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कैप्चा केस : पोंजी स्कीम के 8 आरोपी 6 दिन तक रिमांड पर
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रोहतक। रोहतक की भरत कॉलोनी स्थित पीसीएल कंपनी के संचालक जोनी और रोहित समेत 8 आरोपियों को वीरवार को अदालत में पेश किया। जहां से आरोपितों की 2 से 6 दिन की रिमांड मंजूर हो गई है। अब साइबर पुलिस आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करेगी। जो साक्ष्य नहीं मिल रहे हैं, उनके राज से पर्दा उठाएगी। पुलिस आरोपियों से खातों के अलावा कई अन्य जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है।
रोहतक में जाेनी और रोहित पीसीएल और मनीअर्न-20 नाम से कंपनियों का संचालन कर रहे थे। इन्होंने 35 हजार लोगों से पोंजी स्कीम से करीब 18 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई। मगर पंचकूला साइबर टीम ने समय से इस खेल से पर्दा उठाकर हजारों लोगों को धोखाधड़ी से बचा लिया। अब तक पुलिस ने पोंजी स्कीम के मालिक जाेनी-रोहित के साथ कंपनी निदेशक सोनम, उसके भाई सेजल फाइनेंस मैनेजर, वेबसाइट पर प्रचार करने वाले सन्नी सबरवाल, नेटवर्क और वेबसाइट की कोडिंग करने वाले विकास, वैभव व लोगों को डराने वाले हंसराज को गिरफ्तार किया। सभी को अदालत में पेश किया है। जहां पर अदालत ने उनको 2 से 6 दिन की अलग-अलग रिमांड मंजूर किया है।
कंपनियों के खाते के नाम से गूगल और पेटीएम को किया पत्राचार
साइबर टीम ने पता लगाया है कि सदस्यों को आईडी देने के दौरान 71 खाते सामने आए थे। इनकी जांच में सामने आया है कि एक खाते में गूगल-पे और पेटीएम व सीधे भी रुपये लिए जा रहे थे। जिससे कुल तीन पेमेंट मोड सामने आए हैं। अब पुलिस आरोपियों के करीब 35 खाते सामने आए हैं। जिन-जिन खातों पर पेटीएम और गूगल-पे की सेवा थी, उन सभी के लिए दोनों कंपनियों को पत्राचार करना शुरू कर दिया है।
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वर्जन
आरोपियों को अदालत में पेश किया गया है। अदालत से आरोपियों की रिमांड की मांग की थी, जिसमें 2 से 6 दिन का रिमांड अलग-अलग आरोपियों का मिला है। अब पूछताछ की जाएगी और कुछ और तथ्य एवं साक्ष्य सामने आ सकेंगे।
अमित दहिया, एसपी साइबर, पंचकूला, हरियाणा।
क्या था मामला
रोहतक में पीसीएल और मनी अर्न-20 दोनों कंपनियों को जॉनी और रोहित संचालित कर रहे थे। इन दोनों ने लोगों से कैप्चा भरवाने के नाम पर 5-5 हजार रुपये लेकर आईडी दी थी। जिसमें 35 हजार लोगों से करीब 18 करोड़ रुपये की राशि निवेश कराई गई है। इनके साक्ष्य पुलिस को मिल गए हैं और कितनी राशि निवेशकों को दी गई है इसकी भी गणना कराई जा रही है। 0
बैंकों के खाते फ्रीज करने के लिए पुलिस ने किया पत्राचार
पंचकूला साइबर टीम आरोपियों के किसी भी हथियार को चलने से पहले ही खत्म कर देना चाहती है। जिन लोगों को कंपनी संचालकों की ओर से चेक दे रखे थे, उनको भी स्टॉप कराया जा रहा है। इसके अलावा कोई भी व्यक्ति अब खातों से राशि ने निकाल पाए, इसके लिए बैंकों से पत्राचार किया जा रहा है।
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रोहतक में जाेनी और रोहित पीसीएल और मनीअर्न-20 नाम से कंपनियों का संचालन कर रहे थे। इन्होंने 35 हजार लोगों से पोंजी स्कीम से करीब 18 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई। मगर पंचकूला साइबर टीम ने समय से इस खेल से पर्दा उठाकर हजारों लोगों को धोखाधड़ी से बचा लिया। अब तक पुलिस ने पोंजी स्कीम के मालिक जाेनी-रोहित के साथ कंपनी निदेशक सोनम, उसके भाई सेजल फाइनेंस मैनेजर, वेबसाइट पर प्रचार करने वाले सन्नी सबरवाल, नेटवर्क और वेबसाइट की कोडिंग करने वाले विकास, वैभव व लोगों को डराने वाले हंसराज को गिरफ्तार किया। सभी को अदालत में पेश किया है। जहां पर अदालत ने उनको 2 से 6 दिन की अलग-अलग रिमांड मंजूर किया है।
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कंपनियों के खाते के नाम से गूगल और पेटीएम को किया पत्राचार
साइबर टीम ने पता लगाया है कि सदस्यों को आईडी देने के दौरान 71 खाते सामने आए थे। इनकी जांच में सामने आया है कि एक खाते में गूगल-पे और पेटीएम व सीधे भी रुपये लिए जा रहे थे। जिससे कुल तीन पेमेंट मोड सामने आए हैं। अब पुलिस आरोपियों के करीब 35 खाते सामने आए हैं। जिन-जिन खातों पर पेटीएम और गूगल-पे की सेवा थी, उन सभी के लिए दोनों कंपनियों को पत्राचार करना शुरू कर दिया है।
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आरोपियों को अदालत में पेश किया गया है। अदालत से आरोपियों की रिमांड की मांग की थी, जिसमें 2 से 6 दिन का रिमांड अलग-अलग आरोपियों का मिला है। अब पूछताछ की जाएगी और कुछ और तथ्य एवं साक्ष्य सामने आ सकेंगे।
अमित दहिया, एसपी साइबर, पंचकूला, हरियाणा।
क्या था मामला
रोहतक में पीसीएल और मनी अर्न-20 दोनों कंपनियों को जॉनी और रोहित संचालित कर रहे थे। इन दोनों ने लोगों से कैप्चा भरवाने के नाम पर 5-5 हजार रुपये लेकर आईडी दी थी। जिसमें 35 हजार लोगों से करीब 18 करोड़ रुपये की राशि निवेश कराई गई है। इनके साक्ष्य पुलिस को मिल गए हैं और कितनी राशि निवेशकों को दी गई है इसकी भी गणना कराई जा रही है। 0
बैंकों के खाते फ्रीज करने के लिए पुलिस ने किया पत्राचार
पंचकूला साइबर टीम आरोपियों के किसी भी हथियार को चलने से पहले ही खत्म कर देना चाहती है। जिन लोगों को कंपनी संचालकों की ओर से चेक दे रखे थे, उनको भी स्टॉप कराया जा रहा है। इसके अलावा कोई भी व्यक्ति अब खातों से राशि ने निकाल पाए, इसके लिए बैंकों से पत्राचार किया जा रहा है।