{"_id":"86-59347","slug":"Rohtak-59347-86","type":"story","status":"publish","title_hn":"आयरन की गोलियां खाने से रामपुरा की दो छात्राएं बीमार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आयरन की गोलियां खाने से रामपुरा की दो छात्राएं बीमार
Rohtak
Updated Thu, 01 Aug 2013 05:35 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भिवानी। गांव रामपुरा के राजकीय उच्च विद्यालय में आयरन की गोलियां खाने से नौवीं कक्षा की तीन छात्राएं बीमार हो गईं। छात्राओं को भिवानी के चौ. बंसीलाल मेमोरियल अस्पताल में दाखिल कराया गया है। वहीं, गांव खरक खुर्द के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में आयरन की गोलियाें के सेवन से आठ छात्राओं की हालत बिगड़ गई। छात्राएं गांव की पीएचसी में भर्ती हैं।
सोमवार को रामपुरा के राजकीय उच्च विद्यालय में नौवीं के 38 बच्चों को आयरन की गोलियां दी गई थीं। छात्रा प्रियंका, पूजा और सोनिका की गोली खाने के बाद तबीयत बिगड़ गई। प्रियंका के भाई सुमित और सोनिका की चाची पूनम ने बताया कि स्कूल में आयरन की गोली लेने के बाद शाम के समय इन दोनों छात्राओें के सिर में दर्द होने लगा। शरीर में अकड़न होने लगी और चक्कर आने लगे। उन्हें भिवानी के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में छात्राओें के साथ आए अध्यापक शक्ति सिंह और महेश ने बताया कि स्कूल में सोमवार को बच्चों को आयरन की गोलियां दी गई थीं। इन दोनों बच्चियों को शाम के समय दिक्कत हो गई। किसी अन्य बच्चे में इस प्रकार की शिकायत नहीं मिली। छात्राओं का इलाज कर रहे डॉॅॅॅॅॅ. नरेश ने बताया कि कई बार खून की कमी होने से इस प्रकार की थोड़ी बहुत दिक्कत होती है। अब लड़कियों की हालत ठीक है और चिंता की कोई बात नहीं है। आयरन की गोलियां नुकसान नहीं करती। शारीरिक कमजोरी, खून की कमी या फिर मानसिक परेशानी आदि की वजह से इस प्रकार की थोड़ी बहुत परेशानी हो जाती है।
दूसरी ओर, गांव खरक खुर्द में आयरन की गोलियों से छात्रा बिमला, सीमा, पिंकी, ललिता, मैनावती, शोमल, सोनिया और सुमन बीमार हो गई। छात्राओं को गांव की पीएचसी में भर्ती कराया गया। स्कूल की कार्यकारी प्राचार्या बबीता ने बताया कि सोमवार को स्कूल के 400 बच्चों को आयरन की गोलियां खिलाई गई थी। मंगलवार को सुबह कुछ लड़कियों ने घबराहट, सिर दर्द आदि की शिकायत की तो उनको गांव की पीएचसी में भर्ती कराया। उपचार के बाद छात्राओं को छुट्टी दे दी गई। पीएचसी के डॉ. राजेश ने बताया कि खाली पेट गोली लेने की वजह से छात्राओं को थोड़ी बहुत दिक्कत हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सोमवार को रामपुरा के राजकीय उच्च विद्यालय में नौवीं के 38 बच्चों को आयरन की गोलियां दी गई थीं। छात्रा प्रियंका, पूजा और सोनिका की गोली खाने के बाद तबीयत बिगड़ गई। प्रियंका के भाई सुमित और सोनिका की चाची पूनम ने बताया कि स्कूल में आयरन की गोली लेने के बाद शाम के समय इन दोनों छात्राओें के सिर में दर्द होने लगा। शरीर में अकड़न होने लगी और चक्कर आने लगे। उन्हें भिवानी के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में छात्राओें के साथ आए अध्यापक शक्ति सिंह और महेश ने बताया कि स्कूल में सोमवार को बच्चों को आयरन की गोलियां दी गई थीं। इन दोनों बच्चियों को शाम के समय दिक्कत हो गई। किसी अन्य बच्चे में इस प्रकार की शिकायत नहीं मिली। छात्राओं का इलाज कर रहे डॉॅॅॅॅॅ. नरेश ने बताया कि कई बार खून की कमी होने से इस प्रकार की थोड़ी बहुत दिक्कत होती है। अब लड़कियों की हालत ठीक है और चिंता की कोई बात नहीं है। आयरन की गोलियां नुकसान नहीं करती। शारीरिक कमजोरी, खून की कमी या फिर मानसिक परेशानी आदि की वजह से इस प्रकार की थोड़ी बहुत परेशानी हो जाती है।
विज्ञापन
दूसरी ओर, गांव खरक खुर्द में आयरन की गोलियों से छात्रा बिमला, सीमा, पिंकी, ललिता, मैनावती, शोमल, सोनिया और सुमन बीमार हो गई। छात्राओं को गांव की पीएचसी में भर्ती कराया गया। स्कूल की कार्यकारी प्राचार्या बबीता ने बताया कि सोमवार को स्कूल के 400 बच्चों को आयरन की गोलियां खिलाई गई थी। मंगलवार को सुबह कुछ लड़कियों ने घबराहट, सिर दर्द आदि की शिकायत की तो उनको गांव की पीएचसी में भर्ती कराया। उपचार के बाद छात्राओं को छुट्टी दे दी गई। पीएचसी के डॉ. राजेश ने बताया कि खाली पेट गोली लेने की वजह से छात्राओं को थोड़ी बहुत दिक्कत हुई है।
विज्ञापन