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पानीपत से गोहाना तक पहली बार दौड़ा इलेक्ट्रिक इंजन
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रोहतक। गोहाना से पानीपत तक रेलवे ट्रैक के हुए इलेक्ट्रीफिकेशन (विद्युतीकरण) का बुधवार को कमिश्नर रेलवे सेफ्टी शैलेश कुमार पाठक और डीआरएम आरएन सिंह ने बारीकी से निरीक्षण किया। इलेक्ट्रिक इंजन के पैंटो के पास हाई रेजूल्यूशन (उच्च दृश्य क्षमता) का कैमरा लगाया गया। इसकी मदद से दोनों अधिकारियों ने इंजन के पैंटों के संपर्क में आने से होने वाले रिएक्शन को देखा। रोहतक रेलवे स्टेशन पर दोनों अधिकारियों ने बताया कि चेकिंग में कोई खास तकनीकी खामी नहीं मिली है। कुछ स्थानों पर सुधार के आदेश दिए गए हैं, जो जल्द हो जाएंगे।
बताते चले रेवाड़ी-रोहतक-पानीपत रेलवे ट्रैक का इलेक्ट्रीफिकेशन किया गया है। रेवाड़ी से रोहतक के बीच में बिछी लाइनों को चेक किया जा चुका है। रोहतक में एलीवेटेड रेलवे ट्रैक का निर्माण किया जा रहा है जिसकी वजह से गोहाना तक बिजली की लाइन बिछाने का काम नहीं किया गया है। गोहाना से पानीपत तक बिजली की लाइन बिछाने का काम पूरा हो चुका है जिसका बुधवार को निरीक्षण किया गया। पहली बार इस ट्रैक पर बिजली का इंजन दौड़ा, जिसके साथ-साथ उच्चाधिकारियों का विशेष कोच लगा हुआ था। रोहतक रेलवे स्टेशन पर डीआरएम ने बताया कि मामूली खामियां मिली थी, जिन्हें दुरुस्त करने के आदेश कर दिए गए हैं।
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बताते चले रेवाड़ी-रोहतक-पानीपत रेलवे ट्रैक का इलेक्ट्रीफिकेशन किया गया है। रेवाड़ी से रोहतक के बीच में बिछी लाइनों को चेक किया जा चुका है। रोहतक में एलीवेटेड रेलवे ट्रैक का निर्माण किया जा रहा है जिसकी वजह से गोहाना तक बिजली की लाइन बिछाने का काम नहीं किया गया है। गोहाना से पानीपत तक बिजली की लाइन बिछाने का काम पूरा हो चुका है जिसका बुधवार को निरीक्षण किया गया। पहली बार इस ट्रैक पर बिजली का इंजन दौड़ा, जिसके साथ-साथ उच्चाधिकारियों का विशेष कोच लगा हुआ था। रोहतक रेलवे स्टेशन पर डीआरएम ने बताया कि मामूली खामियां मिली थी, जिन्हें दुरुस्त करने के आदेश कर दिए गए हैं।
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