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क्राइम स्टोरी
Updated Thu, 28 Dec 2017 02:49 AM IST
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सीआईए-2 के पास हुई थी खरावड़ के धर्मेंद्र की हत्या
- सेक्टर दो स्थित भालौठ माइनर में मिले शव की पहचान खरावड़ के धर्मेंद्र उर्फ बच्ची के रूप में हुई
- हत्या से पहले बच्चों व पत्नी से पांच बार मोबाइल पर की बात, साढ़े दस बजे बंद हुआ मोबाइल
पापा चर्च में जाने का समय नहीं रहा
अब आप पिज्जा-बर्गर लेकर घर आना
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
पापा चर्च में जाने का समय नहीं रहा, अब आप पिज्जा-बर्गर लेकर घर आना। रात को साथ में खाएंगे। यह बात बेटी और बेटा अपने पिता के मोबाइल पर कॉल करके बार-बार कह रहे थे। मासूम क्रिसमस डे पर चर्च जाने और पिज्जा-बर्गर खाने की जिद करते रहे थे। दूसरी तरफ कुछ दरिंदों ने उनके पिता की बेरहमी से सिर कुचलकर हत्या कर दी। दिल दहला देने वाली यह दास्तां खरावड़ निवासी धर्मेंद्र उर्फ बच्ची की है। मंगलवार सुबह सीआईए 2 के नजदीक सेक्टर दो स्थित भालौठ माइनर में मिले मृतक की पहचान बुधवार को गांव खरावड़ के टैक्सी चालक धर्मेंद्र उर्फ बच्ची के रूप में हुई। धर्मेंद्र की मौत की खबर सुनते ही पूरे परिवार में कोहराम मच गया है। फिलहाल पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
बता दें कि अर्बन एस्टेट थाना पुलिस को मंगलवार सुबह करीब सात बजे राहगीरों ने सूचना दी थी कि सेक्टर दो स्थित भालौठ माइनर में एक युवक का खून से लथपथ शव पड़ा है। थाना प्रभारी देवेंद्र ने टीम सहित मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया था। जांच पड़ताल में पता चला था कि मृतक के सिर पर पत्थर व रॉड से वार करके हत्या की गई थी। पुलिस ने शव को शिनाख्त के लिए पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया गया था। मृतक के दायें हाथ पर अंग्रेजी में डीके लिखा हुआ है।
गांव के सरपंच के व्हाट्सअप पर भेजी थी मृतक की फोटो
बुधवार को पुलिस ने खरावड़ सहित आसपास के अन्य गांव के सरपंच के व्हाट्सअप पर मृतक का फोटो भेजा था। इस पर खरावड़ के सरपंच ने मृतक की पहचान कर ली। फिर मृतक के भाई को वारदात की सूचना दी गई। भाई ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर शव की शिनाख्त की। कुछ ही देर में परिवार में गांव के अन्य लोग पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। पुलिस ने मृतक का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया। धर्मेंद्र टैक्सी चलाकर परिवार का गुजारा करता था।
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सुबह नाश्ता करके दो बजे तक गली में खड़ा था धर्मेंद्र
धर्मेंद्र अपने परिवार के साथ करीब तीन साल से रोहतक के पुराना गोहाना अड्डा के पास किराये के मकान में रहता था। उसका 12 साल का बेटा रतिक और 9 साल की बेटी रिया है। उसकी पत्नी कपिला शहर के निजी स्कूल में शिक्षक है। धर्मेंद्र की पत्नी कपिला ने बताया कि उनके पति ने 25 दिसंबर को सुबह नाश्ता किया था। इसके बाद वह घर के बाहर गली में खड़े हो गए थे। वह दोपहर करीब दो बजे तक गली में ही खड़े थे। इसके बाद वह घर के बाहर से चले गए। पत्नी का कहना है कि टैक्सी भी घर पर ही खड़ी थी।
पत्नी और बच्चों ने 5 बार की कॉल, पर्स हो गया था चोरी
अचानक घर से चले जाने के बाद कपिला ने धर्मेंद्र के पास शाम करीब तीन बजे कॉल की। धर्मेंद्र ने बताया कि वह कुछ देर बाद आ रहा है। मगर देर शाम तक वह वापस नहीं आया। इसके बाद बच्चों ने धर्मेंद्र के पास कॉल की तो उसने बताया कि उसका पर्स चोरी हो गया है। धर्मेंद्र ने अपनी पत्नी से एटीएम ब्लॉक करवाने के तरीके के बारे में पूछा। फिर कहा कि वह थाने में एफआईआर दर्ज करवाकर आ रहा है। रात करीब नौ बजे जब पत्नी ने दोबारा कॉल की तो धर्मेंद्र ने कहा कि वह थाने में केस दर्ज करवा रहा है। पत्नी ने सोचा कि वह दोस्तों के साथ है इस कारण यकीन नहीं हुआ। फिर धर्मेंद्र ने एएसआई जगबीर से बात करवा दी। इसके बाद कपिला को यकीन हो गया।
साढ़े दस बजे बंद हो गया था धर्मेंद्र का मोबाइल
पत्नी कपिला का कहना है कि उसने धर्मेंद्र से अंतिम बार बात करने के बाद रात करीब साढ़े दस बजे उनके मोबाइल पर कॉल की थी, मगर मोबाइल बंद था। इसके बाद कई बार कोशिश की लेकिन मोबाइल बंद ही था। रात करीब डेढ़ बजे कपिला ने फिर से मोबाइल पर फोन किया। कोई संपर्क नहीं हुआ। मंगलवार को भी दिन भर धर्मेंद्र की तलाश होती रही, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। बुधवार सुबह कपिला के जेठ ने सूचना दी कि धर्मेंद्र का एक्सीडेंट हो गया है। कपिला व उसके बच्चों को गांव में बुलाया। यहां आने के बाद कपिला को पूरे मामले के बारे में पता चला।
मेरे बच्चों का सपना रह गया अधूरा: कपिला
धर्मेंद्र की मौत के बाद उसका परिवार परिवार बिखर गया है। कपिला ने बताया कि क्रिसमस डे पर बच्चे सुबह से ही चर्च में जाने की जिद कर रहे थे। रात तक वह इसी जिद पर अड़े रहे। मगर जब धर्मेंद्र के घर नहीं आने से बच्चों ने उनके पास फोन करके पिज्जा व बर्गर मंगवाया था। बच्चे कह रहे थे कि यदि वह चर्च नहीं जा पाए तो साथ में पिज्जा बर्गर खाएंगे। मगर धर्मेंद्र की मौत के साथ ही दोनों मासूमों के सपने चकनाचूर हो गए। वह दो दिन तक पिता का इंतजार ही करते रह गए। अभी तक भी दोनों बच्चों को उनके पिता की मौत के बारे में नहीं बताया गया है। फिलहाल वह अपनी मौसी के घर पर हैं।
बच्चों की पढ़ाई की खातिर शिफ्ट हुआ था परिवार
कई साल तक गांव में रहने के बाद धर्मेंद्र व उनकी पत्नी कपिला बच्चों की पढ़ाई के लिए शहर में शिफ्ट हुए थे। यहां आने के बाद दोनों बच्चों का दाखिला अच्छे स्कूल में करवाया। परिवार का गुजारा सही तरह से नहीं होने के कारण कपिला ने स्कूल में पढ़ाना शुरू कर दिया। बिलखती हुई कपिला कह रही थी कि उसका पूरा संसार उजड़ गया। बच्चों के सिर से पिता का साया उठने के कारण उनकी देख रेख वाला कोई नहीं रहा। वह परिवार में अकेले ही रह गई। धर्मेंद्र के तीन भाई गांव में ही परिवार के साथ रहते हैं।
धर्मेंद्र और कपिला ने 13 साल पहले की थी लव मैरिज
धर्मेंद्र और कपिला ने करीब तेरह साल पहले लव मैरिज की थी। कपिला रोहतक के दयानंद मठ की रहने वाली है। कपिला ने बताया कि उनके पति की कभी भी किसी से कहासुनी नहीं हुई और न ही किसी से दुश्मनी नहीं है। पूरा परिवार गांव में भी शांतिपूर्ण तरह से रहता है। पुलिस के मृतक के पास से उसका मोबाइल व पर्स गायब मिला है। अब पुलिस ने उसके मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाई है। ताकि पता चल सके कि हत्या के दिन धर्मेंद्र ने किस किस से बात की और उसके मोबाइल की अंतिम लोकेशन क्या थी।
वर्जन
मृतक की पहचान खरावड़ निवासी धर्र्मेंद्र उर्फ बच्ची के रूप में हुई है। उसके मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल के आधार पर आरोपियों को तलाश करने का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
एसआई देवेंद्र, एसएचओ अर्बन एस्टेट थाना
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- सेक्टर दो स्थित भालौठ माइनर में मिले शव की पहचान खरावड़ के धर्मेंद्र उर्फ बच्ची के रूप में हुई
- हत्या से पहले बच्चों व पत्नी से पांच बार मोबाइल पर की बात, साढ़े दस बजे बंद हुआ मोबाइल
पापा चर्च में जाने का समय नहीं रहा
अब आप पिज्जा-बर्गर लेकर घर आना
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
पापा चर्च में जाने का समय नहीं रहा, अब आप पिज्जा-बर्गर लेकर घर आना। रात को साथ में खाएंगे। यह बात बेटी और बेटा अपने पिता के मोबाइल पर कॉल करके बार-बार कह रहे थे। मासूम क्रिसमस डे पर चर्च जाने और पिज्जा-बर्गर खाने की जिद करते रहे थे। दूसरी तरफ कुछ दरिंदों ने उनके पिता की बेरहमी से सिर कुचलकर हत्या कर दी। दिल दहला देने वाली यह दास्तां खरावड़ निवासी धर्मेंद्र उर्फ बच्ची की है। मंगलवार सुबह सीआईए 2 के नजदीक सेक्टर दो स्थित भालौठ माइनर में मिले मृतक की पहचान बुधवार को गांव खरावड़ के टैक्सी चालक धर्मेंद्र उर्फ बच्ची के रूप में हुई। धर्मेंद्र की मौत की खबर सुनते ही पूरे परिवार में कोहराम मच गया है। फिलहाल पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
बता दें कि अर्बन एस्टेट थाना पुलिस को मंगलवार सुबह करीब सात बजे राहगीरों ने सूचना दी थी कि सेक्टर दो स्थित भालौठ माइनर में एक युवक का खून से लथपथ शव पड़ा है। थाना प्रभारी देवेंद्र ने टीम सहित मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया था। जांच पड़ताल में पता चला था कि मृतक के सिर पर पत्थर व रॉड से वार करके हत्या की गई थी। पुलिस ने शव को शिनाख्त के लिए पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया गया था। मृतक के दायें हाथ पर अंग्रेजी में डीके लिखा हुआ है।
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गांव के सरपंच के व्हाट्सअप पर भेजी थी मृतक की फोटो
बुधवार को पुलिस ने खरावड़ सहित आसपास के अन्य गांव के सरपंच के व्हाट्सअप पर मृतक का फोटो भेजा था। इस पर खरावड़ के सरपंच ने मृतक की पहचान कर ली। फिर मृतक के भाई को वारदात की सूचना दी गई। भाई ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर शव की शिनाख्त की। कुछ ही देर में परिवार में गांव के अन्य लोग पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। पुलिस ने मृतक का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया। धर्मेंद्र टैक्सी चलाकर परिवार का गुजारा करता था।
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सुबह नाश्ता करके दो बजे तक गली में खड़ा था धर्मेंद्र
धर्मेंद्र अपने परिवार के साथ करीब तीन साल से रोहतक के पुराना गोहाना अड्डा के पास किराये के मकान में रहता था। उसका 12 साल का बेटा रतिक और 9 साल की बेटी रिया है। उसकी पत्नी कपिला शहर के निजी स्कूल में शिक्षक है। धर्मेंद्र की पत्नी कपिला ने बताया कि उनके पति ने 25 दिसंबर को सुबह नाश्ता किया था। इसके बाद वह घर के बाहर गली में खड़े हो गए थे। वह दोपहर करीब दो बजे तक गली में ही खड़े थे। इसके बाद वह घर के बाहर से चले गए। पत्नी का कहना है कि टैक्सी भी घर पर ही खड़ी थी।
पत्नी और बच्चों ने 5 बार की कॉल, पर्स हो गया था चोरी
अचानक घर से चले जाने के बाद कपिला ने धर्मेंद्र के पास शाम करीब तीन बजे कॉल की। धर्मेंद्र ने बताया कि वह कुछ देर बाद आ रहा है। मगर देर शाम तक वह वापस नहीं आया। इसके बाद बच्चों ने धर्मेंद्र के पास कॉल की तो उसने बताया कि उसका पर्स चोरी हो गया है। धर्मेंद्र ने अपनी पत्नी से एटीएम ब्लॉक करवाने के तरीके के बारे में पूछा। फिर कहा कि वह थाने में एफआईआर दर्ज करवाकर आ रहा है। रात करीब नौ बजे जब पत्नी ने दोबारा कॉल की तो धर्मेंद्र ने कहा कि वह थाने में केस दर्ज करवा रहा है। पत्नी ने सोचा कि वह दोस्तों के साथ है इस कारण यकीन नहीं हुआ। फिर धर्मेंद्र ने एएसआई जगबीर से बात करवा दी। इसके बाद कपिला को यकीन हो गया।
साढ़े दस बजे बंद हो गया था धर्मेंद्र का मोबाइल
पत्नी कपिला का कहना है कि उसने धर्मेंद्र से अंतिम बार बात करने के बाद रात करीब साढ़े दस बजे उनके मोबाइल पर कॉल की थी, मगर मोबाइल बंद था। इसके बाद कई बार कोशिश की लेकिन मोबाइल बंद ही था। रात करीब डेढ़ बजे कपिला ने फिर से मोबाइल पर फोन किया। कोई संपर्क नहीं हुआ। मंगलवार को भी दिन भर धर्मेंद्र की तलाश होती रही, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। बुधवार सुबह कपिला के जेठ ने सूचना दी कि धर्मेंद्र का एक्सीडेंट हो गया है। कपिला व उसके बच्चों को गांव में बुलाया। यहां आने के बाद कपिला को पूरे मामले के बारे में पता चला।
मेरे बच्चों का सपना रह गया अधूरा: कपिला
धर्मेंद्र की मौत के बाद उसका परिवार परिवार बिखर गया है। कपिला ने बताया कि क्रिसमस डे पर बच्चे सुबह से ही चर्च में जाने की जिद कर रहे थे। रात तक वह इसी जिद पर अड़े रहे। मगर जब धर्मेंद्र के घर नहीं आने से बच्चों ने उनके पास फोन करके पिज्जा व बर्गर मंगवाया था। बच्चे कह रहे थे कि यदि वह चर्च नहीं जा पाए तो साथ में पिज्जा बर्गर खाएंगे। मगर धर्मेंद्र की मौत के साथ ही दोनों मासूमों के सपने चकनाचूर हो गए। वह दो दिन तक पिता का इंतजार ही करते रह गए। अभी तक भी दोनों बच्चों को उनके पिता की मौत के बारे में नहीं बताया गया है। फिलहाल वह अपनी मौसी के घर पर हैं।
बच्चों की पढ़ाई की खातिर शिफ्ट हुआ था परिवार
कई साल तक गांव में रहने के बाद धर्मेंद्र व उनकी पत्नी कपिला बच्चों की पढ़ाई के लिए शहर में शिफ्ट हुए थे। यहां आने के बाद दोनों बच्चों का दाखिला अच्छे स्कूल में करवाया। परिवार का गुजारा सही तरह से नहीं होने के कारण कपिला ने स्कूल में पढ़ाना शुरू कर दिया। बिलखती हुई कपिला कह रही थी कि उसका पूरा संसार उजड़ गया। बच्चों के सिर से पिता का साया उठने के कारण उनकी देख रेख वाला कोई नहीं रहा। वह परिवार में अकेले ही रह गई। धर्मेंद्र के तीन भाई गांव में ही परिवार के साथ रहते हैं।
धर्मेंद्र और कपिला ने 13 साल पहले की थी लव मैरिज
धर्मेंद्र और कपिला ने करीब तेरह साल पहले लव मैरिज की थी। कपिला रोहतक के दयानंद मठ की रहने वाली है। कपिला ने बताया कि उनके पति की कभी भी किसी से कहासुनी नहीं हुई और न ही किसी से दुश्मनी नहीं है। पूरा परिवार गांव में भी शांतिपूर्ण तरह से रहता है। पुलिस के मृतक के पास से उसका मोबाइल व पर्स गायब मिला है। अब पुलिस ने उसके मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाई है। ताकि पता चल सके कि हत्या के दिन धर्मेंद्र ने किस किस से बात की और उसके मोबाइल की अंतिम लोकेशन क्या थी।
वर्जन
मृतक की पहचान खरावड़ निवासी धर्र्मेंद्र उर्फ बच्ची के रूप में हुई है। उसके मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल के आधार पर आरोपियों को तलाश करने का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
एसआई देवेंद्र, एसएचओ अर्बन एस्टेट थाना