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कम उम्र के लिए बड़ा फर्जीवाड़ा
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Sun, 05 Jul 2015 02:43 AM IST
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स्पीड क्वालीफाई करने के लिए खिलाड़ियों ने आयु में भी फर्जीवाड़ा कर डाला।
मार्कशीट में उम्र कम लिखवाई सो लिखवाई, जन्म प्रमाणपत्र भी फर्जी तैयार करवा लिया, वह भी हूबहू असली जैसा। इन्हें देख काउंसलिंग कर रहे खेल अधिकारी भी गच्चा खा गए।
13 वर्ष की उम्र के ये दाढ़ी-मूछ वाले खिलाड़ी जब अधिकारियों ने देखे तो कोई निर्णय नहीं ले सके। अंत में उन्हें आयु संबंधी जांच करवाने के लिए स्वास्थ्य अधिकारियों को बुलवाना पड़ा। प्रमाणपत्र देखकर पहली ही नजर में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने इन्हें फर्जी करार दे दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ये प्रमाणपत्र तो विभाग ने जारी ही नहीं किए। अब खेल विभाग और स्वास्थ्य विभाग आयु की जांच के लिए एक मेडिकल बोर्ड गठित करेगा।
शीला बाईपास स्थित छोटूराम स्टेडियम परिसर में स्पीड की काउंसलिंग चल रही है। लेकिन काउंसलिंग में खिलाड़ियों की आयु की पड़ताल करना सबसे मुश्किल काम साबित हो रहा है। इसके लिए जब खिलाड़ियों से जन्म प्रमाणपत्र मांगा गया तो वहां भी फर्जीवाड़ा सामने आया। अधिकारियों ने शनिवार को 40 खिलाड़ियों की आयु पर शक जाहिर किया। खिलाड़ियों ने जो जन्म प्रमाणपत्र काउंसलिंग के दौरान प्रस्तुत किए उम्र जांच करने आई डॉ. नेहा ने उन पर सवाल खड़ा कर दिया। स्पष्ट किया कि उन्होंने ये प्रमाणपत्र जारी ही नहीं किए। जबकि संबंधित अभ्यर्थी का जन्म प्रमाणपत्र उनकी पीएचसी से है। ऐसे ही कुछ और संदेहपूर्ण जन्म प्रमाणपत्र सामने आए हैं। इन मामलों की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड गठित करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। वहीं, मेडिसन विभाग के डॉ. रणबीर ने बताया कि कई खिलाड़ियों की आयु और प्रमाणपत्र पर संदेह हो रहा है। इन मामलों को मेडिकल बोर्ड के पास भेजा जा रहा है।
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दिल्ली में भी चल रहा खेल
जाली प्रमाणपत्र बनाने का गोरखधंधा हरियाणा ही नहीं दिल्ली में भी फल-फूल रहा है। हैरानी की बात है कि आनलाइन सिस्टम में भी यह धांधली हो रही है। स्पीड काउंसलिंग के दौरान कुछ ऐसे केस भी सामने आए हैं। इसमें कुछ मामले टीकरी व आसपास के हैं। अधिकारी भी मानते हैं कि कुछ लोग इस अवैध कार्य को अंजाम दे रहे हैं।
खानापूर्ति : औषधि और स्त्री रोग विशेषज्ञ को भेजा उम्र जांचने
खेल विभाग के आग्रह पर खिलाड़ियों की आयु जांचने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने मेडिसन और स्त्री रोग विभाग से दो डॉक्टर को स्टेडियम में भेज दिया। जबकि आयु की जांच करने के लिए डेंटिस्ट और रेडियोलॉजिस्ट का होना आवश्यक है। आखिर स्टेडियम में वही हुआ जिसका अंदेशा था, आयु के कुछ संदिग्ध मामलों पर जब दोनों डॉक्टरों की सहमति मांगी गई तो उन्होंने संदेह जाहिर करते हुए बोर्ड गठित कराए जाने की बात कही।
जांच के लिए दिया बुधवार का समय, बोर्ड निर्धारित नहीं
खेल विभाग ने शक के दायरे में आए खिलाड़ियों की आयु जांच करने के लिए बुधवार का समय निर्धारित कर दिया है। जबकि अभी मेडिकल बोर्ड निर्धारित ही नहीं हो पाया है। यदि बुधवार को विभिन्न जिलों से खिलाड़ी आते हैं तो उन्हें बैरंग लौटना पड़ सकता है।
एक्सपर्ट कमेंट
सिविल सर्जन डॉ. शिव कुमार के अनुसार आयु जांच के लिए डेंटिस्ट और रेडियोलॉजिस्ट जरूरी हैं। इसमें एक रेंज होती है, जिसके आधार पर आयु का अनुमान लगाया जाता है। इस केस को पीजीआई एमएस कार्यालय भेजा जाएगा। हमारे पास रेडियोलॉजिस्ट नहीं है। सोमवार को संबंधित अधिकारियों को बातचीत के लिए बुलाया गया है।
251 पहुंचे काउंसलिंग के लिए
खेल विभाग हरियाणा की स्पीड नीति के तहत 29 जून से 4 जुलाई तक चली काउंसलिंग में 251 अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया है। छोटूराम स्टेडियम में काउंसलिंग के अंतिम दिन रोहतक मंडल के जिला रोहतक, झज्जर, सोनीपत, पानीपत व करनाल के अभ्यर्थियों का चयन किया गया। इनमें पानीपत के 40, करनाल के 13, झज्जर के 31, सोनीपत के 88 तथा रोहतक के 79 खिलाड़ी शामिल हुए।
6 व 7 को होगी काउंसलिंग
जिला खेल अधिकारी ओमपति मल्हान ने बताया कि जो खिलाड़ी किन्हीं कारणों से रह गए हैं उनकी काउंसलिंग 6 व 7 जुलाई को होगी। रोहतक में करनाल के 201, झज्जर के 232, रोहतक के 267, सोनीपत के 323 व पानीपत के 126 खिलाड़ियों की काउंसलिंग होनी थी। यहां चयन होने के बाद इन सभी को इनके क्षेत्र में संबंधित खेल के कोच उपलब्ध कराए जाएंगे।
बोले अधिकारी
संदेह पूर्ण मामलों में आयु प्रमाणपत्र व खिलाड़ियों के आयु की जांच करने के बाद ही स्पीड में उन्हें शामिल किया जाएगा। हम किसी के साथ गलत नहीं होने देंगे। आयु जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग से बोर्ड गठित करने की बात करेंगे।
- छाजूराम, उपनिदेशक, खेल विभाग।
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मार्कशीट में उम्र कम लिखवाई सो लिखवाई, जन्म प्रमाणपत्र भी फर्जी तैयार करवा लिया, वह भी हूबहू असली जैसा। इन्हें देख काउंसलिंग कर रहे खेल अधिकारी भी गच्चा खा गए।
13 वर्ष की उम्र के ये दाढ़ी-मूछ वाले खिलाड़ी जब अधिकारियों ने देखे तो कोई निर्णय नहीं ले सके। अंत में उन्हें आयु संबंधी जांच करवाने के लिए स्वास्थ्य अधिकारियों को बुलवाना पड़ा। प्रमाणपत्र देखकर पहली ही नजर में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने इन्हें फर्जी करार दे दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि ये प्रमाणपत्र तो विभाग ने जारी ही नहीं किए। अब खेल विभाग और स्वास्थ्य विभाग आयु की जांच के लिए एक मेडिकल बोर्ड गठित करेगा।
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शीला बाईपास स्थित छोटूराम स्टेडियम परिसर में स्पीड की काउंसलिंग चल रही है। लेकिन काउंसलिंग में खिलाड़ियों की आयु की पड़ताल करना सबसे मुश्किल काम साबित हो रहा है। इसके लिए जब खिलाड़ियों से जन्म प्रमाणपत्र मांगा गया तो वहां भी फर्जीवाड़ा सामने आया। अधिकारियों ने शनिवार को 40 खिलाड़ियों की आयु पर शक जाहिर किया। खिलाड़ियों ने जो जन्म प्रमाणपत्र काउंसलिंग के दौरान प्रस्तुत किए उम्र जांच करने आई डॉ. नेहा ने उन पर सवाल खड़ा कर दिया। स्पष्ट किया कि उन्होंने ये प्रमाणपत्र जारी ही नहीं किए। जबकि संबंधित अभ्यर्थी का जन्म प्रमाणपत्र उनकी पीएचसी से है। ऐसे ही कुछ और संदेहपूर्ण जन्म प्रमाणपत्र सामने आए हैं। इन मामलों की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड गठित करने की तैयारी शुरू कर दी गई है। वहीं, मेडिसन विभाग के डॉ. रणबीर ने बताया कि कई खिलाड़ियों की आयु और प्रमाणपत्र पर संदेह हो रहा है। इन मामलों को मेडिकल बोर्ड के पास भेजा जा रहा है।
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दिल्ली में भी चल रहा खेल
जाली प्रमाणपत्र बनाने का गोरखधंधा हरियाणा ही नहीं दिल्ली में भी फल-फूल रहा है। हैरानी की बात है कि आनलाइन सिस्टम में भी यह धांधली हो रही है। स्पीड काउंसलिंग के दौरान कुछ ऐसे केस भी सामने आए हैं। इसमें कुछ मामले टीकरी व आसपास के हैं। अधिकारी भी मानते हैं कि कुछ लोग इस अवैध कार्य को अंजाम दे रहे हैं।
खानापूर्ति : औषधि और स्त्री रोग विशेषज्ञ को भेजा उम्र जांचने
खेल विभाग के आग्रह पर खिलाड़ियों की आयु जांचने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने मेडिसन और स्त्री रोग विभाग से दो डॉक्टर को स्टेडियम में भेज दिया। जबकि आयु की जांच करने के लिए डेंटिस्ट और रेडियोलॉजिस्ट का होना आवश्यक है। आखिर स्टेडियम में वही हुआ जिसका अंदेशा था, आयु के कुछ संदिग्ध मामलों पर जब दोनों डॉक्टरों की सहमति मांगी गई तो उन्होंने संदेह जाहिर करते हुए बोर्ड गठित कराए जाने की बात कही।
जांच के लिए दिया बुधवार का समय, बोर्ड निर्धारित नहीं
खेल विभाग ने शक के दायरे में आए खिलाड़ियों की आयु जांच करने के लिए बुधवार का समय निर्धारित कर दिया है। जबकि अभी मेडिकल बोर्ड निर्धारित ही नहीं हो पाया है। यदि बुधवार को विभिन्न जिलों से खिलाड़ी आते हैं तो उन्हें बैरंग लौटना पड़ सकता है।
एक्सपर्ट कमेंट
सिविल सर्जन डॉ. शिव कुमार के अनुसार आयु जांच के लिए डेंटिस्ट और रेडियोलॉजिस्ट जरूरी हैं। इसमें एक रेंज होती है, जिसके आधार पर आयु का अनुमान लगाया जाता है। इस केस को पीजीआई एमएस कार्यालय भेजा जाएगा। हमारे पास रेडियोलॉजिस्ट नहीं है। सोमवार को संबंधित अधिकारियों को बातचीत के लिए बुलाया गया है।
251 पहुंचे काउंसलिंग के लिए
खेल विभाग हरियाणा की स्पीड नीति के तहत 29 जून से 4 जुलाई तक चली काउंसलिंग में 251 अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया है। छोटूराम स्टेडियम में काउंसलिंग के अंतिम दिन रोहतक मंडल के जिला रोहतक, झज्जर, सोनीपत, पानीपत व करनाल के अभ्यर्थियों का चयन किया गया। इनमें पानीपत के 40, करनाल के 13, झज्जर के 31, सोनीपत के 88 तथा रोहतक के 79 खिलाड़ी शामिल हुए।
6 व 7 को होगी काउंसलिंग
जिला खेल अधिकारी ओमपति मल्हान ने बताया कि जो खिलाड़ी किन्हीं कारणों से रह गए हैं उनकी काउंसलिंग 6 व 7 जुलाई को होगी। रोहतक में करनाल के 201, झज्जर के 232, रोहतक के 267, सोनीपत के 323 व पानीपत के 126 खिलाड़ियों की काउंसलिंग होनी थी। यहां चयन होने के बाद इन सभी को इनके क्षेत्र में संबंधित खेल के कोच उपलब्ध कराए जाएंगे।
बोले अधिकारी
संदेह पूर्ण मामलों में आयु प्रमाणपत्र व खिलाड़ियों के आयु की जांच करने के बाद ही स्पीड में उन्हें शामिल किया जाएगा। हम किसी के साथ गलत नहीं होने देंगे। आयु जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग से बोर्ड गठित करने की बात करेंगे।
- छाजूराम, उपनिदेशक, खेल विभाग।