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किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस हो, सरकार पराली को उपयोग में लाने के वैज्ञानिक तरीके खोजे : एआईकेकेएमएस
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रोहतक। ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन (एआईकेकेएमएस) ने पराली जलाने के आरोप में सरकार की ओर से किसानों पर की जा रही कार्रवाई के विरोध में मंगलवार को मानसरोवर पार्क से लघु सचिवालय तक प्रदर्शन किया। संगठन ने मुख्यमंत्री के नाम उपायुक्त को ज्ञापन भी सौंपा। संगठन ने किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने और पराली प्रबंधन के लिए आर्थिक सहायता देने की मांग की है।
एआईकेकेएमएस के प्रदेश सचिव जयकरण मांडौठी ने कहा कि पराली जलाने से मात्र 9 प्रतिशत प्रदूषण होता है, जबकि उद्योगों और वाहनों से होने वाले प्रदूषण का आंकड़ा काफी अधिक है। सरकार को किसानों पर कार्रवाई करने के बजाय सभी प्रकार के प्रदूषण पर रोक लगानी चाहिए। जिला कमेटी सदस्य रामकिशन तथा जयकिशन दलाल ने कहा कि सरकार को किसानों को पराली प्रबंधन के लिए मशीनें उपलब्ध करानी चाहिए या आर्थिक सहायता देनी चाहिए।
किसान नेता देवेन्द्र सिंह खेड़ी साध ने कहा कि हमारे गांव की लगभग 6 हजार एकड़ जमीन हरियाणा शहरी विकास निगम तथा आईएमटी खेड़ी साध ने एक्वायर कर रखी है। यह भूमि खाली पड़ी है, जिससे वहां पर सूखी घास और झाड़ियां जलती रहती हैं।इससे प्रदूषण फैलता है। एआईकेकेएमएस ने सरकार से मांग की है कि वह किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस ले, लगाया गया जुर्माना माफ करे, डीएपी खाद तथा गेहूं के बीज की तुरंत आपूर्ति करें और किसानों के पोर्टल से रेड एंट्री हटाए। संगठन ने यह भी मांग की है कि सरकार पराली प्रबंधन के लिए किसानों को अतिरिक्त आर्थिक सहायता दे। पराली को उपयोग में लाने के वैज्ञानिक तरीके खोजे। इस अवसर पर धनराज, रामनिवास, रामकिशन, जयकिशन, देवेन्द्र, वजीर सिंह व विनोद कुमार मौजूद रहे।
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एआईकेकेएमएस के प्रदेश सचिव जयकरण मांडौठी ने कहा कि पराली जलाने से मात्र 9 प्रतिशत प्रदूषण होता है, जबकि उद्योगों और वाहनों से होने वाले प्रदूषण का आंकड़ा काफी अधिक है। सरकार को किसानों पर कार्रवाई करने के बजाय सभी प्रकार के प्रदूषण पर रोक लगानी चाहिए। जिला कमेटी सदस्य रामकिशन तथा जयकिशन दलाल ने कहा कि सरकार को किसानों को पराली प्रबंधन के लिए मशीनें उपलब्ध करानी चाहिए या आर्थिक सहायता देनी चाहिए।
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किसान नेता देवेन्द्र सिंह खेड़ी साध ने कहा कि हमारे गांव की लगभग 6 हजार एकड़ जमीन हरियाणा शहरी विकास निगम तथा आईएमटी खेड़ी साध ने एक्वायर कर रखी है। यह भूमि खाली पड़ी है, जिससे वहां पर सूखी घास और झाड़ियां जलती रहती हैं।इससे प्रदूषण फैलता है। एआईकेकेएमएस ने सरकार से मांग की है कि वह किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस ले, लगाया गया जुर्माना माफ करे, डीएपी खाद तथा गेहूं के बीज की तुरंत आपूर्ति करें और किसानों के पोर्टल से रेड एंट्री हटाए। संगठन ने यह भी मांग की है कि सरकार पराली प्रबंधन के लिए किसानों को अतिरिक्त आर्थिक सहायता दे। पराली को उपयोग में लाने के वैज्ञानिक तरीके खोजे। इस अवसर पर धनराज, रामनिवास, रामकिशन, जयकिशन, देवेन्द्र, वजीर सिंह व विनोद कुमार मौजूद रहे।
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