{"_id":"67ab63f3ef82ce1b5f00d5f7","slug":"after-visiting-baba-chauranginath-blessings-were-sought-for-happiness-and-prosperity-rohtak-news-c-17-roh1020-598467-2025-02-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: बाबा चौरंगीनाथ के दर्शन कर सुख-समृद्धि का मांगा आशीर्वाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: बाबा चौरंगीनाथ के दर्शन कर सुख-समृद्धि का मांगा आशीर्वाद
Wed, 12 Feb 2025 03:19 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Wed, 12 Feb 2025 03:19 AM IST
विज्ञापन
11सीटीके21बाबा मस्तनाथ मठ में माथा टेकते श्रृधालु। संवाद
रोहतक।
बाबा मस्तनाथ मठ अस्थल बोहर में मंगलवार को बाबा चौरंगीनाथ की याद में अठगामा मेले का आयोजन किया गया। मेले के दूसरे दिन आस-पास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बड़ी संख्या में दर्शन करने के लिए पहुंचे। मेले के दूसरे दिन बच्चे झूलों-पर झूलते हुए आनंद उठाया। बाबा मस्तनाथ मठ में भक्तों ने सिद्ध शिरोमणि बाबा चौरंगीनाथ महाराज और सिद्ध योगिनी पाई देवी का आशीर्वाद लिया।
माही चौदस हर वर्ष माघ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को मेले का आयोजन किया जाता है। मेले में आस-पास के गांवों के श्रद्धालुओं बाबा मस्तनाथ मठ में मत्था टेकते हैं। इस मठ की आध्यात्मिक परंपरा आठवीं शताब्दी से चली आ रही है। यह स्थल केवल भक्ति एवं तपस्या का केंद्र ही नहीं, बल्कि योग, शिक्षा, चिकित्सा और सामाजिक सेवा का अद्भुत संगम भी है।
ब्रह्म मुहूर्त से ही भक्तों की भीड़ समाधि स्थल पर उमड़नी शुरू हो गई थी। मठ में पहुंचे भक्तों ने समाधि पर जोत लगा कर गुड़ और कंबल अर्पित किए। भक्तजन भजनों और संतों की वाणी में डूबे हुए थे। भक्तों के लिए भंडारे का आयोजन किया गया।
विज्ञापन
बाबा मस्तनाथ मठ में हर साल फाल्गुन शुक्ल पक्ष की सप्तमी, अष्टमी और नवमी को बाबा मस्तनाथ की पुण्य स्मृति में भव्य मेला आयोजित किया जाता है। इस वर्ष यह 6, 7 और 8 मार्च को आयोजित होगा।
विज्ञापन
बाबा मस्तनाथ मठ अस्थल बोहर में मंगलवार को बाबा चौरंगीनाथ की याद में अठगामा मेले का आयोजन किया गया। मेले के दूसरे दिन आस-पास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बड़ी संख्या में दर्शन करने के लिए पहुंचे। मेले के दूसरे दिन बच्चे झूलों-पर झूलते हुए आनंद उठाया। बाबा मस्तनाथ मठ में भक्तों ने सिद्ध शिरोमणि बाबा चौरंगीनाथ महाराज और सिद्ध योगिनी पाई देवी का आशीर्वाद लिया।
माही चौदस हर वर्ष माघ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को मेले का आयोजन किया जाता है। मेले में आस-पास के गांवों के श्रद्धालुओं बाबा मस्तनाथ मठ में मत्था टेकते हैं। इस मठ की आध्यात्मिक परंपरा आठवीं शताब्दी से चली आ रही है। यह स्थल केवल भक्ति एवं तपस्या का केंद्र ही नहीं, बल्कि योग, शिक्षा, चिकित्सा और सामाजिक सेवा का अद्भुत संगम भी है।
विज्ञापन
ब्रह्म मुहूर्त से ही भक्तों की भीड़ समाधि स्थल पर उमड़नी शुरू हो गई थी। मठ में पहुंचे भक्तों ने समाधि पर जोत लगा कर गुड़ और कंबल अर्पित किए। भक्तजन भजनों और संतों की वाणी में डूबे हुए थे। भक्तों के लिए भंडारे का आयोजन किया गया।
विज्ञापन
बाबा मस्तनाथ मठ में हर साल फाल्गुन शुक्ल पक्ष की सप्तमी, अष्टमी और नवमी को बाबा मस्तनाथ की पुण्य स्मृति में भव्य मेला आयोजित किया जाता है। इस वर्ष यह 6, 7 और 8 मार्च को आयोजित होगा।

11सीटीके21बाबा मस्तनाथ मठ में माथा टेकते श्रृधालु। संवाद