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स्कूल अलॉटमेेंट के लिए 42 डिग्री तापमान में सड़क पर बैठ अभिभावकों-बच्चों ने लगाया जाम
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रोहतक। सोमवार दोपहर 12 बजे। पारा 42 डिग्री। सिर पर सूरज। तीखी धूप और सड़क पर वाहनों की लंबी कतार। यह नजारा सोमवार को पुलिस लाइन के साथ बने बीआरसी केंद्र के बाहर सड़क का था। नियम 134 ए के तहत अब तक बच्चों को स्कूल अलॉटमेंट न होने से आक्रोशित अभिभावकों ने यहां ड्रम डालकर जाम लगा दिया। अभिभावक मुख्यमंत्री से मिलने की जिद पर डेढ़ घंटे अड़े रहे। सड़क जाम होने से सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। इस दौरान वाहन चालकों व जाम लगाने वालों के बीच कई बार नोकझोंक भी हुई। जाम की सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची। दोपहर एक बजे के बाद एएसपी डॉ. अंशु सिंगला व एसडीएम राकेश कुमार ने अभिभावकों को समझाकर जाम खुलवाया।
प्रदेश भर में नियम 134 ए की प्रक्रिया चल रही है। यह प्रक्रिया तय शेड्यूल से इतनी देरी से चल रही है कि बच्चों को जो स्कूल 15 अप्रैल को अलॉट होने थे। विभाग के नवीनतम पत्र के अनुसार अब स्कूलों के अलॉट होने की तिथि एक मई है। शिक्षा विभाग की लेट लतीफी से परेशान अभिभावकों ने दो जमा पांच मुद्दे जन आंदोलन के अध्यक्ष सत्यवीर सिंह हुड्डा के साथ मिलकर रोड जाम कर दिया। अभिभावकों ने दोपहर 12 बजे पुलिस लाइन के पास स्थित बीआरसी केंद्र के सामने रोड जाम कर दिया। अभिभावकों द्वारा लगाए गए इस जाम से स्कूलों से लौट रहे बच्चों के अलावा उनके अभिभावक, पीजीआई जाने वाले मरीज व आम जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। मामले की सूचना पाकर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। जाम के लगभग एक घंटे बाद एएसपी डॉ. अंशु सिंगला भी अभिभावकों को समझाने पहुंची। अभिभावकों ने सीएम से मिलने की बात कही तो एसएसपी ने उन्हें एसडीएम राकेश कुमार से मुलाकात करवानेे की बात कही। मामले की सूचना पाकर मौके पर बीडीओ व एसडीएम राकेश कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने अभिभावकों से उनकी परेशानी सुनीं व उनसे लिखित में उनकी शिकायत ली।
काम आई एएसपी की वाटर डिप्लोमेसी
बीआरसी केंद्र के पास जाम की सूचना पाकर रोहतक की एएसपी डॉ. अंशु सिंगला मौके पर पहुंचीं। उन्होंने अभिभावकों की परेशानी सुनीं और उनसे जाम खोलने की अपील की। जब अभिभावकों ने जाम नहीं खोला तो उन्होंने अभिभावकों को समझाने की बजाए पानी पिलाना शुरू कर दिया। इसके बाद अभिभावक मान गए और सड़क से हट गए।
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एसडीएम ने दिया मामले की जांच का आश्वासन
जाम की सूचना पाकर एसडीएम राकेश कुमार मौके पर पहुंच गए। उन्होंने वहां पर लोगों से उनकी शिकायतें सुनी। उन्होंने लोगों को उनकी शिकायतें लिखित में देने की बात कही। उन्होंने कहा कि इस मामले की वो खुद ही जांच करेंगे व दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
एसएचओ ने जाम में फंसी एंबुलेंस निकलवाई
जाम के दौरान सिविल लाइन पुलिस थाने के एसएचओ नरेश चंद्र टीम लेकर मौके पर पहुंचे। वहां पर उन्होंने लोगों को समझाने की कोशिश की। इस दौरान वहां पर एक एंबुलेंस पहुंची। एसएचओ ने लोगों को समझा बुझाकर एंबुलेंस को तो निकलवा दिया, परंतु जब एंबुलेंस के साथ-साथ अन्य वाहन चालक भी अपने वाहन निकालने लगे तो लोगों की उनके साथ तीखी बहस हुई।
जाम में फंसी स्कूल बस
जाम के कारण आम जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली छात्रों को हुई। जाम विभिन्न स्कूलों की बसें फंसी रहीं। ये बसें वहां से वापस भी नहीं हो सकती थीं। इसके अतिरिक्त अनेकों नन्हे मुन्ने बच्चे जाम का शिकार हुए जो स्कूल की छुट्टी होने के बाद अपने अभिभावकों के साथ घर लौट रहे थे।
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प्रदेश भर में नियम 134 ए की प्रक्रिया चल रही है। यह प्रक्रिया तय शेड्यूल से इतनी देरी से चल रही है कि बच्चों को जो स्कूल 15 अप्रैल को अलॉट होने थे। विभाग के नवीनतम पत्र के अनुसार अब स्कूलों के अलॉट होने की तिथि एक मई है। शिक्षा विभाग की लेट लतीफी से परेशान अभिभावकों ने दो जमा पांच मुद्दे जन आंदोलन के अध्यक्ष सत्यवीर सिंह हुड्डा के साथ मिलकर रोड जाम कर दिया। अभिभावकों ने दोपहर 12 बजे पुलिस लाइन के पास स्थित बीआरसी केंद्र के सामने रोड जाम कर दिया। अभिभावकों द्वारा लगाए गए इस जाम से स्कूलों से लौट रहे बच्चों के अलावा उनके अभिभावक, पीजीआई जाने वाले मरीज व आम जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। मामले की सूचना पाकर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। जाम के लगभग एक घंटे बाद एएसपी डॉ. अंशु सिंगला भी अभिभावकों को समझाने पहुंची। अभिभावकों ने सीएम से मिलने की बात कही तो एसएसपी ने उन्हें एसडीएम राकेश कुमार से मुलाकात करवानेे की बात कही। मामले की सूचना पाकर मौके पर बीडीओ व एसडीएम राकेश कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने अभिभावकों से उनकी परेशानी सुनीं व उनसे लिखित में उनकी शिकायत ली।
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काम आई एएसपी की वाटर डिप्लोमेसी
बीआरसी केंद्र के पास जाम की सूचना पाकर रोहतक की एएसपी डॉ. अंशु सिंगला मौके पर पहुंचीं। उन्होंने अभिभावकों की परेशानी सुनीं और उनसे जाम खोलने की अपील की। जब अभिभावकों ने जाम नहीं खोला तो उन्होंने अभिभावकों को समझाने की बजाए पानी पिलाना शुरू कर दिया। इसके बाद अभिभावक मान गए और सड़क से हट गए।
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एसडीएम ने दिया मामले की जांच का आश्वासन
जाम की सूचना पाकर एसडीएम राकेश कुमार मौके पर पहुंच गए। उन्होंने वहां पर लोगों से उनकी शिकायतें सुनी। उन्होंने लोगों को उनकी शिकायतें लिखित में देने की बात कही। उन्होंने कहा कि इस मामले की वो खुद ही जांच करेंगे व दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
एसएचओ ने जाम में फंसी एंबुलेंस निकलवाई
जाम के दौरान सिविल लाइन पुलिस थाने के एसएचओ नरेश चंद्र टीम लेकर मौके पर पहुंचे। वहां पर उन्होंने लोगों को समझाने की कोशिश की। इस दौरान वहां पर एक एंबुलेंस पहुंची। एसएचओ ने लोगों को समझा बुझाकर एंबुलेंस को तो निकलवा दिया, परंतु जब एंबुलेंस के साथ-साथ अन्य वाहन चालक भी अपने वाहन निकालने लगे तो लोगों की उनके साथ तीखी बहस हुई।
जाम में फंसी स्कूल बस
जाम के कारण आम जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली छात्रों को हुई। जाम विभिन्न स्कूलों की बसें फंसी रहीं। ये बसें वहां से वापस भी नहीं हो सकती थीं। इसके अतिरिक्त अनेकों नन्हे मुन्ने बच्चे जाम का शिकार हुए जो स्कूल की छुट्टी होने के बाद अपने अभिभावकों के साथ घर लौट रहे थे।