{"_id":"6125468b8ebc3e79d63ac0a5","slug":"attention-apply-thoughtfully-on-ndc-portal-unapproved-property-will-not-be-modified-immediately-rohtak-news-rtk62187621","type":"story","status":"publish","title_hn":"सावधान! सोच समझकर करें एनडीसी पोर्टल पर आवेदन, अनअप्रूड प्रॉपर्टी नहीं होगी तत्काल संशोधित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सावधान! सोच समझकर करें एनडीसी पोर्टल पर आवेदन, अनअप्रूड प्रॉपर्टी नहीं होगी तत्काल संशोधित
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तहसील में प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री कराने के लिए नगर निगम से नो ड्यूज सर्टिफिकेट लेने के लिए सोच-समझकर आवेदन करें। अगर एक बार साफ्टवेयर ने प्रॉपर्टी अनअप्रूड कर दी तो तत्काल संशोधन नहीं होगा। क्योंकि मुख्यालय से तत्काल संशोधन प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई है।
प्रदेश सरकार ने 23 जुलाई 2020 को अचानक पूरे प्रदेश में रजिस्ट्री पर अस्थायी रोक लगा दी थी। इसके बाद अगस्त माह में प्रदेश स्तर पर एनडीसी (नो ड्यूज सर्टिफिकेट) पोर्टल लागू किया। पोर्टल से पूरे प्रदेश के नगर निगम, नगर परिषद, नगर पालिका और तहसील को जोड़ा गया। नियम बनाया गया कि रजिस्ट्री कराने के लिए पहले जहां प्रॉपर्टी हैं, उस एरिया के स्थानीय निकाय विभाग से एनओसी लेनी होगी। इसके लिए एनडीसी पोर्टल पर आवेदन करना पड़ेगा। जब नो ड्यूज सर्टिफिकेट मिल जाएगा, तब तहसील में रजिस्ट्री के लिए क्रमांक नंबर मिलेगा। इसके बाद ही रजिस्ट्री होगी। नगर निगम या दूसरे निकाय विकास शुल्क, प्रॉपर्टी टैक्स व दूसरा बकाया जमा होने के बाद ही नो ड्यूज सर्टिफिकेट ऑनलाइन देंगे।
सरकार को मिली शिकायत, तब लगाई रोक
अगर प्रॉपर्टी के कागजात या रिकॉर्ड में त्रुटि थी तो संबंधित व्यक्ति नगर निगम में पहुंच कर मूल दस्तावेज काउंटर पर जमा कराता था। इसके बाद प्रॉपर्टी का रिकार्ड अधिकारी ठीक करते थे। साथ ही अननुमोदित प्रॉपर्टी को अनुमोदित कर दिया जाता था। सूत्रों के मुताबिक सरकार को शिकायत मिल रही थी कि इस प्रक्रिया में गड़बड़ी चल रही है। ऐसे में तत्काल संशोधन प्रक्रिया पर अस्थायी रोक लगाई गई है।
विज्ञापन
1590 ऑनलाइन शिकायतों का हुआ निस्तारण
रोहतक। नगर निगम आयुक्त डॉ. नरहरि बांगड़ ने बताया कि एनडीसी पोर्टल पर अभी तक 1634 ऑनलाइन आपत्तियां आई हैं, जिनमें से लगभग 1590 का निदान किया जा चुका है। एनडीसी की समस्याओं का निदान करने के लिए नागरिक सुविधा केंद्र काउंटर नंबर चार में शुरू किया गया है, जो सुबह नौ से शाम 5 बजे तक खुलेगा।
मुख्यालय की तरफ से एनडीसी पोर्टल पर तत्काल संशोधन प्रक्रिया पर अस्थायी रोक लगाई गई है। ऐसे में आम लोगों से आग्रह है कि वे रिकार्ड व तथ्य सही ढंग से जांच पड़ताल के बाद पोर्टल पर नो ड्यूज सर्टिफिकेट के लिए आवेदन करें।
- हरदीप सिंह, डीएमसी, नगर निगम
विज्ञापन
प्रदेश सरकार ने 23 जुलाई 2020 को अचानक पूरे प्रदेश में रजिस्ट्री पर अस्थायी रोक लगा दी थी। इसके बाद अगस्त माह में प्रदेश स्तर पर एनडीसी (नो ड्यूज सर्टिफिकेट) पोर्टल लागू किया। पोर्टल से पूरे प्रदेश के नगर निगम, नगर परिषद, नगर पालिका और तहसील को जोड़ा गया। नियम बनाया गया कि रजिस्ट्री कराने के लिए पहले जहां प्रॉपर्टी हैं, उस एरिया के स्थानीय निकाय विभाग से एनओसी लेनी होगी। इसके लिए एनडीसी पोर्टल पर आवेदन करना पड़ेगा। जब नो ड्यूज सर्टिफिकेट मिल जाएगा, तब तहसील में रजिस्ट्री के लिए क्रमांक नंबर मिलेगा। इसके बाद ही रजिस्ट्री होगी। नगर निगम या दूसरे निकाय विकास शुल्क, प्रॉपर्टी टैक्स व दूसरा बकाया जमा होने के बाद ही नो ड्यूज सर्टिफिकेट ऑनलाइन देंगे।
विज्ञापन
सरकार को मिली शिकायत, तब लगाई रोक
अगर प्रॉपर्टी के कागजात या रिकॉर्ड में त्रुटि थी तो संबंधित व्यक्ति नगर निगम में पहुंच कर मूल दस्तावेज काउंटर पर जमा कराता था। इसके बाद प्रॉपर्टी का रिकार्ड अधिकारी ठीक करते थे। साथ ही अननुमोदित प्रॉपर्टी को अनुमोदित कर दिया जाता था। सूत्रों के मुताबिक सरकार को शिकायत मिल रही थी कि इस प्रक्रिया में गड़बड़ी चल रही है। ऐसे में तत्काल संशोधन प्रक्रिया पर अस्थायी रोक लगाई गई है।
विज्ञापन
1590 ऑनलाइन शिकायतों का हुआ निस्तारण
रोहतक। नगर निगम आयुक्त डॉ. नरहरि बांगड़ ने बताया कि एनडीसी पोर्टल पर अभी तक 1634 ऑनलाइन आपत्तियां आई हैं, जिनमें से लगभग 1590 का निदान किया जा चुका है। एनडीसी की समस्याओं का निदान करने के लिए नागरिक सुविधा केंद्र काउंटर नंबर चार में शुरू किया गया है, जो सुबह नौ से शाम 5 बजे तक खुलेगा।
मुख्यालय की तरफ से एनडीसी पोर्टल पर तत्काल संशोधन प्रक्रिया पर अस्थायी रोक लगाई गई है। ऐसे में आम लोगों से आग्रह है कि वे रिकार्ड व तथ्य सही ढंग से जांच पड़ताल के बाद पोर्टल पर नो ड्यूज सर्टिफिकेट के लिए आवेदन करें।
- हरदीप सिंह, डीएमसी, नगर निगम