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Rohtak News: जबरन दिया 6 रुपये का कैरी बैग, अब देना होगा 3 हजार रुपये हर्जाना
Sun, 04 Feb 2024 12:55 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sun, 04 Feb 2024 12:55 AM IST
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रोहतक। मॉडल टाउन के जूता व्यापारी को जूतों के बिल में कैरी बैग के 6 रुपये जोड़ना महंगा पड़ गया। जिला उपभोक्ता आयोग ने व्यापारी को न केवल 6 रुपये वापस करने के आदेश दिए हैं, बल्कि एक हजार रुपये मानसिक उत्पीड़न और 2 हजार रुपये कानूनी खर्च के तौर पर उपभोक्ता को देने के लिए एक माह का समय दिया है। अगर समय पर धनराशि नहीं दी तो 9 प्रतिशत ब्याज समेत यह राशि देनी होगी।
आयोग के मुताबिक सलारा मोहल्ला निवासी संदीप ने 31 मार्च 2023 को आयोग में अर्जी दाखिल की थी कि उसने मॉडल टाउन स्थित जूता व्यापारी से 21 मार्च को 605 रुपये में जूते खरीदे थे। उसने स्टाफ काउंटर से कैरी बैग मांगा, लेकिन काउंटर स्टाफ ने कहा कि वह फ्री मेंं कैरी बैग नहीं देते। ऐसे में पहले ही 6 रुपये की राशि जूतों के बिल में जोड़ दी है। संदीप ने कहा कि वह कैरी बैग नहीं खरीदना चाहता। इसके बावजूद जबरन कैरी बैग के पैसे वसूल लिए। उसने आयोग में याचिका दायर कर मानसिक उत्पीड़न के लिए 50 हजार व कानूनी खर्च के तौर पर 21 हजार रुपये मुआवजे की मांग की। आयोग ने जूता व्यापारी को नोटिस भेजा, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। आयोग ने एकतरफा सुनवाई के बाद फैसला दिया है कि व्यापारी एक माह में उपभोक्ता को 6 रुपये कैरी बैग की राशि, एक हजार रुपये जुर्माना व 2 हजार रुपये कानूनी खर्च के तौर पर दे। अगर राशि नहीं दी तो 9 प्रतिशत ब्याज सहित राशि देनी पड़ेगी।
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आयोग के मुताबिक सलारा मोहल्ला निवासी संदीप ने 31 मार्च 2023 को आयोग में अर्जी दाखिल की थी कि उसने मॉडल टाउन स्थित जूता व्यापारी से 21 मार्च को 605 रुपये में जूते खरीदे थे। उसने स्टाफ काउंटर से कैरी बैग मांगा, लेकिन काउंटर स्टाफ ने कहा कि वह फ्री मेंं कैरी बैग नहीं देते। ऐसे में पहले ही 6 रुपये की राशि जूतों के बिल में जोड़ दी है। संदीप ने कहा कि वह कैरी बैग नहीं खरीदना चाहता। इसके बावजूद जबरन कैरी बैग के पैसे वसूल लिए। उसने आयोग में याचिका दायर कर मानसिक उत्पीड़न के लिए 50 हजार व कानूनी खर्च के तौर पर 21 हजार रुपये मुआवजे की मांग की। आयोग ने जूता व्यापारी को नोटिस भेजा, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। आयोग ने एकतरफा सुनवाई के बाद फैसला दिया है कि व्यापारी एक माह में उपभोक्ता को 6 रुपये कैरी बैग की राशि, एक हजार रुपये जुर्माना व 2 हजार रुपये कानूनी खर्च के तौर पर दे। अगर राशि नहीं दी तो 9 प्रतिशत ब्याज सहित राशि देनी पड़ेगी।
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