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कामर्शियल की जगह रिहायसी हाउस टैक्स भरने के आरोप का मामला
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Sun, 08 Jan 2017 02:36 AM IST
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कांग्रेस पार्षद को भरना होगा 1.18 लाख रुपये कामर्शियल टैक्स
- फोटो : amar ujala
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नगर निगम की कांग्रेस पार्षद अनीता मिगलानी, उनकी देवरानी पूजा व शिवानी को मिलकर 1 लाख 18 हजार रुपये टैक्स भरना होगा। क्योंकि मामले की जांच कर रही निगम की टीम ने रिपोर्ट तैयार कर ज्वाइंट कमिश्नर अरविंद मल्हान के पास भेज दी है। शुक्रवार को ज्वाइंट कमिश्नर बाहर थे, जबकि शनिवार को छुट्टी के चलते फाइल पर हस्ताक्षर नहीं हो सके। ऐसे में अब सोमवार को फाइल पर हस्ताक्षर होते ही बिल तैयार हो जाएगा।
पिछले दिनों युवा इनेलो के शहरी उप प्रधान पंकज मलिक उर्फ हन्नी ने निगम आयुक्त को शिकायत दी थी कि गांधी कैंप में पार्क के पास 375 वर्ग गज का प्लाट है, जो वार्ड नंबर 11 की महिला पार्षद अनीता मिगलानी व उसके परिवार की दूसरी महिला सदस्यों के नाम है। साल 2011-12 से 2014-15 का हाउस टैक्स 1 लाख 18 हजार रुपये बनता है। निगम की ओर से इसका बिल 120 रुपये रिहायशी रेट पर बनाकर भेजा गया था। इससे निगम को लाखों रुपये का घाटा हुआ। क्योंकि प्लाट में कामर्शियल गतिविधियां चलती हैं, जिसके आधार पर बिल कामर्शियल रेट पर वसूल किया जाए। हालांकि मिगलानी ने बिल को नियमों के तहत बताया था। जब मामले ने तूल पकड़ा तो ज्वाइंट कमिश्नर ने मामले की जांच जोनल टैक्स आफिसर राजेंद्र के नेतृत्व में विशेष टीम को सौंपी थी। सूत्रों का कहना है कि जांच टीम ने रिपोर्ट तैयार कर ली है। इसके लिए दो बार मौके का मुआयना किया गया। अब कामर्शियल रेट के आधार पर टैक्स तैयार करने की सिफारिश की गई है। जांच टीम ने फाइल ज्वाइंट कमिश्नर के हस्ताक्षर के लिए उनके आफिस में भेज दी है। हस्ताक्षर होते ही टैक्स ब्रांच बिल तैयार करके भेज देगी।
शुक्रवार को शहर से बाहर रहा, जबकि शनिवार को एमडीयू में हो रहे युवा महोत्सव की तैयारियों में व्यस्त था। फाइल मैंने देखी नहीं है। सोमवार को फाइल देखकर बता पाऊंगा। अगर कामर्शियल दर पर बिल वसूलने की सिफारिश की गई है तो उसी दर से टैक्स लिया जाएगा। नियम सबके लिए बराबर हैं।
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अरविंद मल्हान, ज्वाइंट कमिश्नर, नगर निगम।
निगम की ओर से मामले की जांच चल रही है। जांच कहां और किस स्तर पर है, यह मुझे पता नहीं।
रेणु डाबला, मेयर, नगर निगम।
अभी नहीं मिला बिल, आएगा तो देख लेंगे
कई साल प्लाट खाली पड़ा रहा। केवल आफिस खोलकर लोगों की समस्याएं सुनती थीं। कुछ समय के लिए किराए पर दिया। बीच में प्लाट खाली पड़ा रहा। अब दोबारा किराए पर दिया है, जिसे केवल किराएदार गोदाम के तौर पर प्रयोग कर रहा है। ऐसे में कामर्शियल टैक्स नहीं लगना चाहिए।
अनीता मिगलानी, नगर निगम पार्षद वार्ड-11।
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पिछले दिनों युवा इनेलो के शहरी उप प्रधान पंकज मलिक उर्फ हन्नी ने निगम आयुक्त को शिकायत दी थी कि गांधी कैंप में पार्क के पास 375 वर्ग गज का प्लाट है, जो वार्ड नंबर 11 की महिला पार्षद अनीता मिगलानी व उसके परिवार की दूसरी महिला सदस्यों के नाम है। साल 2011-12 से 2014-15 का हाउस टैक्स 1 लाख 18 हजार रुपये बनता है। निगम की ओर से इसका बिल 120 रुपये रिहायशी रेट पर बनाकर भेजा गया था। इससे निगम को लाखों रुपये का घाटा हुआ। क्योंकि प्लाट में कामर्शियल गतिविधियां चलती हैं, जिसके आधार पर बिल कामर्शियल रेट पर वसूल किया जाए। हालांकि मिगलानी ने बिल को नियमों के तहत बताया था। जब मामले ने तूल पकड़ा तो ज्वाइंट कमिश्नर ने मामले की जांच जोनल टैक्स आफिसर राजेंद्र के नेतृत्व में विशेष टीम को सौंपी थी। सूत्रों का कहना है कि जांच टीम ने रिपोर्ट तैयार कर ली है। इसके लिए दो बार मौके का मुआयना किया गया। अब कामर्शियल रेट के आधार पर टैक्स तैयार करने की सिफारिश की गई है। जांच टीम ने फाइल ज्वाइंट कमिश्नर के हस्ताक्षर के लिए उनके आफिस में भेज दी है। हस्ताक्षर होते ही टैक्स ब्रांच बिल तैयार करके भेज देगी।
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शुक्रवार को शहर से बाहर रहा, जबकि शनिवार को एमडीयू में हो रहे युवा महोत्सव की तैयारियों में व्यस्त था। फाइल मैंने देखी नहीं है। सोमवार को फाइल देखकर बता पाऊंगा। अगर कामर्शियल दर पर बिल वसूलने की सिफारिश की गई है तो उसी दर से टैक्स लिया जाएगा। नियम सबके लिए बराबर हैं।
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अरविंद मल्हान, ज्वाइंट कमिश्नर, नगर निगम।
निगम की ओर से मामले की जांच चल रही है। जांच कहां और किस स्तर पर है, यह मुझे पता नहीं।
रेणु डाबला, मेयर, नगर निगम।
अभी नहीं मिला बिल, आएगा तो देख लेंगे
कई साल प्लाट खाली पड़ा रहा। केवल आफिस खोलकर लोगों की समस्याएं सुनती थीं। कुछ समय के लिए किराए पर दिया। बीच में प्लाट खाली पड़ा रहा। अब दोबारा किराए पर दिया है, जिसे केवल किराएदार गोदाम के तौर पर प्रयोग कर रहा है। ऐसे में कामर्शियल टैक्स नहीं लगना चाहिए।
अनीता मिगलानी, नगर निगम पार्षद वार्ड-11।