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Rohtak News: बदली तस्वीर... लिंगानुपात में सुधार से नजीर बने गांव भैणी चंद्रपाल में बेटियों का होगा सम्मान
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रोहतक। घटता लिंगानुपात सदा चिंता का सबब रहा है, पर बदलते दौर के साथ तस्वीर बदल रही है। गांव भैणी चंद्रपाल इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है। यहां लिंगानुपात 1243 है। यह जिले ही नहीं, प्रदेश और देश में भी सबसे बेहतर है। प्रदेश के लिंगानुपात से यहां का लिंगानुपात 333 और देश के लिंगानुपात से यह 223 अधिक है। प्रशासन भी नजीर बने इस गांव की बेटियों को सम्मानित करने जा रहा है।
सत्र 2023-24 में स्कूल टॉपर रहीं राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की दसवीं कक्षा की तीन छात्राओं को नकद पुरस्कार दिया जाएगा। प्रथम स्थान हासिल करने वाली छात्रा काे 75 हजार, द्वितीय स्थान हासिल करने वाली छात्रा को 45 हजार और तृतीय स्थान पर रहने वाली छात्रा को 30 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि के तौर पर दिए जाएंगे। इसके लिए स्कूल में कार्यक्रम के आयोजन की तैयारियां जोरों पर हैं। बेहतर लिंगानुपात के लिए स्वास्थ्य विभाग कर्मचारियों को सम्मानित किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग भी जिले के गिरते लिंगानुपात को सुधारने के लिए गांव स्तर पर निरंतर जागरूकता अभियान चला रहा है। संवाद
जानें... कब-कितना रहा जिले का लिंगानुपात
वर्ष लिंगानुपात
2022 934
2023 883
2024 888
बेटियों की सुरक्षा के लिए कदम उठाना जरूरी
पुरस्कार के लिए चुनी गईं छात्राओं का कहना कि आज बेटियां बेटों से आगे निकल रही हैं। समाज को बेटियों को आगे बढ़ाने को लेकर मिलकर काम करना चाहिए। सरकार को लिंगानुपात में सुधार के लिए बेहतर व्यवस्था करनी चाहिए। बेटियों की सुरक्षा के लिए भी कदम उठाने चाहिए। इससे वह समाज में सुरक्षित महसूस कर सकेगी।
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गांव के लोगों के लिए यह सम्मान की बात है। बेटियां समाज में अलग पहचान बना रही हैं। जिले के सभी लोगों को लिंगानुपात को लेकर जागरूक किया जाना चाहिए।
-शिवराज सिवाच, सरपंच
बेटियां वर्तमान समय में हर जगह छाप छाेड़ रही हैं। लोगाें को अपनी बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए सहयोग करना चाहिए। इससे वे सपनों को साकार कर देश व प्रदेश का नाम रोशन कर सकेंगी।
पूनम वर्मा, प्राचार्य, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, भैणी चंद्रपाल।
जिले के लिंगानुपात में सुधार के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार कार्य कर रहा है। यहां भ्रूण लिंग जांच नहीं कराई गई है। स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की ओर से बेटियों को सम्मानित किया जाता है। इससे दूसरे गांव भी इस पहल से प्रेरित होंगे और लिंगानुपात के आंकड़ों में और सुधार आएगा।
डॉ. विश्वजीत राठी, नोडल अधिकारी, पीएनडीटी एक्ट।
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सत्र 2023-24 में स्कूल टॉपर रहीं राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की दसवीं कक्षा की तीन छात्राओं को नकद पुरस्कार दिया जाएगा। प्रथम स्थान हासिल करने वाली छात्रा काे 75 हजार, द्वितीय स्थान हासिल करने वाली छात्रा को 45 हजार और तृतीय स्थान पर रहने वाली छात्रा को 30 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि के तौर पर दिए जाएंगे। इसके लिए स्कूल में कार्यक्रम के आयोजन की तैयारियां जोरों पर हैं। बेहतर लिंगानुपात के लिए स्वास्थ्य विभाग कर्मचारियों को सम्मानित किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग भी जिले के गिरते लिंगानुपात को सुधारने के लिए गांव स्तर पर निरंतर जागरूकता अभियान चला रहा है। संवाद
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जानें... कब-कितना रहा जिले का लिंगानुपात
वर्ष लिंगानुपात
2022 934
2023 883
2024 888
बेटियों की सुरक्षा के लिए कदम उठाना जरूरी
पुरस्कार के लिए चुनी गईं छात्राओं का कहना कि आज बेटियां बेटों से आगे निकल रही हैं। समाज को बेटियों को आगे बढ़ाने को लेकर मिलकर काम करना चाहिए। सरकार को लिंगानुपात में सुधार के लिए बेहतर व्यवस्था करनी चाहिए। बेटियों की सुरक्षा के लिए भी कदम उठाने चाहिए। इससे वह समाज में सुरक्षित महसूस कर सकेगी।
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गांव के लोगों के लिए यह सम्मान की बात है। बेटियां समाज में अलग पहचान बना रही हैं। जिले के सभी लोगों को लिंगानुपात को लेकर जागरूक किया जाना चाहिए।
-शिवराज सिवाच, सरपंच
बेटियां वर्तमान समय में हर जगह छाप छाेड़ रही हैं। लोगाें को अपनी बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए सहयोग करना चाहिए। इससे वे सपनों को साकार कर देश व प्रदेश का नाम रोशन कर सकेंगी।
पूनम वर्मा, प्राचार्य, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, भैणी चंद्रपाल।
जिले के लिंगानुपात में सुधार के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार कार्य कर रहा है। यहां भ्रूण लिंग जांच नहीं कराई गई है। स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की ओर से बेटियों को सम्मानित किया जाता है। इससे दूसरे गांव भी इस पहल से प्रेरित होंगे और लिंगानुपात के आंकड़ों में और सुधार आएगा।
डॉ. विश्वजीत राठी, नोडल अधिकारी, पीएनडीटी एक्ट।