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ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा देने वाले इन सर्विस चिकित्सकों के लिए राहत

Sun, 08 Apr 2018 03:15 AM IST
Updated Sun, 08 Apr 2018 03:15 AM IST
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ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा देने वाले इन सर्विस चिकित्सकों के लिए राहत
ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा देने वाले इनसर्विस चिकित्सकों के लिए राहत
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- एमसीआई ने इन सर्विस चिकित्सकों के लिए किया बोनस अंक का प्रावधान : परमार
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. जसबीर परमार ने बताया कि एम.सी.आई. ने पीजी रेगुलेशन 2000 में संशोधन करते हुए क्लॉज 9 में ग्रामीण क्षेत्र के इन सर्विस चिकित्सकों के लिए बोनस अंक का प्रावधान कर दिया है। जबकि दो साल पहले सुप्रीम कोर्ट ने एमसीआई के पीजी रेगुलेशन के क्लाज 9 के आधार पर कई राज्यों में प्री-पीजी परीक्षा में स्टेट कोटे में दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों के इन सर्विस चिकित्सकों के आरक्षण को खत्म करके उनके सर्विस के अनुभव के आधार पर उनको बोनस अंक देने का प्रावधान किया था। इसमें सबसे अहम ग्रामीण शब्द कहीं छूट गया था। इसकी वजह से देश के ग्रामीण क्षेत्र के इन सर्विस डॉक्टरों के लिए पीजी करने की राह दुष्कर हो गई थी। इसके साथ ही इन्हें दो हिस्सों में विभाजित कर दिया गया था। इसमें एक को दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में सेवा देने वाला और दूसरा सामान्य बताया गया।

डॉ. परमार ने बताया कि पिछले साल कई राज्यों के सेवारत चिकित्सकों के नुकसान को देखते हुए राज्य सरकारों ने एवं सुप्रीम कोर्ट ने इस रेगुलेशन में ‘ग्रामीण’ शब्द जोड़ने की अनुशंसा की थी। इसमें हरियाणा इन सर्विस डॉक्टर एसोसिएशन के अनुरोध पर हरियाणा सरकार ने केंद्र सरकार को इसके लिए पत्र लिखा, जिसे केंद्र सरकार ने स्वीकार करते हुए एम.सी.आई. को पीजी रेगुलेशन 2000 में संशोधन करने के लिए निर्देश दिया। इसी संदर्भ में एम.सी.आई. ने पांच अप्रैल को पीजी रेगुलेशन 2000 में संशोधन करते हुए प्री पीजी परीक्षा में बोनस अंक के लिए योग्यता में ग्रामीण सेवा को भी शामिल करते हुए गजट नोटिफिकेशन प्रकाशित किया। इससे देश के इन सर्विस चिकित्सकों को राहत मिली है।
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गौरतलब है कि पूर्व में प्री पीजी रेगुलेशन 2000 लागू होने से ग्रामीण क्षेत्र के इन सर्विस डॉक्टरों के हितों के नुकसान के साथ साथ उनके पदस्थापन में राजनीतिक दुरुपयोग का खतरा उत्पन्न हो गया था। इसे भांपते हुए हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन ने विभिन्न मंचों से इसका विरोध किया था और पूरे ग्रामीण क्षेत्र को बोनस अंक का फायदा देने का अनुरोध किया था। इस बाबत आल इंडिया फेडरेशन ऑफ इन सर्विस डॉक्टर्स एसोसिएशन ने केंद्र सरकार को एक पत्र जारी किया था।
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इसी क्रम में आल इंडिया फेडरेशन ऑफ इन सर्विस डॉक्टर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश ख्यालिया तथा हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. जसबीर परमार के नेतृत्व में तथा एम.सी.आई. की पीजी कमेटी के चेयरमैन डॉ. सिवाच के सहयोग से पिछले एक महीने से इस नोटिफिकेशन के गजट में छपने के लिए प्रयास किए जा रहे थे। साथ ही इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की ओर अध्यक्ष डॉ. रविवान खेडेकर ने 2 अप्रैल को विभिन्न राज्यों में हो रही प्री पीजी काउंसलिंग से पहले केंद्र सरकार पर भी वार्ता में इसके लिए दबाव डाला था ताकि इसी सत्र से इसका फायदा ग्रामीण क्षेत्र के इन सर्विस डॉक्टरों को मिल सके। इन सब प्रयासों के फलस्वरूप केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने तुरंत संज्ञान लेते हुए ग्रामीण क्षेत्र के सेवारत चिकित्सकों के हितों की रक्षा करते हुए इसे पांच अप्रैल तक गजट में छपवाने के निर्देश दिए। इस पर हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विस एसोसिएशन के महासचिव डॉ. राजेश श्योकंद, उपाध्यक्ष डॉ. एम.पी. सिंह, डॉ. मनदीप कादियान, डॉ. सतबीर सिंह ने अपनी टीम को बधाई दी है।

फोटो सहित एसएनजे08 डॉ. जसबीर
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