{"_id":"56f5a2284f1c1b2502f15239","slug":"away-from-riots-brotherhood-holy-rngbri","type":"story","status":"publish","title_hn":"दंगों से दूर, भाईचारे की रंगभरी होली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दंगों से दूर, भाईचारे की रंगभरी होली
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Sat, 26 Mar 2016 02:10 AM IST
विज्ञापन
भाईचारे की रंगभरी होली
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहर की हर गली और चौक-चौराहे सुबह होते ही होली के रंग में रंगे दिखाई दिए। दोपहर होते ही गली-मोहल्लों में देवर और भाभी के बीच खूब हंसी ठिठोली दिखाई दी। रंगों का उत्सव हर गली में अपना रंग बिखेरता नजर आया। बच्चे हो या युवा, सभी ने रंग भरी पिचकारियों और गुब्बारों से राहगीरों को खूब भिगोया। हालांकि हर कॉलोनी में होली की धूम रही, पर पिछली बार की अपेक्षा रौनक काफी कम थी।
होली पर्व पर रंगों से सराबोर बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों ने होली के गीतों पर खूब धमाल चौकड़ी मचाई। जिन कॉलोनियों में गेट लग चुके थे, वहां लोगों ने गेट बंद कर सुरक्षित होली मनाई, जबकि लोगों को सुरक्षा का अहसास दिलाने के उद्देश्य से पुलिस और आरपीएफ की टुकड़ी गश्त करती रही। कॉलोनियों में रंगों में भीगी टोलियां भी अपनी मस्ती में नजर आई। एक ओर युवाओं ने एक-दूसरे को रंग लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। दूसरी ओर बुजुर्गों और महिलाओं ने केवल तिलक लगाकर होली की बधाई दी। भाभियों ने अपने देवरों पर कोलड़ों के जरिये प्यार जताने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
डीजे पर थिरके युवा
कॉलोनी की हर गली में होली के प्रमुख गीतों के बोल गूंजते रहे। जहां युवाओं की टोलियों ने गली में डीजे लगाकर बॉलीवुड के फाग गीतों पर खूब मस्ती की। वहीं, घरों की छतों पर लाउड म्यूजिक चलाकर होली पर्व मनाया।
विज्ञापन
विज्ञापन
होली पर्व पर रंगों से सराबोर बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों ने होली के गीतों पर खूब धमाल चौकड़ी मचाई। जिन कॉलोनियों में गेट लग चुके थे, वहां लोगों ने गेट बंद कर सुरक्षित होली मनाई, जबकि लोगों को सुरक्षा का अहसास दिलाने के उद्देश्य से पुलिस और आरपीएफ की टुकड़ी गश्त करती रही। कॉलोनियों में रंगों में भीगी टोलियां भी अपनी मस्ती में नजर आई। एक ओर युवाओं ने एक-दूसरे को रंग लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। दूसरी ओर बुजुर्गों और महिलाओं ने केवल तिलक लगाकर होली की बधाई दी। भाभियों ने अपने देवरों पर कोलड़ों के जरिये प्यार जताने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
विज्ञापन
डीजे पर थिरके युवा
कॉलोनी की हर गली में होली के प्रमुख गीतों के बोल गूंजते रहे। जहां युवाओं की टोलियों ने गली में डीजे लगाकर बॉलीवुड के फाग गीतों पर खूब मस्ती की। वहीं, घरों की छतों पर लाउड म्यूजिक चलाकर होली पर्व मनाया।
विज्ञापन