{"_id":"6a4828dd7d025fea4a0faf0d","slug":"a-truck-parked-by-the-roadside-without-reflectors-snatched-away-a-familys-last-hope-rohtak-news-c-17-roh1019-882232-2026-07-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: बिना लाइट-रिफ्लेक्टर सड़क किनारे खड़े ट्रक ने छीन ली घर की आखिरी उम्मीद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: बिना लाइट-रिफ्लेक्टर सड़क किनारे खड़े ट्रक ने छीन ली घर की आखिरी उम्मीद
विज्ञापन
07-मृतक तरुण। फाइल फोटो
रोहतक। सांघी गांव का एक घर इकलाैते बेटे की माैत से हमेशा के लिए सूना हो गया। आईटीआई से लौट रहे छात्र तरुण (20) की बाइक वीरवार रात मकड़ौली कलां के पास सड़क किनारे खड़े ट्रक से जा टकराई। मृतक छात्र के पिता सुरेश का आरोप है कि अंधेरे में न ट्रक की लाइट जल रही थी, न रिफ्लेक्टर लगा था।
बाइक की टक्कर इतनी जोरदार थी कि छात्र ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। पिता सुरेश निजी बस चलाकर परिवार का गुजर-बसर करते हैं। शुक्रवार को पीजीआई के डेड हाउस में बेटे का शव देख पिता बिलख पड़े। बोले-सुबह हंसी-खुशी पढ़ने गया था और रात को उसकी मौत की खबर आई।
बेटा कहता था-पापा आप चिंता मत करो, मैं कमाकर आपको घर बैठाकर खिलाऊंगा। बेटे की ये बातें सुनकर मेरा सीना गर्व से चाैड़ा हो जाता था। ...पर क्या पता था कि बेटा परिवार को बीच मझधार छोड़कर चला जाएगा। अब बेटे की यही बातें रह-रहकर याद आ रही हैं। शायद भगवान ने यहीं तक बेटे का साथ लिखा था।
विज्ञापन
हादसे के बाद आरोपी चालक ट्रक छोड़कर माैके से भाग गया। सदर थाना प्रभारी सुरेंद्र का कहना है कि अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। वहीं पिता ने सांघी गांव के श्मशान घाट में बेटे को मुखाग्नि दी।
-- -- -- -- -- --
अब बहनें किसे राखी बांधेंगी?
परिवार में तरुण की दो बड़ी बहनें रचना और नैंसी हैं। रक्षाबंधन पर भाई की कलाई पर हंसी-खुशी से राखी बांधकर उनसे जीवन भर अपनी रक्षा का वचन लेती थीं पर क्या पता था कि भाई उन्हें इस तरह अकेले छोड़कर चला जाएगा। अब बहनें किसे राखी बांधेंगी?
विज्ञापन
बाइक की टक्कर इतनी जोरदार थी कि छात्र ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। पिता सुरेश निजी बस चलाकर परिवार का गुजर-बसर करते हैं। शुक्रवार को पीजीआई के डेड हाउस में बेटे का शव देख पिता बिलख पड़े। बोले-सुबह हंसी-खुशी पढ़ने गया था और रात को उसकी मौत की खबर आई।
विज्ञापन
बेटा कहता था-पापा आप चिंता मत करो, मैं कमाकर आपको घर बैठाकर खिलाऊंगा। बेटे की ये बातें सुनकर मेरा सीना गर्व से चाैड़ा हो जाता था। ...पर क्या पता था कि बेटा परिवार को बीच मझधार छोड़कर चला जाएगा। अब बेटे की यही बातें रह-रहकर याद आ रही हैं। शायद भगवान ने यहीं तक बेटे का साथ लिखा था।
विज्ञापन
हादसे के बाद आरोपी चालक ट्रक छोड़कर माैके से भाग गया। सदर थाना प्रभारी सुरेंद्र का कहना है कि अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। वहीं पिता ने सांघी गांव के श्मशान घाट में बेटे को मुखाग्नि दी।
अब बहनें किसे राखी बांधेंगी?
परिवार में तरुण की दो बड़ी बहनें रचना और नैंसी हैं। रक्षाबंधन पर भाई की कलाई पर हंसी-खुशी से राखी बांधकर उनसे जीवन भर अपनी रक्षा का वचन लेती थीं पर क्या पता था कि भाई उन्हें इस तरह अकेले छोड़कर चला जाएगा। अब बहनें किसे राखी बांधेंगी?

07-मृतक तरुण। फाइल फोटो