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ओलंपिक में हर प्रतिद्वंद्वी बॉक्सर को तगड़ा मानकर रिंग में उतर रहा हूं: विकास
अंकित चौहान / अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 12 Aug 2016 02:18 AM IST
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विकास कृष्ण
- फोटो : getty
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ओलंपिक में मेडल के लिए अब बॉक्सरों और पहलवानों पर हर किसी की नजरें टिकी हुई हैं। ऐसे में अपना पहला मुकाबला जीतकर प्री क्वार्टर फाइनल में पहुंचे हरियाणवी बॉक्सर विकास कृष्ण यादव इस उम्मीद को कायम रखना चाहते हैं। इसके लिए वे हर प्रतिद्वंद्वी बॉक्सर को खुद से ज्यादा तगड़ा मानकर रिंग में उतर रहे हैं। बॉक्सर विकास कृष्ण ने ओलंपिक के अभी तक के अपने अनुभव और आगे की रणनीति को अमर उजाला के साथ फोन पर बातचीत में साझा किया।
भिवानी के रहने वाले बॉक्सर विकास कृष्ण दूसरी बार ओलंपिक तक पहुंचे हैं। हालांकि वह पहली बार पदक से चूक गए थे, लेकिन इस बार वह देश को पदक दिलाने के लिए पूरी दमदारी के साथ रिंग में उतर रहे हैं। इसके लिए विकास कई घंटे तक अपने से ज्यादा स्पीड वाले बॉक्सरों के साथ प्रैक्टिस करते रहे। विकास कृष्ण ने कहा कि पहले मुकाबले में विपक्षी बॉक्सर को कमजोर बताया जा रहा था। लेकिन ओलंपिक तक पहुंचने वाला किसी भी देश का कोई भी बॉक्सर कमजोर नहीं होता है। बल्कि सभी देशों के चुनिंदा बॉक्सर यहां तक आते हैं, चाहे उनमें क्यूबा, हंगरी, कजाकिस्तान, रसिया, आयरलैंड, मैक्सिको, इजिप्ट, तुर्की, ऑस्ट्रेलिया आदि कोई भी देश के बॉक्सर हो। विकास ने कहा कि ओलंपिक में एक छोटी गलती भी बड़ा नुकसान कर देती है। ऐसे में अपना बेस्ट से बेस्ट परफॉर्मेंस देना होगा। विकास का मानना है कि उनको अपने से ज्यादा स्पीड वाले बॉक्सरों के साथ प्रैक्टिस करने का फायदा भी मिलता दिख रहा है। वहीं विकास ने भरोसा दिलाया है कि वह देश के लिए मेडल जरूर जीतेंगे।
विकास के सामने तुर्की से पार पाने की चुनौती
विकास कृष्ण ने पहले मुकाबले में यूएस के बॉक्सर चार्लीस कॉनवेल को 3-0 से हराया है, जिससे उनका हौसला जरूर बढ़ा है। लेकिन अब विकास को क्वार्टर फाइनल में पहुंचने के लिए दूसरे मुकाबले में तुर्की के ओनडर सिपल से पार पाना होगा। ओनडर के साथ विकास का मुकाबला 13 अगस्त की सुबह 3 बजे भारतीय समय के अनुसार होगा।
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भिवानी के रहने वाले बॉक्सर विकास कृष्ण दूसरी बार ओलंपिक तक पहुंचे हैं। हालांकि वह पहली बार पदक से चूक गए थे, लेकिन इस बार वह देश को पदक दिलाने के लिए पूरी दमदारी के साथ रिंग में उतर रहे हैं। इसके लिए विकास कई घंटे तक अपने से ज्यादा स्पीड वाले बॉक्सरों के साथ प्रैक्टिस करते रहे। विकास कृष्ण ने कहा कि पहले मुकाबले में विपक्षी बॉक्सर को कमजोर बताया जा रहा था। लेकिन ओलंपिक तक पहुंचने वाला किसी भी देश का कोई भी बॉक्सर कमजोर नहीं होता है। बल्कि सभी देशों के चुनिंदा बॉक्सर यहां तक आते हैं, चाहे उनमें क्यूबा, हंगरी, कजाकिस्तान, रसिया, आयरलैंड, मैक्सिको, इजिप्ट, तुर्की, ऑस्ट्रेलिया आदि कोई भी देश के बॉक्सर हो। विकास ने कहा कि ओलंपिक में एक छोटी गलती भी बड़ा नुकसान कर देती है। ऐसे में अपना बेस्ट से बेस्ट परफॉर्मेंस देना होगा। विकास का मानना है कि उनको अपने से ज्यादा स्पीड वाले बॉक्सरों के साथ प्रैक्टिस करने का फायदा भी मिलता दिख रहा है। वहीं विकास ने भरोसा दिलाया है कि वह देश के लिए मेडल जरूर जीतेंगे।
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विकास के सामने तुर्की से पार पाने की चुनौती
विकास कृष्ण ने पहले मुकाबले में यूएस के बॉक्सर चार्लीस कॉनवेल को 3-0 से हराया है, जिससे उनका हौसला जरूर बढ़ा है। लेकिन अब विकास को क्वार्टर फाइनल में पहुंचने के लिए दूसरे मुकाबले में तुर्की के ओनडर सिपल से पार पाना होगा। ओनडर के साथ विकास का मुकाबला 13 अगस्त की सुबह 3 बजे भारतीय समय के अनुसार होगा।
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