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कोर्स पूरा होने के बाद 200 पीजी डॉक्टरों को फिर दिया एक माह का एक्सटेंशन
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पीजीआईएमएस के 200 पीजी डॉक्टर अभी संस्थान नहीं छोड़ेंगे। संस्थान से तीन महीने के एक्सटेंशन के बाद रिलीव हुए इन चिकित्सकों को रविवार को फिर एक महीने का एक्सटेंशन दे दिया गया है। ऐसे में कोर्स पूरा होने के बावजूद पीजी की पढ़ाई पूरी कर चुके इन डॉक्टरों को अभी संस्थान में ही सेवाएं देनी होगी। हालांकि, पीजी के बाद इन चिकित्सकों को दूसरे संस्थानों में अपनी नई जिम्मेदारी का इंतजार है।
महामारी का असर पीजीआई की व्यवस्था व यहां के डॉक्टरों पर भी पड़ता नजर आ रहा है। कोरोना के कारण नीट परीक्षा के स्थगित होने से संस्थान को नए पीजी स्टूडेंट्स मिलने में विलंब उत्पन्न हो गया है। जबकि संस्थान से पीजी कर रहे 225 चिकित्सक अपना कोर्स पूरा कर चुके हैं। इनमें से 25 एचसीएमएस कैडर से हैं। इन सभी चिकित्सकों को पीजी के बाद नए जीवन व कार्यभार की तलाश है। इनमें से कुछ ने तो दूसरे संस्थानों में कार्यभार संभालने की प्रक्रिया भी पूरी कर ली है। कुछ अपना सामान लेकर घर चले गए हैं। इसकी वजह 30 जुलाई को इन विद्यार्थियों का तीन महीने का एक्सटेंशन पूरा होना बताया गया है। जबकि रविवार को संस्थान के डीन ने पत्र जारी करते हुए फिर से एक महीने का एक्सटेंशन जारी किया है। इसके तहत पीजी विद्यार्थियों को अभी संस्थान में ही अपनी और सेवाएं देनी होंगी। इस निर्देश से पीजी में रोष भी बना हुआ है।
हमारा पीजी का कोर्स और तीन महीने का एक्सटेंशन 30 जुलाई को पूरा हो चुका है। इसके चलते कुछ चिकित्सक घर चले गए हैं तो कुछ ने अपनी नई नौकरी की बात कर ली है। अब रविवार दोपहर बाद फिर से पत्र जारी कर एक महीने का एक्सटेंशन और बढ़ा दिया गया है। इससे पीजी चिकित्सकों का भविष्य भी अटक गया है। पीजी के बाद चिकित्सकों को सीनियर रेजिडेंट बनना है। संस्थान यह जिम्मेदारी उन्हें दे सकती है।
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-डॉ. कुनाल गाबा, अध्यक्ष, रजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन।
संस्थान में ज्यादातर काम विद्यार्थी संभालते हैं। इस बार नीट परीक्षा आगे बढ़ने से नया बैच नहीं मिला है। ऐसे में पीजी चिकित्सक चले जाते हैं तो अस्पताल की व्यवस्था गड़बड़ा सकती है। इसलिए सरकार ने फिलहाल इन विद्यार्थियों को एक महीने का एक्सटेंशन जारी किया है।
- डॉ. गजेंद्र, जनसंपर्क प्रभारी, पीजीआई
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महामारी का असर पीजीआई की व्यवस्था व यहां के डॉक्टरों पर भी पड़ता नजर आ रहा है। कोरोना के कारण नीट परीक्षा के स्थगित होने से संस्थान को नए पीजी स्टूडेंट्स मिलने में विलंब उत्पन्न हो गया है। जबकि संस्थान से पीजी कर रहे 225 चिकित्सक अपना कोर्स पूरा कर चुके हैं। इनमें से 25 एचसीएमएस कैडर से हैं। इन सभी चिकित्सकों को पीजी के बाद नए जीवन व कार्यभार की तलाश है। इनमें से कुछ ने तो दूसरे संस्थानों में कार्यभार संभालने की प्रक्रिया भी पूरी कर ली है। कुछ अपना सामान लेकर घर चले गए हैं। इसकी वजह 30 जुलाई को इन विद्यार्थियों का तीन महीने का एक्सटेंशन पूरा होना बताया गया है। जबकि रविवार को संस्थान के डीन ने पत्र जारी करते हुए फिर से एक महीने का एक्सटेंशन जारी किया है। इसके तहत पीजी विद्यार्थियों को अभी संस्थान में ही अपनी और सेवाएं देनी होंगी। इस निर्देश से पीजी में रोष भी बना हुआ है।
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हमारा पीजी का कोर्स और तीन महीने का एक्सटेंशन 30 जुलाई को पूरा हो चुका है। इसके चलते कुछ चिकित्सक घर चले गए हैं तो कुछ ने अपनी नई नौकरी की बात कर ली है। अब रविवार दोपहर बाद फिर से पत्र जारी कर एक महीने का एक्सटेंशन और बढ़ा दिया गया है। इससे पीजी चिकित्सकों का भविष्य भी अटक गया है। पीजी के बाद चिकित्सकों को सीनियर रेजिडेंट बनना है। संस्थान यह जिम्मेदारी उन्हें दे सकती है।
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-डॉ. कुनाल गाबा, अध्यक्ष, रजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन।
संस्थान में ज्यादातर काम विद्यार्थी संभालते हैं। इस बार नीट परीक्षा आगे बढ़ने से नया बैच नहीं मिला है। ऐसे में पीजी चिकित्सक चले जाते हैं तो अस्पताल की व्यवस्था गड़बड़ा सकती है। इसलिए सरकार ने फिलहाल इन विद्यार्थियों को एक महीने का एक्सटेंशन जारी किया है।
- डॉ. गजेंद्र, जनसंपर्क प्रभारी, पीजीआई