{"_id":"5deea92a8ebc3e87f939ef5c","slug":"court-judgment-in-rape-and-firing-case-rohtak-news-rtk5316196189","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुष्कर्मी को 10 साल और व्यापारी पर फायरिंग करने के दोषी को साढ़े तीन साल की कैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दुष्कर्मी को 10 साल और व्यापारी पर फायरिंग करने के दोषी को साढ़े तीन साल की कैद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रोहतक। नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को अदालत ने 10 साल की कैद व साढ़े 6 हजार रुपये और सांपला के व्यापारी पर जानलेवा हमला करने के दोषी को साढ़े 3 साल कैद व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। एक फैसला सोमवार को एडीजे आरपी गोयल तो दूसरा एडीजे रितु वाईके बहल की अदालत ने सुनाया है।
बिहार का रहने वाला आरोपी बहला-फुसलाकर ले गया था नाबालिग को
जुलाई 2018 में एक महिला ने महिला थाने में शिकायत दी कि पड़ोस में एक युवक कुलदीप किराये के मकान में परिवार सहित रह रहा था। कुलदीप उसकी 16 वर्षीय बेटी को बहला-फुसला कर ले गया। इतना ही नहीं, उसने बेटी के माध्यम से 80 हजार रुपये भी मंगवा लिए। इसी मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुलदीप को गिरफ्तार कर लिया और नाबालिग को 10 दिन बाद मकड़ौली टोल प्लाजा के पास से बरामद किया। आरोपी मूल रूप से बिहार के चंपारण का है। नाबालिग छात्रा ने पुलिस को लिखित शिकायत दी कि आरोपी उसे तंग करता था। उसने अपने परिजनों को भी इस बारे में शिकायत की थी। इस पर आरोपी ने माफी मांग ली थी। इसके बाद आरोपी उसे बहकाकर ले गया और गलत काम किया। शनिवार को एडीजे आरपी गोयल की कोर्ट ने कुलदीप को दोषी करार दिया था। सोमवार को अदालत ने कुलदीप को 10 साल कैद व 6500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
रुपये न देने पर व्यापारी पर चलाई थी नौ गोलियां
अतिरिक्त सत्र एवं जिला न्यायाधीश रितु वाईके बहल की अदालत ने सांपला में तीन साल पहले व्यापारी पर गोली चलाने के मामले में आरोपी युवक समचाना गांव निवासी ललित को हत्या के प्रयास का दोषी करार देते हुए साढ़े 3 साल की कैद व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। पुलिस के मुताबिक सांपला मंडी रेलवे रोड स्थित स्वीट्स शॉप संचालक अजय अग्रवाल ने सांपला पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि 26 मई 2016 को उसके मोबाइल पर शाम करीब 8 बजे एक अनजान व्यक्ति की कॉल आई। फोन करने वाले ने कहा कि उसे पैसे चाहिए। जिस पर अजय ने कहा कि वह उसे नहीं जानता है। तो उसने कहा कि जान जाएगा। साथ ही कहा कि वह हवलदार का बेटा ललित समचाना बोल रहा है। जिस पर अजय अग्रवाल ने कहा कि वह नहीं जानता। अभी जान जाएगा कहते हुए उक्त अनजान व्यक्ति ने फोन रख दिया। 5 मिनट बाद ही दुकान के बाहर एक सफेद कार आकर रुकी। कार से उतरते ही अजय की तरफ गोलियां चलानी शुरू कर दी। करीब 9 फायर किए गए। गनीमत रही कि इस दौरान एक भी गोली अजय को नहीं लगी। पुलिस ने मामले में समचाना निवासी ललित को गिरफ्तार किया था। शुक्रवार को एडीजे रितु वाईके बहल की अदालत ने ललित को दोषी करार दिया था, जिसे सोमवार को साढ़े 3 साल की कैद व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
बिहार का रहने वाला आरोपी बहला-फुसलाकर ले गया था नाबालिग को
जुलाई 2018 में एक महिला ने महिला थाने में शिकायत दी कि पड़ोस में एक युवक कुलदीप किराये के मकान में परिवार सहित रह रहा था। कुलदीप उसकी 16 वर्षीय बेटी को बहला-फुसला कर ले गया। इतना ही नहीं, उसने बेटी के माध्यम से 80 हजार रुपये भी मंगवा लिए। इसी मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुलदीप को गिरफ्तार कर लिया और नाबालिग को 10 दिन बाद मकड़ौली टोल प्लाजा के पास से बरामद किया। आरोपी मूल रूप से बिहार के चंपारण का है। नाबालिग छात्रा ने पुलिस को लिखित शिकायत दी कि आरोपी उसे तंग करता था। उसने अपने परिजनों को भी इस बारे में शिकायत की थी। इस पर आरोपी ने माफी मांग ली थी। इसके बाद आरोपी उसे बहकाकर ले गया और गलत काम किया। शनिवार को एडीजे आरपी गोयल की कोर्ट ने कुलदीप को दोषी करार दिया था। सोमवार को अदालत ने कुलदीप को 10 साल कैद व 6500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
विज्ञापन
रुपये न देने पर व्यापारी पर चलाई थी नौ गोलियां
अतिरिक्त सत्र एवं जिला न्यायाधीश रितु वाईके बहल की अदालत ने सांपला में तीन साल पहले व्यापारी पर गोली चलाने के मामले में आरोपी युवक समचाना गांव निवासी ललित को हत्या के प्रयास का दोषी करार देते हुए साढ़े 3 साल की कैद व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। पुलिस के मुताबिक सांपला मंडी रेलवे रोड स्थित स्वीट्स शॉप संचालक अजय अग्रवाल ने सांपला पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि 26 मई 2016 को उसके मोबाइल पर शाम करीब 8 बजे एक अनजान व्यक्ति की कॉल आई। फोन करने वाले ने कहा कि उसे पैसे चाहिए। जिस पर अजय ने कहा कि वह उसे नहीं जानता है। तो उसने कहा कि जान जाएगा। साथ ही कहा कि वह हवलदार का बेटा ललित समचाना बोल रहा है। जिस पर अजय अग्रवाल ने कहा कि वह नहीं जानता। अभी जान जाएगा कहते हुए उक्त अनजान व्यक्ति ने फोन रख दिया। 5 मिनट बाद ही दुकान के बाहर एक सफेद कार आकर रुकी। कार से उतरते ही अजय की तरफ गोलियां चलानी शुरू कर दी। करीब 9 फायर किए गए। गनीमत रही कि इस दौरान एक भी गोली अजय को नहीं लगी। पुलिस ने मामले में समचाना निवासी ललित को गिरफ्तार किया था। शुक्रवार को एडीजे रितु वाईके बहल की अदालत ने ललित को दोषी करार दिया था, जिसे सोमवार को साढ़े 3 साल की कैद व 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई।
विज्ञापन