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जसिया रैली के बाद अचानक रोहतक से निकले मुख्यमंत्री
Updated Tue, 28 Nov 2017 02:46 AM IST
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जसिया रैली के बाद अचानक रोहतक से निकले मुख्यमंत्री
- मुख्यमंत्री ने तीन जगह रूक कर अलग दिया संदेश
- रोहतक से निकलने की प्रशासन को दो घंटे पहले हुई जानकारी
- अदालत में चल रहा है जाट आरक्षण मामला-मनोहर
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। जसिया रैली के ठीक दूसरे दिन मुख्यमंत्री रोहतक के रास्ते से निकले। राजनैतिक गलियारों में इस यात्रा के कई मायने निकाले जा रहे हैं। वहीं मुख्यमंत्री की इस यात्रा की जानकारी स्थानीय मंत्री मनीष ग्रोवर को भी नहीं दी गई। प्रशासनिक अधिकारियों को दो घंटे पहले सूचना मिली।
जाट संघर्ष समिति की जसिया में रैली हुई और समुदाय के लोग वहां पर एकत्रित हुए। उसके ठीक 24 घंटे बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल
का जसिया से होकर गुजरना और जगह-जगह रूक कर कार्यकर्ताओं से मिलना कई संदेश देता है। एक समुदाय से जुड़े लोग कहते हैं कि मुख्यमंत्री चिकोटी काटने के लिए इधर से निकले हैं। जाट संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मंच से मुख्यमंत्री को सात दिन के भीतर फैसला करने का समय दिया था। मुख्यमंत्री दूसरे दिन रोहतक में आ कर बयान दिया कि मामला अदालत से जुड़ा है अदालत अपना काम कर रही है। मुख्यमंत्री की इस मुलाकात में नान जाट लोग शामिल रहे। चामाड़िया रोड पर कुछ कार्यकर्ताओं से मिले। जबकि मकड़ौली टोल के पास एक ब्राह्मण कार्यकर्ता की दुकान पर रूके। इसके साथ ही मयना गांव में कार्यकर्ताओं से मुलाकात करते हुए निकले।
बयान..
मुख्यमंत्री मनोहर लाल को अगर अदालत की बात करनी थी तो उन्होंने समझौता क्यों किया। इतना ही नहीं उनका कहना है कि सरकार जानबूझ कर मामले को खींच रही है। अगर सरकार चाहे तो अदालत के दिए अधिकतम समय से पहले अपना पक्ष रख सकती है।
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यशपाल मलिक राष्ट्रीय अध्यक्ष जाट संघर्ष समिति ।
इसे भी जाने..
: 2 अगस्त को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के आने पर मुख्यमंत्री आए थे रोहतक
: 23 जुलाई को रोहतक में रूके थे मुख्यमंत्री
: गुरुग्राम जाने का पहले से था कार्यक्रम,रोहतक का मार्ग आखिरी समय पर चुना
: पुलिस व प्रशासन को दो घंटे पहले मिली थी जानकारी, काफिले के पास केवल उपायुक्त थे मौजूद
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- मुख्यमंत्री ने तीन जगह रूक कर अलग दिया संदेश
- रोहतक से निकलने की प्रशासन को दो घंटे पहले हुई जानकारी
- अदालत में चल रहा है जाट आरक्षण मामला-मनोहर
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। जसिया रैली के ठीक दूसरे दिन मुख्यमंत्री रोहतक के रास्ते से निकले। राजनैतिक गलियारों में इस यात्रा के कई मायने निकाले जा रहे हैं। वहीं मुख्यमंत्री की इस यात्रा की जानकारी स्थानीय मंत्री मनीष ग्रोवर को भी नहीं दी गई। प्रशासनिक अधिकारियों को दो घंटे पहले सूचना मिली।
जाट संघर्ष समिति की जसिया में रैली हुई और समुदाय के लोग वहां पर एकत्रित हुए। उसके ठीक 24 घंटे बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल
का जसिया से होकर गुजरना और जगह-जगह रूक कर कार्यकर्ताओं से मिलना कई संदेश देता है। एक समुदाय से जुड़े लोग कहते हैं कि मुख्यमंत्री चिकोटी काटने के लिए इधर से निकले हैं। जाट संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मंच से मुख्यमंत्री को सात दिन के भीतर फैसला करने का समय दिया था। मुख्यमंत्री दूसरे दिन रोहतक में आ कर बयान दिया कि मामला अदालत से जुड़ा है अदालत अपना काम कर रही है। मुख्यमंत्री की इस मुलाकात में नान जाट लोग शामिल रहे। चामाड़िया रोड पर कुछ कार्यकर्ताओं से मिले। जबकि मकड़ौली टोल के पास एक ब्राह्मण कार्यकर्ता की दुकान पर रूके। इसके साथ ही मयना गांव में कार्यकर्ताओं से मुलाकात करते हुए निकले।
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बयान..
मुख्यमंत्री मनोहर लाल को अगर अदालत की बात करनी थी तो उन्होंने समझौता क्यों किया। इतना ही नहीं उनका कहना है कि सरकार जानबूझ कर मामले को खींच रही है। अगर सरकार चाहे तो अदालत के दिए अधिकतम समय से पहले अपना पक्ष रख सकती है।
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यशपाल मलिक राष्ट्रीय अध्यक्ष जाट संघर्ष समिति ।
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: 2 अगस्त को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के आने पर मुख्यमंत्री आए थे रोहतक
: 23 जुलाई को रोहतक में रूके थे मुख्यमंत्री
: गुरुग्राम जाने का पहले से था कार्यक्रम,रोहतक का मार्ग आखिरी समय पर चुना
: पुलिस व प्रशासन को दो घंटे पहले मिली थी जानकारी, काफिले के पास केवल उपायुक्त थे मौजूद