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Rohtak News: सिटी बस सेवा संचालक पहुंचा हाईकोर्ट, अदालत ने मांगा जवाब

Wed, 31 May 2023 02:28 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Wed, 31 May 2023 02:28 AM IST
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City bus service operator reached the High Court, the court sought answers
रोहतक। शहर में चल रही सिटी बस सेवा कानूनी लड़ाई में फंस सकती है। क्योंकि बस संचालक ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर नगर निगम प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। हाईकोर्ट ने संचालक की अर्जी पर निगम आयुक्त से जवाब मांगा है। संचालक का कहना है कि निगम ने टेंडर देते समय जीएसटी, आरटीए फीस से लेकर बस अड्डा फीस का कोई जिक्र नहीं किया। अब नोटिस देकर फीस मांगी जा रही है।
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शहर में 70 प्रतिशत से ज्यादा लोग ऑटो के माध्यम से शहर में सफर करते हैं। ऑटो में जहां एक तरफ 20 रुपये किराया है। साथ ही 10 हजार के करीब ऑटो होने से जाम की स्थिति रहती है। करीब डेढ़ साल पहले नगर निगम ने सिटी बस सेवा चालू की थी। पहले चरण में पांच रूट पर एक-एक बस चलाई थी। बलियाना से नया बस स्टैंड, हिसार रोड से नया बस स्टैंड, तीन बस अलग-अलग रूट से नया बस स्टैंड से महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) और पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (पीजीआईएमएस) तय किया गया था। सवारियों को मात्र 10 रुपये में कहीं से कहीं तक सफर तय करना था। इसके बदले में बस संचालक को करीब एक लाख रुपये प्रति माह निगम में किराया जमा कराना था। तय हुआ था कि बस संचालक हर साल पांच बस और बढ़ाएगा, लेकिन दूसरे साल बस बढ़ाने की जगह पूरी सिटी बस सेवा कानूनी लड़ाई में फंस गई है।
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नगर निगम ने दी थी टेंडर रद्द करने की चेतावनी
नगर निगम की तरफ से एक मई को बस संचालक भीष्म शर्मा को नोटिस जारी किया है। लिखा है कि तय शर्तों के तहत हर माह बसों का किराया जमा कराया जाना है, लेकिन जनवरी माह से अब तक 18 प्रतिशत जीएसटी सहित 3. 79 लाख रुपये किराया जमा नहीं कराया गया है। न ही बसों की संख्या बढ़ाई गई। एक सप्ताह में राशि जमा करवाएं, नहीं तो सिक्योरिटी राशि जब्त कर बिना सूचना के टेंडर रद्द कर दिया जाएगा।
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निगम की तरफ से जब टेंडर जारी किया गया, उस समय 16 हजार रुपये प्रति बस किराया तय किया गया था। जीएसटी से लेकर बस अड्डा फीस व आरटीए फीस का टेंडर के जिक्र नहीं है कि कौन जमा कराएगा। अब निगम न केवल बकाया मांग रहा है, बल्कि जीएसटी, आरटीए फीस व बस अड्डा फीस भी जमा नहीं करवा रहा है। निगम की मनमानी को लेकर उसने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। हाईकोर्ट ने निगम आयुक्त से जवाब मांगा है।
भीष्म शर्मा, संचालक, सिटी बस सेवा

काफी प्रयास के बाद सिटी बस सेवा चालू करवाई थी। निगम प्रशासन बस संचालक से बातचीत कर कोई रास्ता निकाले, ताकि सिटी बस सेवा चलती रहे।
मनमोहन गोयल, मेयर, नगर निगम
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