फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   ठंड : तापमान गिरा, बाजार हुआ गरम

ठंड : तापमान गिरा, बाजार हुआ गरम

Mon, 04 Dec 2017 12:59 AM IST
Updated Mon, 04 Dec 2017 12:59 AM IST
विज्ञापन
ठंड : तापमान गिरा, बाजार हुआ गरम
ठंड : तापमान गिरा, बाजार हुआ गरम
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
गिरता तापमान और कड़कड़ाती ठंड का असर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में नजर आने लगा है। अस्पतालों में जहां खांसी-जुकाम और अस्थमा के मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी होने लगी है वहीं बाजारों में गरम कपड़े और खाद्य पदार्थ बेचने वालों की चांदी होने लगी है। जिले का न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच चुका है। विशेषज्ञों ने अपना बचाव कर सर्दी का आनंद उठाने के लिए कुछ टिप्स दिए हैं। जिला प्रशासन ने भी रात को शहरी क्षेत्रों में सर्दी से बचाव करने के लिए अलाव जलाने के अलावा रैन बसेरों की व्यवस्था करने का दावा किया है। विशेषज्ञों ने ठंड से बच्चों, बुजुर्गों का बचाव करने, ग्रामीण क्षेत्रों में फसलों और पशुओं पर असर की जानकारी दी है। धुंध में बढ़ती दुर्घटनाओं के मद्देनजर यातायात पुलिस ने भी सड़कों पर सफेद पट्टी लगाकर लोगों के लिए अलग से एडवाइजरी जारी कर दी है। डॉक्टरों का कहना है कि बचाव कर ठंड का आनंद उठाना चाहिए। इसमें खानपान और पहनावे का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए।

स्वास्थ्य : हार्ट अटैक के बढ़ जाते हैं केस
हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. रणबीर का कहना है कि ठंड शुरू होते ही सबसे पहले बुजुर्गों और बच्चों को संभालने की जरूरत होती है। पारा गिरने से हार्ट अटैक के केस बढ़ने के साथ बीपी और सांस की बीमारियां बहुत अधिक बढ़ जाती है। इसकी चपेट में सबसे ज्यादा बुजुर्ग आते हैं। जैसे ही लोग घरों से बाहर निकलते हैं तो शरीर अंदर का तापमान बनाए रखने के लिए आर्टरी सिकुड़ जाती है। इससे खून का बहाव धीमा पड़ जाता है। इसके चलते ही हार्ट अटैक आने से मौत तक हो जाती है। बच्चों में निमोनिया के केस बढ़ जाते हैं। इसका बढ़ा कारण ठंड के समय घर से बाहर निकलना होता है।
विज्ञापन

--------------
खानपान: गरम चीजें खाएं, हल्का व्यायाम करें
डॉ. रणबीर का कहना है कि मौसम बदलते ही लोगों को अपनी दिनचर्या में भी बदलाव कर लेना चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि बच्चे और बुजुर्ग धूप निकलने के बाद ही घरों से निकलें। इसी के साथ खानपान में ताजा सब्जियों का प्रयोग ज्यादा करें। फ्राइड खाने से बचें। शाम के समय मूंगफली, सूप जैसी गर्म खाद्य पदार्थों का उपयोग किया जा सकता है। कुछ लोग बिना व्यायाम के फैट की चीजों को उपयोग करते हैं। इससे शरीर में फैट बढ़ जाता है। इसके लिए जरूरी है कि खानपान के साथ हल्का व्यायाम जरूर करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

-----------------
दादी के नुस्खे : गुड़ की चाय सबसे बेहतर
वृद्ध महिला चमेली देवी का कहना है कि सर्दी में बचाव के लिए जैसे फसलों में पानी दिया जाता है उसी प्रकार स्वास्थ्य के लिए देशी नुकते भी कामयाब हैं। इनसे शरीर में कोई नुकसान होता। सर्दी में गुड़ की चाय रामबाण होती है। रात में सोते समय गुड़ और नमक लेने से खांसी-जुकाम ठीक हो जाता है। बच्चों को सर्दी लगने पर गाय के मूत्र में लहसुन की कली गर्म करके गोमूत्र पिलाने से बच्चे ठीक हो जाते हैं। आज भी यह सूत्र कामयाब है लेकिन आजकल की महिलाएं इससे परहेज करती हैं।


रैन बसेरे : रेडक्रास विभाग और नगर परिषद ने किए केवल दावे
नगर परिषद और रेडक्रास विभाग के दावे खोखले साबित हुए। दोनों ही विभागों के अधिकारियों का कहना था कि सर्दी के मद्देनजर अलाव और रैन बसेरों की व्यवस्था की गई है लेकिन देर रात तक रेडक्रास के रैन बसेरों में ताले लटके रहे दूसरी तरफ नगर परिषद के एमई अजय सिक्का का कहना था कि रेलवे स्टेशन पर अलाव की व्यवस्था की गई है जबकि वहां भी कुछ नहीं मिला। इससे पहले रेडक्रास के सहायक सचिव रवि हुड्डा का कहना था कि विभाग की तरफ से रोडवेज बस स्टैंड और रेडक्रास भवन में रैन बसेरों की व्यवस्था की गई है। इनमें पानी और अन्य जरूरी चीजों की व्यवस्था करने के साथ ही जरूरतमंदों के लिए गर्म कपड़े रखे गए हैं। रेडक्रास भवन में महिलाओं के लिए अलग से व्यवस्था की गई है। इसी के साथ बावल में भी नगर पालिका की तरफ से रैन बसेरा बनाया गया है। वहीं धारूहेड़ा में जगह की तलाश की जा रही है।
-------------------
बाजार: शहर में बिकने लगे गर्म कपड़े और खाद्य पदार्थ
ठंड शुरू होते ही शहर में अनेक स्थानों पर गर्म कपड़ों के बाजार सजे हैं। शहर के हुडा ग्राउंड से लेकर संडे मार्केट में गर्म कपड़ों की लोग बड़ी संख्या में खरीद कर रहे हैं। इसी के साथ लोग गोंद के लड्डू बनाने के साथ मूंगफली और अन्य गरम खाद्य पदार्थों की खरीद कर रहे हैं। लोगों का मानना है कि इस बार कुछ ज्यादा ठंड पड़ेगी, इस कारण पहले से ही इंतजाम करना बेहतर है।
--------------

दुधारू पशु: खुले में नहीं बांधें, गुड़ खिलाएं
पशुपालन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. राजकुमार ने पशुओं को ठंड से बचाने के लिए विशेष हिदायतें जारी की गई हैं। उनका कहना है कि पशुओं को ठंड से बचाने के दिन में एक बार गुड़ जरूर खिलाएं। इस के अलावा पशुओं को खुले में नहीं बांधे। उनको एक तापमान पर रखना जरूरी है। पशुओं के छप्पर आदि को अच्छी तरह से कवर करकर रखें। इसी के साथ पशुओं को चिलेटिड पाउडर का सेवन कराएं।
--------------------

यातायात: स्पीड पर दें ध्यान, तभी होगा दुर्घटनाओं का समाधान
यातायात निरीक्षक के सूरजभान का कहना है कि धुंध में दुर्घटना का होना ओवर स्पीड ही सबसे बड़ा कारण होता है। चालकों को स्पीड का विशेष ध्यान रखना चाहिए। हाईवे और अन्य रूटों पर पर कई बार धुंध दिखती है। वहीं कुछ देर बाद हट जाती है। अचानक ब्रेक लगाने से होने वाली सड़क दुर्घटनाओं से बचने के लिए सीट बेल्ट लगाना जरूरी है। ठंड और धुंध के मद्देनजर सड़कों पर सफेद पट्टी बनाई जा रही हैं। इसी के साथ लोक निर्माण विभाग की मदद से सड़क के ऊपर पीली लाइटें लगवाने का काम शुरू कर दिया गया है। ब्लाइंड मोड़ पर स्पेशल बोर्ड लगाए जा रहे हैं। धुंध के समय में वाहनों की लाइटें ऊपर से आधी काली रखें, जिससे रोड दिखाई दे। फॉग लाइटों का उपयोग करें। स्कूलों में जाकर जागरूकता अभियान चलाया गया है। किसी हादसे की सूचना प्रिंसिपल और पुलिस को दें। इसके लिए हेल्प लाइन नंबर 1098 पर सूचित कर सकते हैं। लाइसेंस आदि चेक किए जा रहे हैं। नजरों आदि के लिए मेडिकल कराया गया है।
-------------

तापमान : ज्यादा अंतर किसानों के लिए चिंता
कृषि वैज्ञानिक डॉ. जेस यादव का कहना है कि बीते करीब दस दिन से जिले में तापमान में चार गुणा का अंतर चल रहा है। न्यूनतम तापमान जहां 6 डिग्री सेल्सियस के आसपास है, वहीं अधिकतम तापमान 27 के करीब चल रहा है। अधिकतर लोग गेहूं की बिजाई कर चुके हैं। कम तापमान इसके लिए वरदान है लेकिन तापमान में भारी अंतर चिंता का विषय है। तापमान 6 और 12 डिग्री सेल्सियस के बीच रहना चाहिए। तभी उपज अच्छी होगी।
-------------

मौसम का हाल, किसानों की जुबानी
इस विषय में किसानों का कहना है कि इस बार गत वर्ष कि तुलना में सर्दी काफी कम है इसके बाद भी बचाव और फसलों की बढ़वार के लिए पानी देना जरूरी है। इस विषय में गांव भाकली के युवा किसान सतबीर का कहना है कि सर्दी से बचाव के लिए सरसों और गेहूं में पानी कि जरूरत है। किसान लगातार पानी देने में लगे है हालांकि उन्हें बिजली का अभाव के कारण पानी में देरी हो रही है।
सुधराना निवासी अजीत का कहना है कि सर्दी से जैसे तैसे गेहूं और सरसों को किसान बचा लेंगे लेकिन अधिक सर्दी होने से सब्जियों को बचा पाना मुश्किल होगा। उनका कहना हे कि इस बार किसानों को बिजली भी धोखा देने में कोई कमी नही छोड़ रही है।
इस विषय में कोसली निवासी अनिल कुमार का कहना है कि सर्दी से बचाव के लिए किसान फसलों में पानी देने में लगा है। उनका कहना है कि फसलों को बचाने का एकमात्र सहारा पानी ही है।

इस विषय में लूला अहीर के किसान कंवर पाल का कहना है कि इस बार हालांकि ऐसी सर्दी अभी नही हुई है कि वह गेहूं, सरसों, चना, मटर के लिए नुकसानदायक हो लेकिन इससे आगे बढ़ती सर्दी से बचाव के लिए किसान पहले ही फसलों में पानी लगाना शुरू कर दिया है। इससे न केवल फसलों में बढ़वार होगी बल्कि सर्दी से भी बचाव होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed