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Rohtak: 'लाठी लेकर चलने वाला युवक मोबाइल छीनकर चलती ट्रेन से कैसे कूदा', जीआरपी चुप... आरोपी बरी
Thu, 18 May 2023 11:28 AM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)
अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Thu, 18 May 2023 11:28 AM IST
सार
रोहतक जिला अदालत में केस पांच साल से चल रहा था, बचाव पक्ष ने जीआरपी बहादुरगढ़ की जांच पर गंभीर सवाल उठाए थे। कोई ठोस सबूत के साथ जवाब नहीं होने पर सेशन जज नीरजा कुलवंत कल्सन की अदालत ने आरोपी सांपला निवासी मोहित को बरी कर दिया है।
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- फोटो : google
विस्तार
लाठी लेकर चलने वाला युवक मोबाइल फोन छीनकर कैसे चलती ट्रेन से कूद गया। हरियाणा के रोहतक में जिला अदालत में बचाव पक्ष के इस सवाल का जीआरपी बहादुरगढ़ कोई ठोस सबूत के साथ जवाब नहीं दे सकी। नतीजतन सेशन जज नीरजा कुलवंत कल्सन की अदालत ने आरोपी सांपला निवासी मोहित को बरी कर दिया।
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21 सितंबर 2019 में बहादुरगढ़ जीआरपी ने सांपला रेलवे स्टेशन पर पैसेंजर ट्रेन में झपटमारी के केस में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। दाखिल चार्जशीट में जीआरपी ने उस युवक को आरोपी बनाया था, जिसके पैर का पंजा बीमारी के चलते खराब हो चुका था। चार साल बाद अदालत में केस को लेकर सुनवाई हुई।
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बहस के दौरान जीआरपी ने बताया कि झपटमारी के बाद आरोपी मोहित सांपला रेलवे स्टेशन पर मिला, जहां चलती ट्रेन से कूदा था। उसके हाथ में शिकायतकर्ता का मोबाइल फोन था। इतना ही नहीं, शिकायतकर्ता ने उसे पहचान भी लिया।
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बहस के दौरान बचाव पक्ष ने जीआरपी की जांच पर बिंदुवार सवाल उठाए। अदालत को बताया कि आरोपी मोहित के एक पैर का पंजा बीमारी के कारण कटा हुआ है। वह लाठी के सहारे चलता है। ऐसे में वह कैसे मोबाइल फोन छीनकर चलती ट्रेन से कूद सकता है। दूसरा, मान लिया वह कूद भी गया, क्या अगले दिन उसी जगह मोबाइल फाेन लेकर बैठेगा, जहां एक दिन पहले उसने वारदात की हो।
तीसरा, शिकायतकर्ता ने वारदात के दिन ही पुलिस को शिकायत नहीं दी बल्कि घर चला गया। अगले दिन अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कराया। चौथा, जब झपटमारी हुई, उस समय मौजूद किसी यात्री को गवाह नहीं बनाया गया। न ही स्टेशन पर मौजूद सीसीटीवी कैमरों की फुटेज ली गई। इससे साफ है कि चलने में असमर्थ युवक को फंसाया जा रहा है। अदालत ने मौजूद तथ्यों के आधार पर आरोपी सांपला निवासी मोहित को बरी कर दिया।
कम से कम 10 साल की सजा है झपटमारी में
बचाव पक्ष के वकील यशवीर दहिया ने बताया कि देश के अंदर हरियाणा में झपटमारी के केस में कम से कम 10 साल की सजा है। अदालत को बताया कि सबूतों के बिना किसी को इतनी लंबी सजा मिली तो समाज में गलत संदेश जाएगा। अदालत ने उसके तर्क को माना और आरोपी को बरी कर दिया।
भिवानी के यात्री ने दी थी शिकायत
21 सितंबर 2019 को भिवानी स्थित बिड़ला कॉलोनी निवासी अजय ने जीआरपी थाना, बहादुरगढ़ में शिकायत दी कि वह दिल्ली से भिवानी पैसेंजर गाड़ी में जा रहा था। जब गाड़ी सांपला रेलवे स्टेशन पर पहुंची तो एक युवक उसका मोबाइल फोन छीनकर चलती ट्रेन से कूद गया। जीआरपी बहादुरगढ़ ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ झपटमारी का केस दर्ज किया था। अगले दिन जीआरपी ने सांपला के युवक मोहित को झपटमारी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। तीन माह वह न्यायिक हिरासत के चलते जेल में रहा तभी से जिला अदालत में उसके खिलाफ केस चल रहा था। अब उसे अदालत ने आरोपमुक्त किया है।