अब क्राइम ब्रांच सामने लाएगी सीआईए हत्याकांड का सच
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करीब दो महीने पहले सीआईए-1 में एएसआई द्वारा हेड कांस्टेबल की हत्या के मामले की जांच अब क्राइम ब्रांच करेगी। पीड़ित पक्ष की शिकायत के बाद क्राइम ब्रांच के डीजीपी ने जांच के आदेश दिए।
करीब एक महीने पहले हेड कांस्टेबल संजय के परिजनों और ग्रामीणों ने कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ से मिलकर मामले की जांच क्राइम ब्रांच से करवाने की गुहार लगाई थी। इसके बाद कृषि मंत्री ने एसपी को मामले को क्राइम ब्रांच में भेजने के निर्देश दिये थे। वहीं, डीजीपी के आदेश के बाद ब्रांच ने प्रारंभिक पूछताछ भी शुरू कर दी है।
सौंपी मर्डर केस की फाइल हेड कांस्टेबल संजय की हत्या और एएसआई रोहताश के आत्महत्या की फाइल स्थानीय पुलिस प्रशासन की ओर से क्राइम ब्रांच को भेज दी गई है। डीएसपी विजेन्द्र सिंह ने बताया कि मामले में केस फाइल के अलावा जांच अधिकारी और थाने से कोई जानकारी नहीं मांगी गई है। वहीं क्राइम ब्रांच से पहले मामले की जांच डीएसपी विजेंद्र सिंह ही कर रहे थे।
घटना के बाद बदला था पूरा स्टाफ सीआईए 1 में हुई घटना के बाद एसपी ने पूरे स्टाफ को बदल दिया था। ताकि आपसी रंजिश के कारण दोबारा घटना न हो सके। वहीं, घटना के कुछ दिन बाद ही दोनों मृतकों के परिवारों ने वारदात में किसी तीसरे के शामिल होने की संभावना जताई थी।
इसके बाद दोनों पक्षों ने एसपी से मिलकर तीसरे शख्स की भूमिका के बारे में पता करने की गुहार लगाई थी। इसके बाद मामले में एसआईटी का गठन किया गया था।
मामले की जांच अब क्राइम ब्रांच के पास है। केस की फाइल भी क्राइम ब्रांच को भेज दी गई है। एक पक्ष ने मामले की जांच क्राइम ब्रांच से कराने की गुहार लगाई थी। विजेन्द्र सिंह, डीएसपी हेडक्वार्टर
ये था मामला करीब दो महीने पहले रोहतक सीआईए-1 में तैनात हिसार के सिंघवा निवासी एएसआई रोहताश ने जींद के करसौला निवासी हेड कांस्टेबल संजय की सोते समय गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। मामले में सामने आया था कि दोनों के बीच गेट खोलने को लेकर मामूली विवाद हुआ था।