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पीजीआई के बाहर लापरवाही से ड्राइविंग मामले में एंबुलेंस चालक दोषी करार
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रोहतक। पांच साल पहले पीजीआईएमएस के बाहर लापरवाही से ड्राइविंग करने पर एंबुलेंस के चालक मकड़ौली कलां निवासी जयभगवान उर्फ नान्हा को अदालत ने दोषी करार दिया है। जबकि उसके साथी राजेश को बरी कर दिया। अदालत ने जयभगवान द्वारा 31 अगस्त 2017 से 7 नवंबर 2017 तक न्यायिक हिरासत अवधि को सजा मानकर अंडरगोन कर दिया। जबकि राजेश को बरी कर दिया। इसके अलावा हत्या के प्रयास के आरोप साबित नहीं हो सके।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक पीजीआईएमएस के क्लर्क राजेश कुमार ने अगस्त 2017 में शिकायत दी थी कि वह अपने साथी कर्मचारी प्रकाश गिरी के साथ पीजीआई थाने में एंबुलेंस चालक जयभगवान व उसके साथी राजेश के खिलाफ शिकायत देकर लौट रहे थे। वापस लौटते समय उनके साथ रामगोपाल, वीरेंद्र लाकड़ा व वीरभान भी थे। जब वे पीजीआई की इमरजेंसी के बाहर पहुंचे तो एक एंबुलेंस आई, जिसमें मरीज भी सवार नहीं था। वैन चालक ने जान से मारने की नियत से वैन उनके बीच में घुसा दी। इससे उनके साथी राम गोपाल को चोटें आई। पुलिस ने एंबुलेंस चालक जयभगवान व परिचालक राजेश के खिलाफ लापरवाही से ड्राइविंग व हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया था। तभी से जिला अदालत में केस की सुनवाई चल ही थी। सोमवार को एएसजे मनपाल रमावत की अदालत ने एंबुलेंस चालक जयभगवान उर्फ नान्हा को लापरवाही से ड्राइविंग करने का दोषी करार दिया, जबकि उसके साथी राजेश को बरी कर दिया।
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पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक पीजीआईएमएस के क्लर्क राजेश कुमार ने अगस्त 2017 में शिकायत दी थी कि वह अपने साथी कर्मचारी प्रकाश गिरी के साथ पीजीआई थाने में एंबुलेंस चालक जयभगवान व उसके साथी राजेश के खिलाफ शिकायत देकर लौट रहे थे। वापस लौटते समय उनके साथ रामगोपाल, वीरेंद्र लाकड़ा व वीरभान भी थे। जब वे पीजीआई की इमरजेंसी के बाहर पहुंचे तो एक एंबुलेंस आई, जिसमें मरीज भी सवार नहीं था। वैन चालक ने जान से मारने की नियत से वैन उनके बीच में घुसा दी। इससे उनके साथी राम गोपाल को चोटें आई। पुलिस ने एंबुलेंस चालक जयभगवान व परिचालक राजेश के खिलाफ लापरवाही से ड्राइविंग व हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया था। तभी से जिला अदालत में केस की सुनवाई चल ही थी। सोमवार को एएसजे मनपाल रमावत की अदालत ने एंबुलेंस चालक जयभगवान उर्फ नान्हा को लापरवाही से ड्राइविंग करने का दोषी करार दिया, जबकि उसके साथी राजेश को बरी कर दिया।
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