फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   कन्या बचाने का संदेश देगी ‘वारिस कौन’

कन्या बचाने का संदेश देगी ‘वारिस कौन’

Mon, 24 Sep 2012 12:00 PM IST
Rohtak
Rohtak Updated Mon, 24 Sep 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
रोहतक। हरियाणा में कन्या भ्रूण हत्या की गंभीर होती समस्या को हल करने में रक्तदान जागृति मंच हरियाणा ने सार्थक पहल की है। मंच ने कन्या भ्रूण संरक्षण का संदेश देते हुए एक फिल्म ‘वारिस कौन’ बनाई है। मंच के अध्यक्ष साहित्यकार मधुकांत ने हरियाणा साहित्य अकादमी द्वारा उन्हें मिले प्रथम पुरस्कार की राशि इस फिल्म के निर्माण के लिए प्रदान की है। यह राशि मधुकांत को अपनी पुस्तक कन्या भ्रूण का शाप के लिए इनाम के तौर पर मिली थी।
विज्ञापन

मधुकांत ने रविवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए फिल्म के निर्माण और इसके उद्देश्य से जुड़े तमाम पहलुओं को उजागर किया। उन्होंने कहा कि पुरुष प्रधान समाज में लड़कों को ही परिवार का वारिस समझा जाता है। लड़कों की चाहत में अनेक कन्याओं को गर्भ में ही मार दिया जाता है। जबकि आज लड़कियां किसी भी मायने में लड़कों से पीछे नहीं हैं। कई परिवारों में वारिस के लिए लड़कों के साथ-साथ लड़कियों पर भी नजर टिकने लगी है। यह फिल्म इन्हीं सब हालातों पर प्रकाश डालेगी और साथ ही यह साबित करेगी कि लड़की भी परिवार की वारिस हो सकती हैं। यह फिल्म समाजसेवी सुरेंद्र कुमार जैन की स्मृति में जैन इंडस्ट्रीज रोहतक द्वारा तैयार करवाई गई है। इस फिल्म का शुभारंभ महिला एवं बाल कल्याण परिषद की उपाध्यक्ष आशा हुड्डा ने किया था।
विज्ञापन

फिल्म के गीतकार एवं मुख्य कलाकार शिव कुमार रंगीला ने बताया कि यह फिल्म डेढ़ घंटे की है और फिल्म की सीडी का वितरण प्रदेश में निशुल्क किया जाएगा। यह फिल्म कन्या संरक्षण के साथ-साथ महिला सशक्तीकरण, अंतरजातीय विवाह, नशामुक्ति और दहेज जैसी समस्याओं पर भी प्रकाश डालती है। लेखक रामकुमार गहलावत ने फिल्म की कहानी पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अनेक माता-पिता कुल का वारिस पैदा करने के लिए कन्याओं को गर्भ में ही नष्ट कर देते हैं। फिल्म में नायिका को जुड़वां औलाद लड़का और लड़की पैदा होती है। लेकिन लालन-पालन में दोनों के साथ असमान व्यवहार किया जाता है। सभी सुविधाएं मिलने पर भी लड़का आवारा और कुल घातक बनता है, जबकि लड़की अपने पैरों पर खड़ी होकर परिवार की वारिस बनती है। इस फिल्म के निर्देशक विजय भारद्वाज हैं। फिल्म में पिंकी चौधरी, सतीश कौशिक, अनामिका बाला, रितू शर्मा, जीतू लोहचब, जोगेंद्र कुंडू, प्रदीप, वर्धन भारद्वाज, रिद्धिमा, प्रियांशी और निशा ने शानदार अभिनय किया है। फिल्म की शूटिंग के दौरान लेखक व निर्देशक राजीव राठी, जोगेंद्र शास्त्री, रणबीर सोनम, मोनू ओहल्याण, भुरू ओहल्याण, आशीष अग्रवाल, नरेश दहिया का विशेष सहयोग मिला।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed