फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   Cooperative minister's increased difficulties, police appeal session dismissed in court

सहकारिता मंत्री की बढ़ी मुश्किलें, पुलिस की अर्जी सेशन कोर्ट में खारिज

Thu, 25 Jul 2019 02:48 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 25 Jul 2019 02:48 AM IST
विज्ञापन
Cooperative minister's increased difficulties, police appeal session dismissed in court
लोकसभा चुनाव के दिन सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर व कांग्रेस के पूर्व विधायक भारत भूषण बतरा के बीच झड़प के मामले में मंत्री की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इस मामले में एडीजे रितु वाईके बहल की अदालत ने बुधवार को पुलिस की अपील खारिज कर दी। जेएमआईसी विवेक सिंह की कोर्ट ने मंत्री के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज करने के आदेश दिए थे, जिसे पुलिस ने सेशन कोर्ट में चुनौती दी थी। दोनों पक्षों की बहस के बाद कोर्ट ने पुलिस की अर्जी खारिज कर दी।
विज्ञापन

लोकसभा चुनाव में मतदान के दिन 12 मई को रोहतक शहर विधानसभा के काठमंडी के बूथ पर सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर और कांग्रेस के पूर्व विधायक भारत भूषण बतरा के बीच बूथ के अंदर जाने को लेकर कहासुनी हो गई थी। इसकी वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बोहर निवासी रमेश लोहार व उसके साथियों को गिरफ्तार किया था। रमेश लोहार के खिलाफ पहले भी कई संगीन मामले दर्ज रहे हैं। हालांकि अब वह कई मामलों में बरी हो चुका है और भाजपा के टिकट पर नगर निगम के वार्ड नंबर 9 से चुनाव भी लड़ा था। इतना ही नहीं, उसे मंत्री का करीबी समर्थक माना जाता है। इसी बीच बार के प्रधान लोकेंद्र फौगाट उर्फ जोजो ने जेएमआईसी विवेक सिंह की कोर्ट में अर्जी दाखिल की कि पुलिस ने मामले में सही ढंग से कार्रवाई नहीं की। उसकी शिकायत पर मामला दर्ज करने की बजाए मनमाने तरीके से कार्रवाई की है। मामले में सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर व रमेश लोहार सहित अन्य के खिलाफ 420, 483, 188, 171सी, 171एफ, 166ए, 511, 506, 34, 120बी, आर्म्स एक्ट और 135 रिप्रजेंटिव एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जाए। जबकि पुलिस ने केवल रमेश लोहार व उसके साथियों के खिलाफ ही कार्रवाई की है। जबकि मंत्री और रमेश लोहार वायरल वीडियो में एक साथ ही थे। पुलिस की तरफ से अर्जी दी गई कि घटनाक्रम को लेकर पुलिस पहले ही एफआईआर दर्ज कर चुकी है। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद कोर्ट ने पुलिस को सीआरपीसी की धारा 156(3) के तहत दायर याचिका पर केस दर्ज किया जाए। पुलिस केस दर्ज करने की बजाए 6 जून को निचली कोर्ट के आदेश को सेशन कोर्ट में चुनौती दी। तभी से मामले की सुनवाई चल रही थी। शुक्रवार को दोनों पक्षों की बहस के बाद कोर्ट ने पुलिस की अर्जी खारिज कर दी।
विज्ञापन

अब आगे क्या
एडीजे कोर्ट में अपील खारिज होने के बाद पुलिस के बाद दो रास्ते ही बचे हैं। जांच अधिकारी हाईकोर्ट में याचिका दायर कर सकता है। नहीं तो एफआईआर दर्ज करनी पड़ेगी। अगर केस दर्ज हुआ तो मंत्री को मामले में जमानत करानी पड़ सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जेएमआईसी विवेक सिंह की कोर्ट ने मंत्री व रमेश लोहार सहित अन्य के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिए थे, जिसे पुलिस ने सेशन कोर्ट में चुनौती दी थी। एडीजे रितु वाईके बहल की अदालत ने बुधवार को पुलिस की अर्जी खारिज कर दी है।
- जितेंद्र हुड्डा, वकील याचिकाकर्ता एवं बार प्रधान लोकेंद्र फौगाट उर्फ जोजो
मंत्री के वकील बोले, मैं बाहर हूं
पूरे मामले में सहकारिता मंत्री के वकील राजेश सहगल से बात की तो उन्होंने कहा कि वे बाहर हैं। अभी अदालत के आर्डर की कॉपी नहीं मिली है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed