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Rohtak News: कोर्ट परिसर को शहर से बाहर न ले जाया जाए, मुख्य न्यायाधीश के नाम लिखा पत्र
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17-कोर्ट परिसर को शहर से बाहर ले जाने के विरोध में एसडीएम को मांग पत्र देते लीगल एम्पावरमेंट एं
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रोहतक। जिला कोर्ट परिसर को शहर से बाहर न ले जाया जाए। मौजूदा जगह में पार्किंग की समस्या का समाधान किया जाए। महिला या पुलिस लाइन की खाली जमीन में कोर्ट काॅम्प्लेक्स भी बनाया जा सकता है। शुक्रवार को वकीलों का एक प्रतिनिधिमंडल एसडीएम आशीष कुमार से मिला और सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के नाम मांग पत्र देने के बाद मांग पत्र सौंपा।
वरिष्ठ वकील डॉक्टर दीपक भारद्वाज ने कहा कि लगातार बातें सामने आ रही हैं कि कोर्ट परिसर को शहर से बाहर स्थानांतरित किया जा रहा है। कभी कहा जाता है कि न्यायालय परिसर को एमडीयू के पास, कभी सुनारिया, सोनीपत रोड, हिसार रोड व गोहाना रोड पर स्थानांतरित करने की बात कही जा रही है।
इससे अधिवक्ताओं, कोर्ट कर्मचारियों, टाइपिस्टों, स्टाम्प विक्रेताओं व न्यायालय से जुड़े लोगों में भ्रम और असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है। उन्होंने कहा कि मौजूदा कोर्ट परिसर शहर के बीचोंबीच है जहां पहुंचना आम आदमी के लिए बेहद आसान है।
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पुराने चैंबर के अलावा नए चैंबर बन गए हैं। अगर सरकार कोर्ट परिसर बाहर स्थानांतरित करना चाहती है तो राजकीय महिला काॅलेज व पुलिस लाइन में कोर्ट परिसर को स्थानांतरित कर सकती है।
वरिष्ठ वकील डॉक्टर दीपक भारद्वाज ने कहा कि लगातार बातें सामने आ रही हैं कि कोर्ट परिसर को शहर से बाहर स्थानांतरित किया जा रहा है। कभी कहा जाता है कि न्यायालय परिसर को एमडीयू के पास, कभी सुनारिया, सोनीपत रोड, हिसार रोड व गोहाना रोड पर स्थानांतरित करने की बात कही जा रही है।
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इससे अधिवक्ताओं, कोर्ट कर्मचारियों, टाइपिस्टों, स्टाम्प विक्रेताओं व न्यायालय से जुड़े लोगों में भ्रम और असमंजस की स्थिति उत्पन्न हो गई है। उन्होंने कहा कि मौजूदा कोर्ट परिसर शहर के बीचोंबीच है जहां पहुंचना आम आदमी के लिए बेहद आसान है।
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पुराने चैंबर के अलावा नए चैंबर बन गए हैं। अगर सरकार कोर्ट परिसर बाहर स्थानांतरित करना चाहती है तो राजकीय महिला काॅलेज व पुलिस लाइन में कोर्ट परिसर को स्थानांतरित कर सकती है।