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बोहर में दूधिया की हत्या के प्रयास का मामला
Updated Fri, 25 May 2018 02:48 AM IST
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फ्लैग : बोहर में युवक की हत्या के प्रयास का मामला
हेडिंग : बेटा दोषी करार, पिता और दोस्त को मिली क्लीन चिट
: दोषी को आज सुनाई जाएगी सजा, मकान निर्माण सामग्री गली से लेकर आने पर हुआ था विवाद
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
बोहर गांव में तीन साल पहले तड़के साढ़े पांच बजे घूमने जा रहे युवक मनीष की हत्या के प्रयास के आरोप में गांव के ही युवक नवनीत को अदालत ने दोषी करार दिया है। जबकि उसके दोस्त रोहित को वारदात में शामिल होने व पिता जयनारायण को फरार होने में सहयोग करने के आरोप से बरी कर दिया। दोषी युवक को शुक्रवार को सजा सुनाई जाएगी।
मामले के अनुसार बोहर निवासी मनीष ने शिकायत दी कि मार्च 2015 में तड़के घूमने जा रहा था। रास्ते में वह नाई की दुकान के नजदीक पहुंचा तो पीछे से गांव के ही युवक नवनीत ने गोली मार दी, जो उसके कूल्हे में लगी। जबकि दूसरी गोली कंधे में लगी। उसने पीछे मुड़कर देखा तो आरोपी अपने साथी रिठाल निवासी रोहित की बाइक पर बैठकर फरार हो गया। घायल मनीष को परिजनों ने पीजीआई में दाखिल करवाया। पुलिस रिकार्ड के मुताबिक कई दिन मनीष का सुराग नहीं लगा। पुलिस ने उसके पिता जयनारायण को हिरासत में लिया। पता चला कि जयनारायण ने उसे भागने में मदद की। पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया। हालांकि बाद में जमानत मिल गई। मामले में पुलिस ने वारदात के एक माह बाद नवनीत व रोहित को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में नवनीत ने खुलासा किया कि उसके पिता मकान बना रहे थे। मनीष उन्हें भवन निर्माण सामग्री गली से लेकर आने से रोकता था। जब उसने मनीष से कहा कि उसे भी धमकी देने लगा। सबक सिखाने के लिए फायरिंग की।
रूखी से युवक से खरीदा पिस्तौल
पुलिस के मुताबिक नवनीत अपने दोस्त रोहित के माध्यम से रूखी गांव के युवक विक्की से मिला। विक्की ने 50 हजार रुपये में देसी पिस्तौल व 10 कारतूस देने की बात कही। नवनीत ने 20 हजार रुपये देकर पिस्तौल व कारतूस ले लिया। कहा, 30 हजार रुपये बाद में दे देगा। पुलिस ने मामले में विक्की को भी गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन बाद में जमानत के बाद दोबारा कोर्ट में हाजिर नहीं हुआ।
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दोस्त व पिता पर आरोप साबित नहीं कर सकी पुलिस
तीन साल से जिला अदालत में केस की सुनवाई चली रही थी। सुनवाई के दौरान पुलिस व पीड़ित पक्ष दोषी करार नवनीत के दोस्त रोहित पर वारदात में शामिल होने और उसके पिता जयनारायण पर आरोपी के फरार होने में सहयोग करने के आरोप साबित नहीं कर सकी। कोर्ट ने गुरुवार को नवनीत को वारदात का दोषी करार दिया, जबकि रोहित व जयनारायण को बरी कर दिया। विक्की मामले में पीओ घोषित है।
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हेडिंग : बेटा दोषी करार, पिता और दोस्त को मिली क्लीन चिट
: दोषी को आज सुनाई जाएगी सजा, मकान निर्माण सामग्री गली से लेकर आने पर हुआ था विवाद
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
बोहर गांव में तीन साल पहले तड़के साढ़े पांच बजे घूमने जा रहे युवक मनीष की हत्या के प्रयास के आरोप में गांव के ही युवक नवनीत को अदालत ने दोषी करार दिया है। जबकि उसके दोस्त रोहित को वारदात में शामिल होने व पिता जयनारायण को फरार होने में सहयोग करने के आरोप से बरी कर दिया। दोषी युवक को शुक्रवार को सजा सुनाई जाएगी।
मामले के अनुसार बोहर निवासी मनीष ने शिकायत दी कि मार्च 2015 में तड़के घूमने जा रहा था। रास्ते में वह नाई की दुकान के नजदीक पहुंचा तो पीछे से गांव के ही युवक नवनीत ने गोली मार दी, जो उसके कूल्हे में लगी। जबकि दूसरी गोली कंधे में लगी। उसने पीछे मुड़कर देखा तो आरोपी अपने साथी रिठाल निवासी रोहित की बाइक पर बैठकर फरार हो गया। घायल मनीष को परिजनों ने पीजीआई में दाखिल करवाया। पुलिस रिकार्ड के मुताबिक कई दिन मनीष का सुराग नहीं लगा। पुलिस ने उसके पिता जयनारायण को हिरासत में लिया। पता चला कि जयनारायण ने उसे भागने में मदद की। पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया। हालांकि बाद में जमानत मिल गई। मामले में पुलिस ने वारदात के एक माह बाद नवनीत व रोहित को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में नवनीत ने खुलासा किया कि उसके पिता मकान बना रहे थे। मनीष उन्हें भवन निर्माण सामग्री गली से लेकर आने से रोकता था। जब उसने मनीष से कहा कि उसे भी धमकी देने लगा। सबक सिखाने के लिए फायरिंग की।
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रूखी से युवक से खरीदा पिस्तौल
पुलिस के मुताबिक नवनीत अपने दोस्त रोहित के माध्यम से रूखी गांव के युवक विक्की से मिला। विक्की ने 50 हजार रुपये में देसी पिस्तौल व 10 कारतूस देने की बात कही। नवनीत ने 20 हजार रुपये देकर पिस्तौल व कारतूस ले लिया। कहा, 30 हजार रुपये बाद में दे देगा। पुलिस ने मामले में विक्की को भी गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन बाद में जमानत के बाद दोबारा कोर्ट में हाजिर नहीं हुआ।
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दोस्त व पिता पर आरोप साबित नहीं कर सकी पुलिस
तीन साल से जिला अदालत में केस की सुनवाई चली रही थी। सुनवाई के दौरान पुलिस व पीड़ित पक्ष दोषी करार नवनीत के दोस्त रोहित पर वारदात में शामिल होने और उसके पिता जयनारायण पर आरोपी के फरार होने में सहयोग करने के आरोप साबित नहीं कर सकी। कोर्ट ने गुरुवार को नवनीत को वारदात का दोषी करार दिया, जबकि रोहित व जयनारायण को बरी कर दिया। विक्की मामले में पीओ घोषित है।