फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   Akhara murder case: Sukhwinder Koch, accused of life threat in Sunaria jail

अखाड़ा हत्याकांड : आरोपी सुखविंद्र कोच को सुनारिया जेल में जान का खतरा

Thu, 09 Sep 2021 03:02 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 09 Sep 2021 03:02 AM IST
विज्ञापन
Akhara murder case: Sukhwinder Koch, accused of life threat in Sunaria jail
रोहतक। अखाड़ा हत्याकांड के आरोपी सुखविंद्र कोच को सुनारिया जेल में जान का खतरा है। वकील के माध्यम से अदालत में याचिका दायर कर रोहतक से करनाल या भोंडसी जेल में स्थानांतरित करने की मांग की है। एएसजे डॉ. गगनगीत कौर की अदालत ने जेल प्रशासन से 10 सितंबर तक दोबारा जवाब मांगा है। वहीं, पीड़ित पक्ष ने याचिका का विरोध किया है।
विज्ञापन

फरवरी 2021 में जाट कॉलेज के कुश्ती अखाड़े में मुख्य कोच मनोज मलिक, उसकी पत्नी साक्षी मलिक, बेटे सरजात, मथुरा निवासी महिला पहलवान पूजा, मोखरा निवासी प्रदीप मलिक व मांडोठी निवासी सतीश और मदीना निवासी अमरजीत को गोली मार दी गई थी। पांच ने मौके पर दम तोड़ दिया था, जबकि मासूम सरताज की बाद में मौत हुई थी। अमरजीत बच गया था। मामले में पुलिस ने अखाड़े के कोच सुखविंद्र को गिरफ्तार किया था, जो सुनारिया जेल में बंद हैं। उसने वकील के माध्यम से 7 सितंबर को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. गगनगीत कौर की अदालत में याचिका दायर की थी कि सुनारिया जेल में मोखरा व मांडोठी के कई युवक बंद हैं। उनसे उसे जान का खतरा है। ऐसे में उसे दूसरे जेल में स्थानांतरित कर दिया जाए।
विज्ञापन

स्पेशल सेल में बंद है आरोपी, सुरक्षा दुरुस्त : जेल प्रशासन
नोटिस मिलने पर बुधवार को जेल प्रशासन व पुलिस की तरफ से अदालत में जवाब दाखिल किया गया। जेल प्रशासन ने बताया कि आरोपी सुखविंद्र कोच अलग से सेल में बंद है। ऐसे में उसकी सुरक्षा को लेकर कोई दिक्कत नहीं है। जबकि पुलिस ने जवाब दिया कि आरोपी को करनाल या गुरुग्राम की भोंडसी जेल से जिला अदालत में लाने व ले जाने में दिक्कत होगी और समय भी लगेगा। अदालत ने जेल प्रशासन से 10 सितंबर को दोबारा जवाब दाखिल करने के लिए कहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

..........................
आरोपी सुखविंद्र कोच को दूसरी जेल में भेजने का कोई औचित्य नहीं है। जान बुझकर ट्रायल को प्रभावित करने का प्रयास है। क्योंकि अगर दूसरी जेल में आरोपी को भेजा जाता है तो ट्रायल में समय लगेगा। ऐसे में याचिका स्वीकार न की जाए। मामले में अदालत ने 10 सितंबर तक जेल प्रशासन से दोबारा जवाब मांगा है।
- एडवोकेट जयंत हुड्डा, वकील, पीड़ित पक्ष
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed