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Rohtak News: जागरूकता रंग लाई, 3930 किसानों ने किया पराली प्रबंधन स्कीम के तहत आवेदन
Thu, 07 Nov 2024 10:54 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Thu, 07 Nov 2024 10:54 PM IST
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झज्जर। जिले में पराली प्रबंधन को लेकर किसानों में जागरूकता तेजी से बढ़ रही है। पराली प्रबंधन के लिए रजिस्ट्रेशन करवाने वाले किसानों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। जिले में करीब 3930 किसान आवेदन कर चुके हैं जिसके तहत 28 हजार 640 एकड़ का रजिस्ट्रेशन हुआ है।
डीसी प्रदीप दहिया ने कहा कि प्रदूषण को रोकने के लिए जिला प्रशासन की ओर से किसानों को पराली प्रबंधन करने के लिए जोर दिया जा रहा है। पराली का इन सीटू तथा एक्स सीटू प्रबंधन करने वाले किसानों को सरकार की ओर से प्रति एकड़ एक हजार रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके लिए अब तक जिले के करीब 3 हजार 930 किसानों ने पंजीकरण कर दिया है।
डीसी ने कहा कि सभी अधिकारी फील्ड में रहकर कार्य करें। ग्राम स्तर की टीमें किसानों को जागरूक करें और उन्हें फसल अवशेष प्रबंधन के लाभ तथा पराली जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में बताएं। वहीं खंड व ग्राम स्तरीय टीमें के नोडल अधिकारी पुलिस विभाग के साथ मिलकर नियमित रूप से मॉनिटरिंग करें।
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कृषि विभाग के डीडीए जितेंद्र अहलावत ने बताया कि जिले में इस वर्ष करीब 28640 एकड़ जमीन पराली प्रबंधन को लेकर रजिस्ट्रेशन हुई है। 3930 किसानों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है। बीते वर्ष तक जिले में करीब 900 किसानों ने करीब 9300 एकड़ का फसल अवशेष प्रबंधन के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया था। उन्होंने कहा कि किसान लगातार जागरूक हो रहे हैं जो पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से बेहद अहम है।
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डीसी प्रदीप दहिया ने कहा कि प्रदूषण को रोकने के लिए जिला प्रशासन की ओर से किसानों को पराली प्रबंधन करने के लिए जोर दिया जा रहा है। पराली का इन सीटू तथा एक्स सीटू प्रबंधन करने वाले किसानों को सरकार की ओर से प्रति एकड़ एक हजार रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके लिए अब तक जिले के करीब 3 हजार 930 किसानों ने पंजीकरण कर दिया है।
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डीसी ने कहा कि सभी अधिकारी फील्ड में रहकर कार्य करें। ग्राम स्तर की टीमें किसानों को जागरूक करें और उन्हें फसल अवशेष प्रबंधन के लाभ तथा पराली जलाने से होने वाले नुकसान के बारे में बताएं। वहीं खंड व ग्राम स्तरीय टीमें के नोडल अधिकारी पुलिस विभाग के साथ मिलकर नियमित रूप से मॉनिटरिंग करें।
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कृषि विभाग के डीडीए जितेंद्र अहलावत ने बताया कि जिले में इस वर्ष करीब 28640 एकड़ जमीन पराली प्रबंधन को लेकर रजिस्ट्रेशन हुई है। 3930 किसानों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है। बीते वर्ष तक जिले में करीब 900 किसानों ने करीब 9300 एकड़ का फसल अवशेष प्रबंधन के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया था। उन्होंने कहा कि किसान लगातार जागरूक हो रहे हैं जो पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से बेहद अहम है।