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बहुजमालपुर 24 घंटे के लिए देश-दुनिया से कटा
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Sun, 25 Oct 2015 02:02 AM IST
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गया। गांव के बाहर युवाओं को तैनात कर दिया गया है जिससे कि कोई न तो बाहर
जा सके और न गांव की सीमा में प्रवेश कर सके। ग्रामीणों का मानना है
बुजुर्गों की बनाई इस परंपरा का निर्वहन करने से पशुओं को बीमारी से बचाया
जा सकता है। यही नहीं, गांव में अमन और शांति कायम रहेगी। ग्रामीणों से
एकजुट होकर इस परंपरा को निभाने की ठानी है। शनिवार शाम छह बजे से रविवार
शाम 6 बजे तक गांव पूर्ण रूप से बंद कर दिया गया है। बाहर का व्यक्ति बाहर
रहेगा तथा अंदर का अंदर।
ग्रामीण सुरेंद्र बल्हारा, रवि, जोगेंद्र, बलवान, दयानंद और रामधन ने बताया कि बुजुर्गों की बनाई परंपरा को ग्रामीण एकजुट होकर निभाते हैं। शनिवार शाम से अगले 24 घंटे तक गांव में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। शाम होते ही गांव के बाहर द्वार बनाकर वहां पहरा लगा दिया गया। गांव के युवाओं को हर द्वार पर तैनात कर दिया गया है। पशुओं के लिए चारा आदि का एक दिन पहले ही प्रबंध कर लिया गया।
हर घर में धूप जलाकर गांव के चारों ओर धूनी दी गई है। इसके बाद हवन के साथ बंद शुरू हो गया। रविवार को दोपहर बाद बंद खोला जाएगा, दिनभर महिलाएं सत्संग करेंगी तथा युवा कबड्डी और अन्य खेलों में पूरा दिन बिताएंगे। रांझा सुना जाएगा। बंद खोलने के साथ गांव वासी एक साथ खीर का प्रसाद ग्रहण करेंगे। इस बंद के पीछे ग्रामीणों का तर्क था कि इससे पशुओं में बीमारी नहीं आती है तथा गांव में शांति और अमन बना रहता है।
ग्रामीण सुरेंद्र बल्हारा, रवि, जोगेंद्र, बलवान, दयानंद और रामधन ने बताया कि बुजुर्गों की बनाई परंपरा को ग्रामीण एकजुट होकर निभाते हैं। शनिवार शाम से अगले 24 घंटे तक गांव में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। शाम होते ही गांव के बाहर द्वार बनाकर वहां पहरा लगा दिया गया। गांव के युवाओं को हर द्वार पर तैनात कर दिया गया है। पशुओं के लिए चारा आदि का एक दिन पहले ही प्रबंध कर लिया गया।
हर घर में धूप जलाकर गांव के चारों ओर धूनी दी गई है। इसके बाद हवन के साथ बंद शुरू हो गया। रविवार को दोपहर बाद बंद खोला जाएगा, दिनभर महिलाएं सत्संग करेंगी तथा युवा कबड्डी और अन्य खेलों में पूरा दिन बिताएंगे। रांझा सुना जाएगा। बंद खोलने के साथ गांव वासी एक साथ खीर का प्रसाद ग्रहण करेंगे। इस बंद के पीछे ग्रामीणों का तर्क था कि इससे पशुओं में बीमारी नहीं आती है तथा गांव में शांति और अमन बना रहता है।