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Rohtak News: डब्ल्यूएफआई की एथलीट कमेटी की संयोजक बनीं भारत केसरी निक्की
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रोहतक।
कुश्ती की महिला खिलाड़ियों के लिए राहत भरी खबर है। अब इनके उत्पीड़न मामले में तुरंत सुनवाई और कार्रवाई होगी। छोटूराम स्टेडियम अखाड़े की अंतरराष्ट्रीय पहलवान भारत केसरी निक्की यह जिम्मेदारी निभाएंगी। इसके लिए यूडब्ल्यूडब्ल्यू (यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग) के प्रस्ताव पर डब्ल्यूएफआई (रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया) ने 24 से 26 अप्रैल को वाराणसी में चुनाव कराए। इस चुनाव में देश के 40 नामी कुश्ती खिलाड़ियों ने अपने मताधिकार का प्रयोग करते हुए सोनीपत के धनाना गांव की बेटी व हाल बसंत विहार (रोहतक) में रहने वाली निक्की को डब्ल्यूूएफआई की एथलीट कमेटी की संयोजक चुना गया है। उन्हें सबसे अधिक 32 वोट मिले।
नई जिम्मेदारी मिलने के बाद अखाड़े में पहुंची निक्की का सोमवार को जोरदार स्वागत किया गया। सम्मान समारोह में हरियाणा कुश्ती संघ के प्रधान रमेश बोहर, महामंडलेश्वर स्वामी राघवेंद्र भारती, मनोज मलिक, डाॅ. राकेश सहारावत, योगेश राठी, बृजेश धनखड़ समेत अखाड़े के खिलाड़ी मौजूद रहे।
निक्की ने बताया कि वह जिम्मेदारी का पूरी निष्ठा व लगन से निर्वहन करेंगी। अपने स्तर के मामलों का खुद निपटारा करने का प्रयास रहेगा जबकि अन्य के लिए फेडेरशन में जाना पड़ा तो वहां भी जाएंगे। फेडरेशन सुनवाई नहीं करता है तो यूडब्ल्यूडब्ल्यू में अपील की जाएगी। इससे किसी बेटी के साथ हुए अन्याय या उत्पीड़न मामले में सुनवाई और न्याय सुनिश्चित होगा।
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अखाड़े की होनाहार खिलाड़ी हैं निक्की
अखाडे के कोच मंदीप ने बताया कि निक्की यहां की होनहार खिलाड़ी हैं। राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनेक पदक जीत चुकी यह भारत केसरी बेटी पिछले 16 साल से कुश्ती खेल रही है। कुश्ती के दम पर उन्होंने रेलवे में नौकरी हासिल की है। निक्की की मां सुमिता देवी और पिता जगबीर सिंह ने बेटी को मिली जिम्मेदारीं पर शुभकामनाएं दी हैं।
यह होगा कमेटी का फायदा
अक्सर खेल की दुनिया में खासकर कुश्ती में महिला खिलाड़ियों के साथ अभद्रता या उत्पीड़न के मामले सामने आते हैं। पिछले दिनों विनेश व साक्षी का जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन भी इसी मुद्दे को लेकर रहा। इसलिए यह एथलीट कमेटी बनाई गई है। किसी महिला खिलाड़ी को कोई शिकायत होती है तो वह कमेटी या इसकी संयोजक से कर सकती है। इस कमेटी में भी पांच महिलाएं हैं। ऐसे में पीड़िता को अपनी बात रखते समय किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।
यह हैं निक्की की उपलब्धियां
कोच मनदीप ने बताया कि निक्की सैफ गेम गोल्ड मेडलिस्ट है। इसके अलावा कॉमनवेल्थ खेलों में दो बार की मेडलिस्ट, सीनियर गेम्स में लगातार दस बार मेडल जीत चुकी है। कुश्ती की इस शानदार खिलाड़ी का प्रयास ओलंपिक में पदक हासिल करना है।
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कुश्ती की महिला खिलाड़ियों के लिए राहत भरी खबर है। अब इनके उत्पीड़न मामले में तुरंत सुनवाई और कार्रवाई होगी। छोटूराम स्टेडियम अखाड़े की अंतरराष्ट्रीय पहलवान भारत केसरी निक्की यह जिम्मेदारी निभाएंगी। इसके लिए यूडब्ल्यूडब्ल्यू (यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग) के प्रस्ताव पर डब्ल्यूएफआई (रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया) ने 24 से 26 अप्रैल को वाराणसी में चुनाव कराए। इस चुनाव में देश के 40 नामी कुश्ती खिलाड़ियों ने अपने मताधिकार का प्रयोग करते हुए सोनीपत के धनाना गांव की बेटी व हाल बसंत विहार (रोहतक) में रहने वाली निक्की को डब्ल्यूूएफआई की एथलीट कमेटी की संयोजक चुना गया है। उन्हें सबसे अधिक 32 वोट मिले।
नई जिम्मेदारी मिलने के बाद अखाड़े में पहुंची निक्की का सोमवार को जोरदार स्वागत किया गया। सम्मान समारोह में हरियाणा कुश्ती संघ के प्रधान रमेश बोहर, महामंडलेश्वर स्वामी राघवेंद्र भारती, मनोज मलिक, डाॅ. राकेश सहारावत, योगेश राठी, बृजेश धनखड़ समेत अखाड़े के खिलाड़ी मौजूद रहे।
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निक्की ने बताया कि वह जिम्मेदारी का पूरी निष्ठा व लगन से निर्वहन करेंगी। अपने स्तर के मामलों का खुद निपटारा करने का प्रयास रहेगा जबकि अन्य के लिए फेडेरशन में जाना पड़ा तो वहां भी जाएंगे। फेडरेशन सुनवाई नहीं करता है तो यूडब्ल्यूडब्ल्यू में अपील की जाएगी। इससे किसी बेटी के साथ हुए अन्याय या उत्पीड़न मामले में सुनवाई और न्याय सुनिश्चित होगा।
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अखाड़े की होनाहार खिलाड़ी हैं निक्की
अखाडे के कोच मंदीप ने बताया कि निक्की यहां की होनहार खिलाड़ी हैं। राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनेक पदक जीत चुकी यह भारत केसरी बेटी पिछले 16 साल से कुश्ती खेल रही है। कुश्ती के दम पर उन्होंने रेलवे में नौकरी हासिल की है। निक्की की मां सुमिता देवी और पिता जगबीर सिंह ने बेटी को मिली जिम्मेदारीं पर शुभकामनाएं दी हैं।
यह होगा कमेटी का फायदा
अक्सर खेल की दुनिया में खासकर कुश्ती में महिला खिलाड़ियों के साथ अभद्रता या उत्पीड़न के मामले सामने आते हैं। पिछले दिनों विनेश व साक्षी का जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन भी इसी मुद्दे को लेकर रहा। इसलिए यह एथलीट कमेटी बनाई गई है। किसी महिला खिलाड़ी को कोई शिकायत होती है तो वह कमेटी या इसकी संयोजक से कर सकती है। इस कमेटी में भी पांच महिलाएं हैं। ऐसे में पीड़िता को अपनी बात रखते समय किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।
यह हैं निक्की की उपलब्धियां
कोच मनदीप ने बताया कि निक्की सैफ गेम गोल्ड मेडलिस्ट है। इसके अलावा कॉमनवेल्थ खेलों में दो बार की मेडलिस्ट, सीनियर गेम्स में लगातार दस बार मेडल जीत चुकी है। कुश्ती की इस शानदार खिलाड़ी का प्रयास ओलंपिक में पदक हासिल करना है।