{"_id":"5f74e1b38ebc3e9bd91aa1b3","slug":"civil-surgeon-rohtak-and-faridabad-brainstorm-on-corona-with-niti-aayog-member-dr-vk-paul-rohtakcity-news-rtk576095594","type":"story","status":"publish","title_hn":"नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल के साथ सिविल सर्जन रोहतक व फरीदाबाद ने कोरोना पर किया मंथन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल के साथ सिविल सर्जन रोहतक व फरीदाबाद ने कोरोना पर किया मंथन
विज्ञापन
सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला
- फोटो : RohtakCity
रोहतक। नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल और सिविल सर्जन रोहतक डॉ. अनिल बिरला व फरीदाबाद के सिविल सर्जन डॉ. रणदीप पूनिया ने बुधवार को वेबिनार पर बैठक कर कोरोना को लेकर हरियाणा पर मंथन किया है। बैठक में डॉ. पॉल ने कहा कि यदि दो तीन माह में वैक्सीन आ जाती है तो यह किसे पहले लगानी है और किसको इसकी अधिक जरूरत है, इसका एक डाटा तैयार कर लो। इससे वैक्सीन आने के बाद अफरा-तफरी नहीं मचेगी और विभाग संतुलित तरीके से काम कर सकेगा।
सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला ने बताया कि बुधवार को 12 बजे शुरू हुई बैठक तीन बजे तक चली। इसमें चर्चा हुई कि वैक्सीन सबसे पहले हेल्थ विभाग से जुड़े लोगों को लगनी चाहिए, जोकि कोविड में काम कर रहे हैं। दूसरे नंबर पर हाई रिस्क वाले बुजुर्ग जोकि 50 की आयु से अधिक हैं, उन्हें यह वैक्सीन लगनी चाहिए। इसके साथ ही जिन मरीजों को कैंसर, डायबटीज, हायपरटेंशन जैसी बीमारियां हैं, उन्हें भी प्रमुखता से वैक्सीन पहले लगनी चाहिए। क्योंकि वैक्सीन आने के बाद एक साथ सभी को लगा पाना तो संभव नहीं है। डॉ. बिरला ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने भरोसा दिलाया है कि हम टीकाकरण अभियान चलाते हैं, इसलिए कहीं कोई समस्या नहीं होगी। जरूरतमंदों को पहले वैक्सीन देने के बाद सामान्य लोगों को बाद में वैक्सीन लगा दी जाएगी। क्योंकि सामान्य वर्ग में कोरोना का खतरा काफी कम होता है। इसके साथ ही विभाग मंथन करेगा कि वैक्सीन लगाने के लिए कितना स्टाफ एक्सट्रा चाहिए और इसे रखने के लिए हमारी स्टोरेज क्षमता कैसी है।
रोहतक में 11 लाख की आबादी
सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला ने बताया कि रोहतक जिला में 11 लाख की आबादी है। इसमें सात लाख ग्रामीण व चार लाख अर्बन हैं। यहां हमने एक डाटा बनाना है कि वैक्सीन कैसे लगाई जाए कि सभी को कोरोना संक्रमण से बचाया जा सके। हम इसके मृत्यु दर को नियंत्रित कर सकें। डाटा तैयार करने के लिए हमारी आशा वर्कर, एएनएम कर्मचारी व आंगनबाड़ी वर्कर सहयोग करेंगी। इनके पास पहले ही सभी का रिकार्ड होता है। प्रदेश में 50 से अधिक आयु वाले लोगों की बात करें तो दो लाख 20 हजार के करीब हमारे पास संख्या है, जिसको वैक्सीन जल्द चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला ने बताया कि बुधवार को 12 बजे शुरू हुई बैठक तीन बजे तक चली। इसमें चर्चा हुई कि वैक्सीन सबसे पहले हेल्थ विभाग से जुड़े लोगों को लगनी चाहिए, जोकि कोविड में काम कर रहे हैं। दूसरे नंबर पर हाई रिस्क वाले बुजुर्ग जोकि 50 की आयु से अधिक हैं, उन्हें यह वैक्सीन लगनी चाहिए। इसके साथ ही जिन मरीजों को कैंसर, डायबटीज, हायपरटेंशन जैसी बीमारियां हैं, उन्हें भी प्रमुखता से वैक्सीन पहले लगनी चाहिए। क्योंकि वैक्सीन आने के बाद एक साथ सभी को लगा पाना तो संभव नहीं है। डॉ. बिरला ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने भरोसा दिलाया है कि हम टीकाकरण अभियान चलाते हैं, इसलिए कहीं कोई समस्या नहीं होगी। जरूरतमंदों को पहले वैक्सीन देने के बाद सामान्य लोगों को बाद में वैक्सीन लगा दी जाएगी। क्योंकि सामान्य वर्ग में कोरोना का खतरा काफी कम होता है। इसके साथ ही विभाग मंथन करेगा कि वैक्सीन लगाने के लिए कितना स्टाफ एक्सट्रा चाहिए और इसे रखने के लिए हमारी स्टोरेज क्षमता कैसी है।
विज्ञापन
रोहतक में 11 लाख की आबादी
सिविल सर्जन डॉ. अनिल बिरला ने बताया कि रोहतक जिला में 11 लाख की आबादी है। इसमें सात लाख ग्रामीण व चार लाख अर्बन हैं। यहां हमने एक डाटा बनाना है कि वैक्सीन कैसे लगाई जाए कि सभी को कोरोना संक्रमण से बचाया जा सके। हम इसके मृत्यु दर को नियंत्रित कर सकें। डाटा तैयार करने के लिए हमारी आशा वर्कर, एएनएम कर्मचारी व आंगनबाड़ी वर्कर सहयोग करेंगी। इनके पास पहले ही सभी का रिकार्ड होता है। प्रदेश में 50 से अधिक आयु वाले लोगों की बात करें तो दो लाख 20 हजार के करीब हमारे पास संख्या है, जिसको वैक्सीन जल्द चाहिए।
विज्ञापन