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बर्ड फ्लू : तिलयार झील में पक्षियों को बाहरी खाना देने पर प्रतिबंध
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Sun, 06 Nov 2016 01:43 AM IST
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तिलयार झील
- फोटो : अमर उजाला
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हिसार के ब्लू बर्ड में बर्ड फ्लू की पुष्टी होने के बाद तिलयार झील में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। झील से लिए गए तीन सैंपलों को जांच के लिए जालंधर लैब भेज दिया गया है। पक्षियों के बाहरी खाना देने पर रोक लगा दी गई है। कोई भी पर्यटक किसी भी पक्षी को किसी भी प्रकार की खाने-पीने की चीजें नहीं दे पाएगा। अधिकारियों का मानना है कि ऐसे समय में पक्षियों को बाहरी खाना नहीं दिया जाना चाहिए।
तिलियार झील में सुरक्षा की दृष्टि से अलग से कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जो बाहर से आने वाले पर्यटकों के साथ-साथ झील के आसपास साफ-सफाई पर निगाह रखेंगे। पर्यटकों को पक्षियों से दूर रहने की सलाह दी गई है। पक्षियों के खाने-पीने पर पहले से ही रोक है, लेकिन अब इसका सख्ती से पालन करने के दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। हर रोज झील के चारों तरफ केमिकलयुक्त चूना डाला जा रहा है, जिससे बर्ड फ्लू के वायरस को शुरुआती दौर में ही खत्म किया जा सके।
तिलयार जू में फिर कराई मेडिकल जांच
यूं तो बर्ड फ्लू अक्सर प्रवासी पक्षियों के कारण फैलता है, जिसका अधिक खतरा झील पर है। इस मौसम में हर वर्ष झील में प्रवासी पक्षियों का आवागमन होता है। फिर भी झील के नजदीक होने के कारण मिनी जू में भी सावधानी बरती जा रही है। पिछले 20 दिनों से लगातार पक्षियों की जांच कराई जा रही है। अभी तक जू के सभी पक्षी स्वस्थ हैं।
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यह बोले अधिकारी
तीन पक्षियों के सैंपल जांच के लिए जालंधर भेजे गए हैं। जल्द ही इनकी रिपोर्ट आ जाएगी। फिलहाल सभी पक्षी स्वस्थ हैं। सुरक्षा के मद्देनजर दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
- पवन ग्रोवर, डिवीजन वाइल्ड लाइफ ऑफिसर
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तिलियार झील में सुरक्षा की दृष्टि से अलग से कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जो बाहर से आने वाले पर्यटकों के साथ-साथ झील के आसपास साफ-सफाई पर निगाह रखेंगे। पर्यटकों को पक्षियों से दूर रहने की सलाह दी गई है। पक्षियों के खाने-पीने पर पहले से ही रोक है, लेकिन अब इसका सख्ती से पालन करने के दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। हर रोज झील के चारों तरफ केमिकलयुक्त चूना डाला जा रहा है, जिससे बर्ड फ्लू के वायरस को शुरुआती दौर में ही खत्म किया जा सके।
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तिलयार जू में फिर कराई मेडिकल जांच
यूं तो बर्ड फ्लू अक्सर प्रवासी पक्षियों के कारण फैलता है, जिसका अधिक खतरा झील पर है। इस मौसम में हर वर्ष झील में प्रवासी पक्षियों का आवागमन होता है। फिर भी झील के नजदीक होने के कारण मिनी जू में भी सावधानी बरती जा रही है। पिछले 20 दिनों से लगातार पक्षियों की जांच कराई जा रही है। अभी तक जू के सभी पक्षी स्वस्थ हैं।
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यह बोले अधिकारी
तीन पक्षियों के सैंपल जांच के लिए जालंधर भेजे गए हैं। जल्द ही इनकी रिपोर्ट आ जाएगी। फिलहाल सभी पक्षी स्वस्थ हैं। सुरक्षा के मद्देनजर दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
- पवन ग्रोवर, डिवीजन वाइल्ड लाइफ ऑफिसर