{"_id":"5b3fdc9a4f1c1bb6248b4e20","slug":"81530911898-rohtak-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"उपभोक्ता फोरम का फैसला : बिना परमिट एक्सीडेंट होना क्लेम न देने का आधार नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उपभोक्ता फोरम का फैसला : बिना परमिट एक्सीडेंट होना क्लेम न देने का आधार नहीं
Updated Sat, 07 Jul 2018 02:48 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
उपभोक्ता फोरम का फैसला : परमिट न होने पर भी बीमा लेने के हकदार हैं आप
बिना परमिट एक्सीडेंट होना क्लेम न देने का आधार नहीं
: बीमा कंपनी को दिए 75 प्रतिशत राशि ब्याज सहित देने के आदेश
: पांच हजार रुपये हर्जाना भी किया तय
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। बिना परमिट अगर सड़क हादसे में कोई वाहन क्षतिग्रस्त होता है तो बीमा कंपनी यह कहकर क्लेम नहीं रोक सकती कि वाहन मालिक ने परमिट नहीं ले रखा था। जिला उपभोक्ता फोरम ने एसबीआई की बीमा कंपनी को आदेश दिए कि ट्रक मालिक कन्हेली निवासी जितेंद्र को मुआवजे के 2 लाख 4 हजार 750 रुपये की राशि 9 प्रतिशत ब्याज सहित दे। साथ ही पांच हजार रुपये हर्जाने के तौर पर दिए जाएं।
एडवोकेट सुमित कुमार ने बताया कि जितेंद्र ने ट्रक खरीदा था, जिसके लिए ऑल इंडिया का परमिट लिया। 21 अप्रैल 2017 को परमिट की अवधि खत्म हो गई। आठ दिन बाद 29 अप्रैल को ट्रक यूपी में सड़क किनारे खड़ा था। पीछे से वाहन ने टक्कर मारकर क्षतिग्रस्त कर दिया। जितेंद्र ने एसबीआई की बीमा कंपनी से क्लेम मांगा। कंपनी ने यह कहकर इंकार कर दिया कि ट्रक क्षतिग्रस्त हरियाणा से बाहर यूपी में हुआ है। साथ ही उसका परमिट भी खत्म हो गया था। ऐसे में बीमा राशि नहीं दी जा सकती। ट्रक मालिक ने इसकी शिकायत जिला उपभोक्ता फोरम में की। फोरम ने बीमा कंपनी से जवाब मांगा। दोनों पक्षों की बहस के बाद फैसला दिया कि सड़क हादसे के बाद बीमे का क्लेम और परमिट खत्म होना, दोनों अलग-अलग मामले हैं। ऐसे में बीमा कंपनी को 75 प्रतिशत क्लेम की राशि ट्रक मालिक को देनी होगी। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय तहत वाहन मालिक ट्रैफिक के सभी नियमों का पालन करें। ऐसे में 25 प्रतिशत क्लेम राशि काटी जाती है, क्योंकि ट्रक मालिक ने समय पर परमिट लाइसेंस रिन्यू नहीं कराया।
बिना परमिट एक्सीडेंट होना क्लेम न देने का आधार नहीं
: बीमा कंपनी को दिए 75 प्रतिशत राशि ब्याज सहित देने के आदेश
: पांच हजार रुपये हर्जाना भी किया तय
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक। बिना परमिट अगर सड़क हादसे में कोई वाहन क्षतिग्रस्त होता है तो बीमा कंपनी यह कहकर क्लेम नहीं रोक सकती कि वाहन मालिक ने परमिट नहीं ले रखा था। जिला उपभोक्ता फोरम ने एसबीआई की बीमा कंपनी को आदेश दिए कि ट्रक मालिक कन्हेली निवासी जितेंद्र को मुआवजे के 2 लाख 4 हजार 750 रुपये की राशि 9 प्रतिशत ब्याज सहित दे। साथ ही पांच हजार रुपये हर्जाने के तौर पर दिए जाएं।
एडवोकेट सुमित कुमार ने बताया कि जितेंद्र ने ट्रक खरीदा था, जिसके लिए ऑल इंडिया का परमिट लिया। 21 अप्रैल 2017 को परमिट की अवधि खत्म हो गई। आठ दिन बाद 29 अप्रैल को ट्रक यूपी में सड़क किनारे खड़ा था। पीछे से वाहन ने टक्कर मारकर क्षतिग्रस्त कर दिया। जितेंद्र ने एसबीआई की बीमा कंपनी से क्लेम मांगा। कंपनी ने यह कहकर इंकार कर दिया कि ट्रक क्षतिग्रस्त हरियाणा से बाहर यूपी में हुआ है। साथ ही उसका परमिट भी खत्म हो गया था। ऐसे में बीमा राशि नहीं दी जा सकती। ट्रक मालिक ने इसकी शिकायत जिला उपभोक्ता फोरम में की। फोरम ने बीमा कंपनी से जवाब मांगा। दोनों पक्षों की बहस के बाद फैसला दिया कि सड़क हादसे के बाद बीमे का क्लेम और परमिट खत्म होना, दोनों अलग-अलग मामले हैं। ऐसे में बीमा कंपनी को 75 प्रतिशत क्लेम की राशि ट्रक मालिक को देनी होगी। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय तहत वाहन मालिक ट्रैफिक के सभी नियमों का पालन करें। ऐसे में 25 प्रतिशत क्लेम राशि काटी जाती है, क्योंकि ट्रक मालिक ने समय पर परमिट लाइसेंस रिन्यू नहीं कराया।
विज्ञापन