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28 साल पहले उपचुनाव में खेले गए खूनी खेल मामले में अदालत ने जारी किए नोटिस
Updated Sun, 15 Jul 2018 02:13 AM IST
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28 साल पहले उपचुनाव में खेले गए खूनी खेल मामले में अदालत ने जारी किए नोटिस
-5 सितंबर को होगी केस में सुनवाई, इनेलो नेता समेत कई लोगों को अदालत में होना है पेश
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। महम में 28 साल पहले उपचुनाव के दौरान खेले गए खूनी खेल का मामला एक बार फिर चर्चाओं में है। अदालत ने इस मामले में संलिप्त इनेलो नेता समेत कई लोगों को नोटिस जारी किया है। केस की अगली सुनवाई पांच सितंबर को होगी। यहां इन लोगाें को हाजिर होकर अपना जवाब देना है। इस संबंध में एक वीडियो भी वायरल हुआ है। इसमें महम विधायक आनंद सिंह दांगी एक पार्टी विशेष पर खूनी खेल खेले जाने का आरोप लगा रहे हैं।
शनिवार को यू ट्यूब पर वायरल हुई एक वीडियो लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी रही। इसमें विधायक दांगी ने वर्ष 1990 में हुए उपचुनाव के दौरान फायरिंग मामले में टिप्पणी की गई है। विधायक का आरोप है कि 1990 का महम कांड एक क्षेत्रीय पार्टी के नेता की उपज थी। उसने उपचुनाव में बूथ कैप्चरिंग की। इसका विरोध होने पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी गई। इस फायरिंग में हमारे मजबूत साथी भी मारे गए। इसके बाद से मामला अदालत में विचाराधीन है। अब अदालत ने आरोपियों समेत कुछ लोगाें को नोटिस जारी किया है। ऐसे में न्याय की आस बंधी है।
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-5 सितंबर को होगी केस में सुनवाई, इनेलो नेता समेत कई लोगों को अदालत में होना है पेश
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। महम में 28 साल पहले उपचुनाव के दौरान खेले गए खूनी खेल का मामला एक बार फिर चर्चाओं में है। अदालत ने इस मामले में संलिप्त इनेलो नेता समेत कई लोगों को नोटिस जारी किया है। केस की अगली सुनवाई पांच सितंबर को होगी। यहां इन लोगाें को हाजिर होकर अपना जवाब देना है। इस संबंध में एक वीडियो भी वायरल हुआ है। इसमें महम विधायक आनंद सिंह दांगी एक पार्टी विशेष पर खूनी खेल खेले जाने का आरोप लगा रहे हैं।
शनिवार को यू ट्यूब पर वायरल हुई एक वीडियो लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी रही। इसमें विधायक दांगी ने वर्ष 1990 में हुए उपचुनाव के दौरान फायरिंग मामले में टिप्पणी की गई है। विधायक का आरोप है कि 1990 का महम कांड एक क्षेत्रीय पार्टी के नेता की उपज थी। उसने उपचुनाव में बूथ कैप्चरिंग की। इसका विरोध होने पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी गई। इस फायरिंग में हमारे मजबूत साथी भी मारे गए। इसके बाद से मामला अदालत में विचाराधीन है। अब अदालत ने आरोपियों समेत कुछ लोगाें को नोटिस जारी किया है। ऐसे में न्याय की आस बंधी है।
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