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इलाज के लिए दिल्ली जाने वाले बन रहे कोरोना कैरियर
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Corona career going to Delhi for treatment
- फोटो : RohtakCity
इलाज के लिए दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में जाने वाले लोग ही अब कोरोना कैरियर बन रहे हैं। जिले में अब तक आए कोविड-19 के छह पॉजिटिव केसों में से चार इसी कैटेगरी में हैं। इसलिए प्रशासन ने अब ऐसे मामलों में सख्ती का मन बना लिया है। मेडिकल इमरजेंसी के लिए दिल्ली जाने वाले लोगों को अब हर हाल में जाने से पहले प्रशासन को सूचना देनी होगी। लौटते ही तुरंत बताना होगा। ताकि उनकी स्क्रीनिंग करवाई जा सके। लौटने पर उन्हें पूरे प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। स्क्रीनिंग के बाद ही उन्हें किसी से मिलने की इजाजत दी जाएगी। उपायुक्त आरएस वर्मा ने कहा कि इस आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आईपीसी के साथ-साथ डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि हमें मरीजों के साथ सहानुभूति है। जिले के बहुत से लोगों का विभिन्न बीमारियां का दिल्ली के अस्पतालों में इलाज चल रहा है। जिन्हें रूटीन में दिल्ली जाना होता है। मेडिकल इमरजेंसी में किसी को भी मनाही नहीं की जा सकती। लेकिन ऐसे लोगों को यह सोचना होगा कि दिल्ली कोरोना का हॉट स्पॉट बन चुका है। वहां जाने वालों के भी संक्रमित होने की आशंका है। उनके संक्रमित जिले के दूसरे लोगों की जिंदगी के लिए खतरा हो सकता है। किसी भी हाल में इसकी इजाजत नहीं दी जा सकती। इसलिए वे प्रशासन का सहयोग करें और दिल्ली जाते समय इसकी सूचना दें। गौरतलब है कि अब तक जिले में कोविड-19 के छह पॉजिटिव केस मिले हैं। जिनमें से चार दिल्ली में इलाज के दौरान संक्रमित हुए। सबसे पहले साई दास कॉलोनी निवासी महिला को संक्रमण हुआ। फिर ककराना के कैंसर मरीज और उनकी पत्नी संक्रमित हुए। अब फिर शिव कॉलोनी निवासी कैंसर पीड़ित की पत्नी को संक्रमण हुआ।
कंटेनमेंट जोन में नहीं दी जाएगी कोई ढील
उपायुक्त ने बैठक कर कोरोना को लेकर स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के पॉजिटिव केस मिलने के बाद जिले में चार स्थानों को कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है। इनमें सांपला के कुछ गांव, ककराना, अटायल और वार्ड दो की शिव कॉलोनी का हिस्सा शामिल है। इन क्षेत्रों में आम लोगों की आवाजाही पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है, ताकि कोरोना की चेन को तोड़ा जा सके। संक्रमित मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आने के 28 दिन बाद ही इन इलाकों में आवाजाही की इजाजत दी जाएगी। उन्होंने नोडल अफसरों को हिदायत दी कि कंटेनमेंट जोन के लोगों को रोजमर्रा की जरूरत चीजें मुहैया करवाने को कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाए। उन्हें समय से सारी दैनिक उपभोग की वस्तुएं मिलना सुनिश्चित किया जाए। बैठक में निगम कमिश्नर प्रदीप गोदारा, एडीसी महेंद्र पाल, सीटीएम जगनिवास, एसडीएम अभिषेक मीणा, राकेश कुमार व नवदीप नैन भी मौजूद थे।
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कंटेनमेंट जोन में नहीं दी जाएगी कोई ढील
उपायुक्त ने बैठक कर कोरोना को लेकर स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के पॉजिटिव केस मिलने के बाद जिले में चार स्थानों को कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है। इनमें सांपला के कुछ गांव, ककराना, अटायल और वार्ड दो की शिव कॉलोनी का हिस्सा शामिल है। इन क्षेत्रों में आम लोगों की आवाजाही पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है, ताकि कोरोना की चेन को तोड़ा जा सके। संक्रमित मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आने के 28 दिन बाद ही इन इलाकों में आवाजाही की इजाजत दी जाएगी। उन्होंने नोडल अफसरों को हिदायत दी कि कंटेनमेंट जोन के लोगों को रोजमर्रा की जरूरत चीजें मुहैया करवाने को कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाए। उन्हें समय से सारी दैनिक उपभोग की वस्तुएं मिलना सुनिश्चित किया जाए। बैठक में निगम कमिश्नर प्रदीप गोदारा, एडीसी महेंद्र पाल, सीटीएम जगनिवास, एसडीएम अभिषेक मीणा, राकेश कुमार व नवदीप नैन भी मौजूद थे।
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