आरोपियों ने पहले तो एक व्यक्ति से निजी कंपनी में नौकरी लगवाने के नाम पर हजारों रुपये ठग लिये। जब व्यक्ति ने अपने रुपये वापस मांगे तो आरोपियों ने 18 प्रतिशत जीएसटी के नाम पर 12231 रुपये ठग लिये। इस संबंध में सांपला थाने में केस दर्ज किया गया है।
पुलिस को दी शिकायत में गांव गांधरा निवासी विशाल ने बताया कि उसके पास करीब दो महीने पहले एक अज्ञात नंबर से कॉल आई थी। कॉल करने वाले ने खुद को निजी कंपनी का अधिकारी बताया। उसने विशाल से कहा कि वह कंपनी में उसकी नौकरी लगवा देगा। विशाल ने बताया कि आरोपियों ने उससे पहले 1600, फिर 5400, 6500, 10200, 12400, 15000, 16850 रुपये अपने बैंक खाते में जमा करवाए। इसके बाद आरोपियों ने विशाल से 20 हजार रुपये मांगे। इस पर विशाल ने रुपये देने से इनकार कर दिया और जमा किये गये सारे रुपये वापस मांगे।
विज्ञापन

इस पर आरोपियों ने विशाल से कहा कि सारे रुपये 66950 उसके खाते में आ जाएंगे, लेकिन इसका 18 प्रतिशत जीएसटी चुकाना होगा। इसके लिए 12231 रुपये ओर खाते में जमा करवाना होंगे। विशाल को भरोसे में लेने के लिए आरोपियों ने उससे उसका बैंक खाता, नाम और आईएफएससी कोड भी मांगा। इसके बाद विशाल ने उनके खाते में जीएसटी के 12231 रुपये भी जमा करवा दिये। रुपये जमा कराने के कई दिन बाद भी विशाल के खाते में उसकी राशि जमा नहीं की गई। जब उसने आरोपियों के मोबाइल नंबर पर कॉल की तो वह बंद मिले। आरोपियों ने विशाल ने कुल 80,181 रुपये ठगे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


सांपला एसएचओ ने नहीं सुनी तो एसपी से लगाई गुहार
रुपये वापस नहीं मिलने के बाद विशाल ने सांपला थाना एसएचओ को शिकायत दी। विशाल का आरोप है कि सांपला थाना पुलिस ने मामले में कोई भी कार्रवाई नहीं की। वह थाने में बार बार गुहार लगाते रहे। मगर कोई फायदा नहीं हुआ। इसके बाद विशाल ने एसपी से मामले की शिकायत की। एसपी के आदेश पर पुलिस ने आरोपियोें के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। विशाल ने पुलिस को आरोपियों के मोबाइल नंबर, बैंक खाता संख्या और बैंक स्टेटमेंट सहित बातचीत की रिकार्डिंग मुहैया करवा दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed